Thursday, October 8खबर जो असर करे |
Shadow

नेशनल हाईवे को जाम फ्री बनाने की तैयारी…. फास्टैग और वाहन डेटाबेस की मदद से होगी एडवांस प्लानिंग

नई दिल्ली। देश में नेशनल हाईवे (National Highway) के निर्माण और ट्रैफिक प्रबंधन की पुरानी परिपाटी बदलने जा रही है। अब हाईवे पर घंटों लंबे जाम और हादसों का इंतजार करने के बजाय सरकार (Government) फास्टैग (FASTag) और वाहन डेटाबेस (Vehicle Database) की मदद से एडवांस प्लानिंग करेगी। इसके तहत किसी हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से दो-तीन साल पहले ही उसके चौड़ीकरण या बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।


सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फास्टैग अब सिर्फ टोल वसूली का जरिया नहीं रहेगा। इसके डेटा का उपयोग ट्रैफिक पैटर्न, गाड़ियों की रफ्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग में किया जाएगा। वर्तमान में किसी हाईवे सेक्शन पर वाहनों की संख्या उसकी कुल क्षमता के 75 से 80 प्रतिशत तक पहुंचेगी तो डिजिटल सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से चौड़ीकरण, बाईपास या एलिवेटेड कॉरिडोर की जरूरत के लिए अलर्ट कर देगा। इससे गंभीर जाम की स्थिति पैदा होने से 2 से 3 साल पहले ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो सकेगा।


दूसरे रास्तों की सलाह से सफर आसान होगा
अधिकारी ने बताया कि त्योहारों, लंबे सप्ताहांत या छुट्टियों के दौरान टोल प्लाजा पर अचानक गाड़ियों का दबाव बढ़ जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एआई आधारित ट्रैफिक कंट्रोल रूम फास्टैग ट्रेंड्स का विश्लेषण कर पहले ही पहचान लेगा कि किस टोल पर कतारें लग सकती हैं। सिस्टम सड़क यात्रियों को राजमार्गयात्रा ऐप, गूगल मैप्स और हाईवे पर लगे वेरिएबल मैसेज साइनेज के जरिए टोल प्लाजा से 20-30 किलोमीटर पहले ही वैकल्पिक रास्तों की सटीक जानकारी दे दी जाएगी।


मार्च 2027 तक बैरियर मुक्त होंगे टोल
पीक आवर्स में टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करने के लिए मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएचएफएफ) और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) आधारित बैरियर-मुक्त व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे वाहन 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बिना थमे टोल क्षेत्र पार कर सकेंगे। सड़क परिवहन मंत्रालय, एनएचएआई, अधिकारियों और गति शक्ति सेल की संयुक्त समीक्षा बैठक में इस डिजिटल रोडमैप को अंतिम रूप दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *