
विजयवाड़ा, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। करुण नायर ने रणजी ट्रॉफी में अपना 20वां सैकड़ा स्थापित किया, जबकि पहली पारी में केवल आठ रन बना पाकर आंध्र के खिलाफ हुए झटके से उबरते हुए उन्होंने शानदार शतक लिखा। कर्नाटक के अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर ने इस महत्वपूर्ण मैच में अपने टीम के लिए एक नई ऊँचाई तय की।
मैच के पहले दिन, नायर का प्रदर्शन निराशाजनक रहा; वह केवल आठ रन बना पाए और उनका आउट होना टीम के लिए एक बड़ी बाधा बन गया। फिर भी, नायर ने हार नहीं मानी और दूसरे इनिंग्स में पूरी दृढ़ता के साथ बेतहाशा परिश्रम किया। दूसरे सत्र में उन्होंने बॉल को बेहतरीन तरीके से मारा और लगातार शॉट्स लगाते हुए स्कोर बोर्ड पर अपना नाम चमकाया।
जैसे ही उनका स्कोर बढ़ता गया, दर्शकों और टीम सदस्यों की उम्मीदें भी बढ़ती गईं। अंततः, नायर ने शतक पर पहुंचते ही अपने 20वें शतक को जोड़ लिया, जिससे वह कर्नाटक के इतिहास में एक विशेष स्थान पर कब्जा कर गया। यह शतक न केवल उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड में इजाफा था, बल्कि टीम को भी बड़ी राहत प्रदान कर रहा था, क्योंकि पहली पारी की नाकामी के बाद टीम को दोबारा संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता थी।
इस जीत ने कर्नाटक को आगे के मैचों में आत्मविश्वास दिया और नायर की पुनरुज्जीवन की कहानी को एक प्रेरणादायक उदाहरण बना दिया। इस उपलब्धि को देखते हुए कई विश्लेषकों ने कहा कि करुण नायर का यह शतक उनके अनुभव और धैर्य का प्रमाण है, जो किसी भी कठिन स्थिति से उबरकर फिर से चमक सकते हैं। इस तरह, विजयवाड़ा में हुए इस मैच ने भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक और यादगार पन्ना जोड़ दिया।
