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MP: मोहन यादव मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं नए चेहरे…. कैबिनेट में बदलाव की सुगबुगाहट तेज

भोपाल। मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल (Madhya Pradesh Cabinet) में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) और प्रदेश अध्यक्ष के दिल्ली दौरे के बाद से पैदा हुई हलचलों में कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिमंडल से कई दिग्गज मंत्री बाहर हो सकते हैं, वहीं उनकी जगह नए या फिर पुराने चेहरों को मौका मिल सकता है। हालांकि ऐसा कब तक होगा, इसके लिए कोई निश्चित तारीख बता पाना जल्दबाजी होगी, लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha elections) के संपन्न होने के बाद ये बदलाव देखने को मिल सकता है।


शीर्ष नेताओं से मिले सीएम यादव
बताया जा रहा है कि दिल्ली दौरे में सीएम मोहन यादव पार्टी के शीर्ष स्तर के नेताओं के साथ मिले थे। इनमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जैसे शीर्ष स्तर के नेता शामिल रहे थे। कहा जा रहा है कि उन बैठकों में मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई थी, जिसके बाद मीडिया में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जाने लगे कि किसका पत्ता कटेगा और किसे मौका मिलेगा।


प्रदेश प्रभारी भी घोषित होने हैं…
अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव होने के बाद कुछ प्रदेशों में प्रदेश प्रभारी भी घोषित होने हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि मंत्रिमंडल के दिग्गज और एक्सपीरियंस चेहरों को सरकार से हटाकर संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। क्योंकि, आने वाले समय में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जा सकती है।


तजुर्बेकार नेताओं को मिल सकती अन्य राज्यों की कमान
उदाहरण के तौर पर बंगाल चुनाव में कैलाश विजयवर्गीय को मौका मिला है, पंजाब के प्रभारी रहे हरियाणा के नरेंद्र सिंह तोमर भी कमान संभाल चुके हैं। बिहार चुनाव में किए गए बेहतरीन प्रदर्शन में एमपी मॉडल से मिले लाभ की भी चर्चाएं हैं। ऐसे में संगठन के स्तर पर प्रदेश के कई दिग्गज नेता अहम भूमिका निभाते हैं, जो कि आने वाले चुनावों में काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।


कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, उदय प्रताप सिंह जैसे दिग्गज नेता लंबे समय से मध्य प्रदेश की राजनीति कर रहे हैं। इन्हें काफी अनुभव हो चुका है। ऐसे में संभावना है कि पार्टी उन्हें अन्य राज्यों की जिम्मेदारी सौंप दे ताकि उनके अनुभवों को और ज्यादा भुनाया जा सके।


कब तक हो सकता है बदलाव
बदलाव के समय को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है, लेकिन ऐसा अनुमान है कि ये फेरबदल मार्च के आखिरी तक राज्यसभा चुनाव संपन्न होने के बाद हो सकता है। चूंकि 2027 में राज्य के अंदर निकाय चुनाव होने हैं, ऐसे में जो भी बदलाव होगा वो चुनावों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। ताकि सभी वर्ग को प्रतिनिधित्व मिल सके। यानी नाम को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है कि किसे शामिल किया जाएगा और किसे बाहर।


बताया जा रहा है कि राज्य के मंत्रियों-विधायकों की रिपोर्ट भी तैयार की गई थी, जिसे आलाकमान के पास सौंपा गया है। इसके आधार पर फैसला लिया जा सकता है कि किन मंत्रियों का कामकाज संतोषजनक नहीं है। वहीं ठीक काम करने वाले और आलाकमान से नजदीकियां/खास रखने वालों को मौका मिल सकता है।

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