
रायपुर, 08 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने छत्तीसगढ़ की कई प्रमुख पोषण एवं स्वास्थ्य पहलों को उजागर किया। उन्होंने वजन त्यौहार को बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के प्रभावी उपाय के रूप में सराहा और बाल गृहों में नियमित स्वास्थ्य जाँच एवं पोषण समर्थन की प्रशंसा की। शिविर में प्रस्तुत साप्ताहिक आहार योजना को भी एक मॉडल के तौर पर माना गया, जो निचले आय वर्ग के परिवारों को संतुलित पोषण प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही है। इसके साथ ही हर घर मुनगा अभियान की सफल कार्यवाही को राष्ट्रीय मंच पर विशेष मान्यता मिली, जिससे ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में मुनगा के उत्पादन को बढ़ावा देकर आय में सुधार और पोषण सुरक्षा दोनों को सुदृढ़ किया जा रहा है। इन पहलों को केंद्र एवं राज्य स्तर पर निरंतर समर्थन मिलने से छत्तीसगढ़ की बाल पोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति में उल्लेखनीय प्रगति की उम्मीद व्यक्त की गई।
