
रियाद, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव फिर से तीव्र हो गया है। सऊदी अरब ने मंगलवार को उत्तरी यमन में स्थित एक बड़े फ्यूल डिपो पर सटीक हवाई हमला किया, जिसे वह “हूती द्वारा लगातार मिसाइल और ड्रोन उत्पादन में इस्तेमाल किया गया” बताता है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस लक्ष्य को मारने के लिए सऊदी वायु सेना ने उन्नत पावडर‑गाइडेड बमों का उपयोग किया, जिससे डिपो में मौजूद बड़ी मात्रा में ईंधन को नष्ट कर दिया गया और संभावित हथियार निर्माण को रोक दिया गया।
गठबंधन के प्रवक्ता ने कहा, “हमने एक ऐसी सुविधा को नष्ट किया है जो सीधे तौर पर हमारी सुरक्षा को खतरा पैदा कर रही थी। इस कार्रवाई का उद्देश्य हूती की लम्बी अवधि की सैन्य क्षमता को सीमित करना और नागरिकों को आगे के हमलों से बचाना है।” उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि इस हमले में कोई नागरिक क्षति नहीं हुई और किसी भी नागरिक को चोट नहीं लगी।
हूती प्रतिनिधि ने इस हमले को “अवैध अमेरिकी‑सऊदी बमबारी” के रूप में निंदा की, यह कहा कि उन्होंने इस लक्ष्य को नहीं बनाया था और यह “यमन की संप्रभुता के खिलाफ एक कृत्य” है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस प्रकार की “आक्रामकता” के खिलाफ कड़ी निंदा करने का आह्वान किया।
सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के एक वरिष्ठ सैन्य विश्लेषक ने बताया कि इस प्रकार के लक्ष्य को मारना “हूती की लॉजिस्टिक सप्लाई लाइन्स को कमजोर करने के व्यापक रणनीतिक अभियान” का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “हम लगातार निगरानी करते हैं और जब भी कोई ऐसी सुविधा पाते हैं जो दुश्मन को शक्ति प्रदान करती है, हम तुरंत कार्रवाई करेंगे।”
इस हवाई हमले के बाद, संयुक्त राष्ट्र के मानवीय एजेंसियों ने क्षेत्र में मानवीय स्थिति पर निगरानी जारी रखने का वचन दिया, साथ ही सभी पक्षों से अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान करने का अनुरोध किया।
