Saturday, August 1खबर जो असर करे |
Shadow

PM मोदी से छत्तीसगढ़ के CM विष्णुदेव साय…. विकास परियोजनाओं पर चर्चा कर मांगी मदद

रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Chief Minister Vishnu Dev Sai) शुक्रवार को दिल्ली में थे, जहां उन्होंने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात कर प्रदेश के विकास, बस्तर के कायाकल्प और राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं (Key Projects) के संबंध में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने राज्य से जुड़ी तीन अहम परियोजनाओं को लेकर प्रधानमंत्री का समर्थन मांगा। जिनमें 10,500 करोड़ रुपए के प्रस्तावित गैस-आधारित यूरिया प्रोजेक्ट की जल्द मंजूरी, 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने और रायपुर या बस्तर में AIIA (अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान) की स्थापना करने की मांग की।


इस बारे में राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी को छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों और विशेष रूप से बस्तर के विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने राज्य में तीन बड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग देने का अनुरोध किया।


गैस आधारित यूरिया प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की मांग
इस मुलाकात के दौरान साय ने प्रधानमंत्री से राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग 10,500 करोड़ रुपए की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधामंत्री को बताया कि प्रोजेक्ट के लिए जमीन पहले ही आवंटित की जा चुकी है और राज्य-स्तर की सभी जरूरी मंजूरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रोजेक्ट किसानों को खाद की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करके काफी फायदा पहुंचाएगा और साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा सहायक आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।


461 गांवों तक बिजली पहुंचाने की मांग भी की
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित संवेदनशील इलाकों के ऐसे 461 गांवों तक बिजली पहुंचाने का मामला भी प्रधानमंत्री के सामने उठाया, जहां पूर्व में सुरक्षा एवं भौगोलिक कारणों से विद्युत ग्रिड पहुंचाना संभव नहीं था और वर्तमान में ऑफ-ग्रिड माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।


AIIA की स्थापना करने के लिए भी कहा
इसके अलावा सीएम साय ने पीएम मोदी से रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना के प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय किये जाने का भी अनुरोध किया। राज्य सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर और अन्य जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय वनस्पतियों एवं पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत है। राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और औषधीय वनस्पतियों पर आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाएं विकसित होंगी।


प्रधानमंत्री के सामने रखा ‘बस्तर विजन’
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के सामने ‘बस्तर विजन’ पेश करते हुए कहा कि यह क्षेत्र तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि ‘नियाद नेल्लनार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ के माध्यम से सरकार बस्तर संभाग के सभी 5,542 गांवों में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना सुनिश्चित कर रही हैं, जिससे लगभग 39 लाख लोगों को लाभ मिल रहा है।


CM ने बताया नक्सल प्रभावित इलाकों में फिर खुले 421 स्कूल
बस्तर में शिक्षा के क्षेत्र में आए परिवर्तन की जानकारी देते हुए उन्होंने पीएम को बताया कि पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र की प्रमुख योजनाएं– जिनमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), आयुष्मान भारत, जन धन योजना, वन अधिकार अधिनियम के लाभ और प्रधानमंत्री आवास योजना शामिल हैं – अब सबसे दूर-दराज और सबसे कमजोर समुदायों तक भी पहुंच रही हैं।


साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि कि नई औद्योगिक विकास नीति लागू होने के बाद राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जिसमें एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल BPO, गारमेंट, चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे क्षेत्र भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *