चिंताजनक: 17 लाख उपग्रह और अंतरिक्ष दर्पण, तारों की दुनिया को बना देंगे इतिहास; वैज्ञानिकों की चेतावनी क्या?
नई दिल्ली। सदियों से इंसान जिस तारों भरे आसमान को विस्मय और जिज्ञासा के साथ देखता आया है, वह आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदल सकता है। पृथ्वी की निचली कक्षा में बड़ी संख्या में नए उपग्रहों और विशाल अंतरिक्ष दर्पणों को भेजने की प्रस्तावित योजनाओं ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि इन परियोजनाओं पर बिना किसी प्रभावी नियंत्रण के अमल हुआ तो रात का प्राकृतिक अंधकार धीरे-धीरे समाप्त होने लगेगा, दूरस्थ आकाशगंगाओं, पृथ्वी जैसे ग्रहों और ब्रह्मांड की खोज को बाधित कर सकती है।यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी (ईएसओ) के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन के निष्कर्ष प्रतिष्ठित शोध पत्रिका एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स में प्रकाशित हुए हैं। अध्ययन के अनुसार पृथ्वी की कक्षा में किसी भी समय अधिकतम लगभग 1 लाख अपेक्षाकृत मंद उपग्रह ही होने चाहिए। इसके विपरीत विभिन्न कंपनियों और संस...









