
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर 12 अक्टूबर को प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट मार्च पर अधिवक्ताओं ने तीखा विरोध व्यक्त किया। ऑल इंडिया बार एसोसिएशन (AIBA) के अध्यक्ष तथा सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. आदीश कुमार ने कहा कि इस प्रकार का सार्वजनिक प्रदर्शन लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है और न्यायिक संस्थानों की अखंडता को नुकसान पहुँचा सकता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संसद में इस मुद्दे से संबंधित नया प्रस्ताव लाने पर विचार किया जाना चाहिए, जिससे राजनीतिक समाधान के लिए विधायी मंच का उपयोग किया जा सके। डॉ. आदीश ने कहा, “यदि इस विषय पर विचार‑विमर्श करना है, तो वह संसद में होना चाहिए, न कि न्यायालय के बाहर बड़े पैमाने पर धरना‑देहड़ियों के रूप में।”
अधिवक्ता संघों ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की वैध विरोध भावना को शांति‑पूर्ण, कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों से व्यक्त किया जाना चाहिए, न कि कोर्ट के सामने अनिवार्य मार्च के रूप में। इस बीच, विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर अपने‑अपने मत प्रकट किए, जबकि कुछ ने इस प्रस्तावित मार्च को लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के अधिकार के रूप में समर्थन किया।
