सावन : आस्था, प्रकृति और शिव भक्ति का पावन संगम
उदय कुमार सिंह
भारतीय सनातन संस्कृति में श्रावण मास, जिसे सामान्य रूप से सावन कहा जाता है, धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से वर्ष का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। वर्षा ऋतु के मध्य आने वाला यह महीना केवल प्राकृतिक सौंदर्य और हरियाली का ही प्रतीक नहीं है, बल्कि भक्ति, तप, संयम, लोकजीवन और सामाजिक समरसता का भी संदेश देता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि सावन का प्रत्येक दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष फलदायी होता है। यही कारण है कि पूरे महीने देशभर के शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, कांवड़ यात्रा, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रहती है।
सावन को 'पावस ऋतु' का प्रमुख महीना भी कहा जाता है। इस दौरान वर्षा से धरती हरी-भरी हो जाती है, खेत-खलिहानों में नई जान आ जाती है और प्रकृति अपने सबसे सुंदर स्वरूप में दिखाई देती है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति और अध्यात्...









