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Day: July 21, 2026

नड्डा संग वार्ता से नहीं निकला हल, CJP ने तेज किया आंदोलन; जंतर-मंतर पर रातभर डटे रहे प्रदर्शनकारी

नड्डा संग वार्ता से नहीं निकला हल, CJP ने तेज किया आंदोलन; जंतर-मंतर पर रातभर डटे रहे प्रदर्शनकारी

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच सोमवार को पहली बार औपचारिक बातचीत हुई, लेकिन यह बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात के बाद CJP ने साफ कहा कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। पार्टी ने अब ऐलान किया है कि आगे की बातचीत तभी होगी, जब सरकार का प्रतिनिधि खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। इस बीच संसद की ओर निकाले गए 'संसद चलो' मार्च को दिल्ली पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके दौरान लाठीचार्ज की भी खबर सामने आई। CJP ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए। CJP बोली- बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक से कोई समाधान नहीं निकला। उनके मुताबिक सरकार ने आंदोलनकारियों क...
पूर्वी एशिया में बढ़ा तनाव: जापान की नई सैन्य रणनीति पर चीन की कड़ी चेतावनी, ड्रोन कार्यक्रम बना विवाद की वजह

पूर्वी एशिया में बढ़ा तनाव: जापान की नई सैन्य रणनीति पर चीन की कड़ी चेतावनी, ड्रोन कार्यक्रम बना विवाद की वजह

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अब पूर्वी एशिया में भी सुरक्षा तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। चीन और जापान के बीच रक्षा तैयारियों और सैन्य आधुनिकीकरण को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। चीन ने जापान के तेजी से विकसित हो रहे ड्रोन और मानव रहित सैन्य प्रणालियों पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया है कि टोक्यो अपनी पारंपरिक "आत्मरक्षा" नीति की सीमाओं से आगे बढ़ रहा है। PLA के मुखपत्र ने जताई चिंता चीन की सेना के आधिकारिक समाचार पत्र PLA Daily ने हालिया संस्करण में जापान के मानव रहित सैन्य कार्यक्रमों पर कई विश्लेषण प्रकाशित किए हैं। इनमें दावा किया गया है कि जापान लंबी दूरी तक हमला करने, जवाबी कार्रवाई करने और अमेरिका के साथ संयुक्त अभियानों में सक्षम सैन्य क्षमताएं विकसित कर रहा है। चीनी विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकता है। जापान के ...
बलूचिस्तान में बढ़ते संकट से CPEC पर दबाव, चीन की बढ़ीं मुश्किलें; भारत के लिए क्या हैं रणनीतिक संकेत?

बलूचिस्तान में बढ़ते संकट से CPEC पर दबाव, चीन की बढ़ीं मुश्किलें; भारत के लिए क्या हैं रणनीतिक संकेत?

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के लिए नई चुनौती बनते जा रहे हैं। अलगाववादी हिंसा, चीनी परियोजनाओं पर हमले और सुरक्षा संबंधी चिंताओं ने चीन के अरबों डॉलर के निवेश पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर बलूचिस्तान की कथित "स्वतंत्रता घोषणा" भी चर्चा का विषय बनी, हालांकि उसे किसी देश या अंतरराष्ट्रीय संस्था की मान्यता नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात का असर केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय रणनीतिक समीकरण और चीन की दीर्घकालिक निवेश योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। वायरल 'स्वतंत्रता घोषणा' पर क्या है स्थिति? जुलाई 2026 में सोशल मीडिया पर एक कथित घोषणा सामने आई, जिसमें "रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान" के गठन का दावा किया गया। इसमें अलग झंडा, मुद्रा और प्रश...
जयपुर की पुश्तैनी हवेली में ‘खजाना’ मिलने का दावा, सोने के कलश और चांदी गायब करने का आरोप; पुलिस जांच में जुटी

जयपुर की पुश्तैनी हवेली में ‘खजाना’ मिलने का दावा, सोने के कलश और चांदी गायब करने का आरोप; पुलिस जांच में जुटी

राष्ट्रीय
जयपुर। राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र स्थित त्रिपोलिया बाजार के विद्याधर का रास्ता इन दिनों एक कथित खजाने की कहानी को लेकर सुर्खियों में है। एक पुश्तैनी हवेली की खुदाई के दौरान सोना, चांदी और प्राचीन सिक्के मिलने का दावा किया गया है। हालांकि इस कथित खजाने को लेकर विवाद तब गहरा गया, जब हवेली मालिक ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य से जुड़े लोगों ने बहुमूल्य सामान अपने कब्जे में कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी सरकारी एजेंसी ने खजाना मिलने की पुष्टि नहीं की है। हवेली मालिक ने लगाए गंभीर आरोप हवेली के मालिक राहुल सेठी ने माणक चौक थाने में दर्ज शिकायत में दावा किया है कि खुदाई के दौरान 14 से 15 कलश मिले, जिनमें सोने के सिक्के भरे हुए थे। इसके अलावा करीब 40 से 45 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मिलने की बात भी शिकायत म...
भारत में धरना-प्रदर्शन के क्या हैं नियम? कब लेनी पड़ती है पुलिस की अनुमति और क्या कहता है संविधान

भारत में धरना-प्रदर्शन के क्या हैं नियम? कब लेनी पड़ती है पुलिस की अनुमति और क्या कहता है संविधान

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार माना जाता है। भारत का संविधान भी लोगों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने की स्वतंत्रता देता है। हालांकि यह अधिकार पूर्णतः असीमित नहीं है। सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शन, रैली या मार्च आयोजित करने से पहले कई मामलों में प्रशासनिक अनुमति लेना आवश्यक होता है। हाल के दिनों में संसद मार्च और धरना-प्रदर्शन को लेकर उठे विवादों के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है कि भारत में प्रदर्शन के लिए क्या नियम हैं और पुलिस किन परिस्थितियों में अनुमति देने या रोक लगाने का अधिकार रखती है। संविधान क्या अधिकार देता है? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है। वहीं अनुच्छेद 19(1)(b) नागरिकों को ब...
Ayodhya : राम मंदिर ट्रस्ट अब हर माह वेबसाइट पर अपलोड करेगा ऑडिट रिपोर्ट, चढ़ावा चोरी के बाद बदली कार्यप्रणाली..

Ayodhya : राम मंदिर ट्रस्ट अब हर माह वेबसाइट पर अपलोड करेगा ऑडिट रिपोर्ट, चढ़ावा चोरी के बाद बदली कार्यप्रणाली..

राज्य, राष्ट्रीय
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) ने चढ़ावा चोरी प्रकरण (Offering Theft Incident) के बाद अपनी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। अब ट्रस्ट प्रत्येक माह की ऑडिट रिपोर्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करेगा, ताकि देश-विदेश के करोड़ों रामभक्त मंदिर की आय-व्यय और ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी सीधे देख सकें। इसके साथ ही वेबसाइट पर ट्रस्ट के प्रशासनिक निर्णयों, निर्माण कार्यों और अन्य प्रमुख गतिविधियों का भी नियमित अपडेट किया जाएगा। अब तक ट्रस्ट की वित्तीय ऑडिट वर्ष में केवल एक बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद तैयार की जाती थी। यह रिपोर्ट ट्रस्ट की बैठक में ट्रस्टियों के समक्ष प्रस्तुत की जाती थी, लेकिन आम श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध नहीं होती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हर महीन...
J&K में भयंकर बाढ़ से बिगड़े हालात …. लाल चौक समेत कई इलाके हुए जलमग्न, दिल्ली पहुंचे सीएम

J&K में भयंकर बाढ़ से बिगड़े हालात …. लाल चौक समेत कई इलाके हुए जलमग्न, दिल्ली पहुंचे सीएम

राज्य, राष्ट्रीय
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में सोमवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। श्रीनगर (Srinagar) के मुख्य और ऐतिहासिक लाल चौक (Historic Lal Chowk) समेत कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। खराब मौसम और बाढ़ के खतरे को देखते हुए श्री अमरनाथ यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस बीच केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दिल्ली में बताए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की खुली पोलअनुच्छेद 370 हटने के बाद पर्यटकों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरे लाल चौक और घंटाघर की बाढ़ वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जलभराव के बाद श्रीनगर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में आ गया है। ड्रेनेज सिस्टम के फेल होने पर आम लोग और इंटरनेट यूजर्स ...
साइबर अटैक मामले में सेबी का सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज पर बड़ा एक्शन… ठोका ₹1 करोड़ का जुर्माना

