
झांसी, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के झांसी में चार साल पुराना जहर‑खिलाने वाले अपहरण मामला फिर से कानूनी दायरे में आया है। अभियोजन पक्ष ने क्राइम सीन का दोहराव किया और प्रमुख साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे फैसला जल्द सुनाई दे सकता है।
डीजीसी क्राइम ने घटना स्थल पर जाकर घटनाक्रम के पहलुओं को विस्तार से समझा, जिससे मामले की जटिलताओं में नई रोशनी पड़ी। अभियोजन के वकीलों ने कहा कि आरोपी को जहर देकर अपहरण करने की साजिश स्पष्ट रूप से सिद्ध हुई है और इसे सख्त दंड के साथ दण्डित किया जाना चाहिए।
जिला न्यायालय में चल रहे इस मुकदमे में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे हैं। रक्षा पक्ष ने अभी तक सभी आरोपों को खारिज करने का आग्रह किया है, जबकि अभियोजन ने साक्ष्य‑आधारित मजबूत केस पेश किया है।
यदि न्यायालय इस बार अभियोजन के प्रस्तुत दस्तावेज़ों को स्वीकार करता है, तो जहरीले अपहरण के मामले में जल्द ही निर्णय सुनाया जा सकता है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी।
