
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय युवा कांग्रेस ने बुधवार को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार बहाल करने के साथ‑साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की। इस अवसर पर कई युवा कार्यकर्ता, छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्र हुए और अपने उद्देश्यों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में कांग्रेस के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी सुनिश्चित करना है। अगर वर्तमान प्रबंधन इस दिशा में सहयोग नहीं करता, तो हमें नेतृत्व में बदलाव की आवश्यकता है।” इस बयान के बाद उपस्थित लोगों ने तालियों और नारेबाजी के साथ समर्थन जताया।
इसी दौरान राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने महिला कार्यकर्ताओं पर हुए मारपीट के मामलों में एफआईआर की माँग की। एनएसयूआई के प्रवक्ता ने कहा, “हमें महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है और ऐसे किसी भी अपराध के लिए तुरंत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अभियोजन प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जानी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाई जानी चाहिए।
पुलिस ने मार्च को शांति‑पूर्वक समाप्त करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए, परंतु उन्होंने किसी भी प्रकार की अवैध कार्रवाई को रोकने के लिए सतर्कता बरती। पुलिस प्रमुख ने कहा, “हम सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करते हैं और इस प्रकार के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को सुविधाजनक बनाने के लिए तत्पर हैं।”
समग्र रूप से, इस प्रदर्शन ने लोकतांत्रिक अधिकारों के संरक्षण, चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफे की माँग और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में त्वरित न्याय की आवश्यकता को उजागर किया। सभी पक्षों से आशा की जा रही है कि सरकार इन मुद्दों को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाएगी।
