मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का भारत पर क्या होगा असर? जानिए 5 बड़े प्रभाव
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। यदि क्षेत्र में संघर्ष और गहराता है या होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में समुद्री आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका असर भारत सहित दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए विशेषज्ञ संभावित आर्थिक प्रभावों पर नजर बनाए हुए हैं।
तेल और गैस की आपूर्ति पर पड़ सकता है असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है। भारत के कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) आयात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। यदि इस समुद्री मार्ग पर आवाजाही बाधित होती है, तो तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे ऊर्जा लागत बढ़ने की आशंका रहेगी।
बढ़ सकता है भ...