साइबर अटैक मामले में सेबी का सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज पर बड़ा एक्शन… ठोका ₹1 करोड़ का जुर्माना

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। देश के शेयर बाजार (Stock Market) से जुड़ी सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (Central Depository Services- CDSL) पर SEBI ने बड़ा एक्शन लिया है। सेबी (SEBI) ने कंपनी पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना (A fine of ₹1 crore) लगाया है। यह कार्रवाई नवंबर 2022 में हुए एक बड़े मैलवेयर (Malware) साइबर अटैक से जुड़ी सुरक्षा खामियों के कारण की गई है। उस समय इस साइबर हमले की वजह से CDSL की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई थीं और शेयर बाजार के सेटलमेंट (Settlement) में भी देरी हुई थी। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं। SEBI के आदेश के मुताबिक, CDSL अपनी साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने में कई स्तरों पर विफल रही। नियामक का कहना है कि अगर कंपनी ने समय रहते जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाए होते, तो इस तरह का हमला टाला जा सकता था। इसी कारण सेबी ने 90 लाख रुपये का जुर्माना SEBI एक्...
नेपाल से भटककर गोरखपुर पहुंची 147 किलो की प्रेग्नेंट डॉल्फिन…52 KM का ग्रीन कॉरिडोर बनाकर नदी में छोड़ी

नेपाल से भटककर गोरखपुर पहुंची 147 किलो की प्रेग्नेंट डॉल्फिन…52 KM का ग्रीन कॉरिडोर बनाकर नदी में छोड़ी

राज्य, राष्ट्रीय
गोरखपुर/महराजगंज। नेपाल (Nepal) की त्रिवेणी नदी (Triveni River) से महराजगंज जिले (Maharajganj district) के एक कैनाल में बहकर आई 147 किलो की डॉल्फिन मछली (Dolphin) का रेस्क्यू चर्चा में है. प्रेग्नेंट मछली (Pregnant fish) को राप्ती नदी में छोड़ा गया. डॉल्फिन को सुरक्षित गोरखपुर लाने के लिए भटहट से 52 किलो के रास्ते में ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) बनाया गया. तकरीबन 1 घंटे के सफर के बाद डॉल्फिन को गोरखपुर के राप्ती तट पर लाकर इलाज के बाद राप्ती नदी में छोड़ दिया गया. गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राणी उद्यान के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. योगेश कुमार सिंह ने बताया, नेपाल की त्रिवेणी नदी से एक डॉल्फिन भटककर एक कैनाल में आ गई और वह धीरे-धीरे परतावाल के पास धरमौली बाजार के कैनाल में आकर फंस गई थी. वह वहां 3 दिन से फंसी थी और उसकी जान को बचाना बहुत ही जरूरी था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य...
ईरान पर अमेरिका के हमले जारी…. बंदर अब्बास समेत कई शहरों में हुए धमाके

ईरान पर अमेरिका के हमले जारी…. बंदर अब्बास समेत कई शहरों में हुए धमाके

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नई दिल्ली। अमेरिका (America) ने ईरान (Iran) पर फिर एक बार हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे पहले से ही तनावपूर्ण हालातों के बीच मिडिल ईस्ट (Middle East) में अस्थिरता और बढ़ गई है. सेंटकॉम (यू.एस. सेंट्रल कमांड) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि यह ऑपरेशन कमांडर-इन-चीफ (Operation Commander-in-Chief) के निर्देश पर किया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया गया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों को धमकाने और उन पर हमला करने के लिए किया जाता रहा है. बता दें, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। वहीं, ऑपरेशन शुरू होने के कुछ ही समय बाद, ईरान के स्टेट टेलीविजन ने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में धमाके की सूचना दी. इसके अलावा, ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताय...