Tuesday, October 27खबर जो असर करे |
Shadow

Tag: Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपी शादाब अहमद की जमानत शर्तों में बदलाव की याचिका खारिज कर दी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपी शादाब अहमद की जमानत शर्तों में बदलाव की याचिका खारिज कर दी

कानून
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप में जमानत पर रहे शादाब अहमद की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने गाज़ियाबाद में लॉ की पढ़ाई के लिये दिल्ली से बाहर जाने की अनुमति मांगी थी। न्यायालय के सामने यह याचिका पेश करने के बाद, आरोपी के वकील ने इसे वापस ले लिया, जिसके बाद अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया और ट्रायल कोर्ट से संपर्क करने की अनुमति दे दी। सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने स्पष्ट कहा, “हम इस शर्त में कोई बदलाव नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी नोट किया कि शादाब अहमद ने दिल्ली के सभी लॉ कॉलेजों को छोड़कर गाज़ियाबाद के कॉलेज में दाखिला क्यों लिया, इसका वह स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। शादाब के वकील ने तर्क दिया कि उसने दिल्ली विश्वविद्यालय में सीट पाने की कोशिश की, लेकिन अवसर नहीं मिला, इसलिए गाज़ियाबाद के कॉलेज में दाखिला लिया...
सुप्रीम कोर्ट ने एआईएडीएमके विधायकों के इस्तीफे पर दायर याचिका को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने एआईएडीएमके विधायकों के इस्तीफे पर दायर याचिका को खारिज किया

कानून
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दाखिल की गई रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसका दायरकर्ता एम. श्रीनिवासन था। इस याचिका में 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) छोड़कर मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगुड़ वेत्रि कझगम (टीवीके) में शामिल होने वाले पूर्व विधायकों के इस्तीफे को अवैध घोषित करने की मांग की गई थी। सीजेआई सूर्यकांत के अध्यक्षता वाली पैनल ने सुनवाई के दौरान कहा कि “किसी निर्वाचित प्रतिनिधि का अपने विधायक पद से इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी में शामिल होना एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है और इसमें कुछ भी ‘आपराधिक’ नहीं है।” याचिकाकर्ता के वकीलों ने ‘खरीद‑फरोख्त (हॉर्स‑ट्रेडिंग)’ के आरोपों को उठाया और पहले से दर्ज एफआईआर का हवाला दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि एफआईआर की जांच अपनी गति...
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के रियल एस्टेट प्रमोटर अनिल मिठास की जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के रियल एस्टेट प्रमोटर अनिल मिठास की जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया

कानून
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा की एक रियल एस्टेट कंपनी के मुख्य प्रमोटर अनिल मिठास की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। यह आदेश चीफ जस्टिस सूर्यकांत के अध्यक्षता वाले पैनल ने दिया। मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जहाँ घर खरीदारों से एकत्रित 126.30 करोड़ रुपये को अन्यत्र डायवर्ट करने का आरोप लगाया गया है। मिठास ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 16 सितंबर के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि व्हाइट‑कॉलर अपराध अत्यधिक व्यापक और नुकसान‑देह हो चुके हैं, और इन्हें सख्त, बिना समझौते वाली कार्रवाई से ही निपटा जा सकता है। कोर्ट ने उल्लेख किया कि कॉरपोरेट धोखाधड़ी, गबन, इनसाइडर ट्रेडिंग और बड़े पैमाने पर वित्तीय जालसाजी लोगों की पेंशन, बचत ...
सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी के आज के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी के आज के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार किया

कानून
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आज सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में सीजेडीपी (सीजेपी) द्वारा आयोजित प्रदर्शन पर रोक लगाने का कोई आदेश नहीं दिया। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि इस विषय पर पहले ही दिल्ली उच्च न्यायालय ने आदेश जारी कर दिया था। वकील अनंत देहादराय ने मुख्य न्यायाधीश की बेंच के समक्ष यह याचिका दायर की थी कि प्रदर्शन को रोक दिया जाए, क्योंकि इससे आसपास के दुकानदारों को काफी आर्थिक नुकसान हो सकता है। अनंत देहादराय ने कहा, “इस प्रदर्शनी के कारण छोटी दुकानों के मालिकों की आजी‑विकी पर सीधा असर पड़ेगा।” इस बात पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “हमें आशा है कि सभी लोग समझदारी से कार्य करेंगे। छोटी दुकानें चलाने वाले लोग आजकल अपने रोज़गार के लिए बहुत संघर्ष कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट को यह ज्ञात है कि ऐसे समय...
सुप्रीम कोर्ट महिला पत्रकारों के खिलाफ यौन हिंसा की जांच के लिये समिति बनाने पर विचार करेगा

सुप्रीम कोर्ट महिला पत्रकारों के खिलाफ यौन हिंसा की जांच के लिये समिति बनाने पर विचार करेगा

कानून
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि वह दिल्ली में हालिया विरोध‑प्रदर्शनों के दौरान महिला पत्रकारों के खिलाफ दर्ज यौन हिंसा की शिकायतों की जाँच के लिये एक समिति बनाने पर विचार करेगा। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह स्पष्ट किया कि इस समिति में मुख्य रूप से या पूरी तरह से महिलाएँ शामिल हो सकती हैं। उन्होंने कहा, “हम प्रथम दृष्टया इस बात से सहमत हैं कि आपके मामले से जुड़ी समिति में मुख्य रूप से या पूरी तरह से महिलाएं होनी चाहिए। इसमें कोई पूर्व महिला न्यायाधीश, पूर्व महिला आईपीएस अधिकारी, पूर्व महिला समाज सेविका या अच्छे ट्रैक‑रिकॉर्ड वाली कोई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हो सकती हैं।” यह टिप्पणी उसी समय दी गई जब वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने ‘नेटवर्क ऑफ विमेन इन मीडिया, इंडिया (एनडब्ल्यूएमआई)’ की ओर से दायर याचिका में इस मुद्दे को उठाया था। याचिका मे...
उच्चतम न्यायालय ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए दिशा‑निर्देशों पर केंद्र को नोटिस जारी किया

उच्चतम न्यायालय ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए दिशा‑निर्देशों पर केंद्र को नोटिस जारी किया

कानून
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उच्चतम न्यायालय ने विरोध‑प्रदर्शनों एवं भीड़‑प्रबंधन के दौरान पुलिस व अन्य कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा पत्रकारों के साथ व्यवहार को लेकर दिशा‑निर्देश तैयार करने की मांग करने वाले याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। इस नोटिस को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने अनिवार्य किया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में आयोजित कई प्रदर्शनियों को कवरेज करने के दौरान पुलिस ने कई पत्रकारों, जिनमें महिला पत्रकार भी शामिल थीं, के साथ मारपीट की। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि इस दौरान पत्रकारों के साथ शारीरिक हिंसा, वस्तुओं की चोरी और धमकी भरा व्यवहार किया गया, जिससे उनके पेशेवर कर्तव्यों का गंभीर उल्लंघन हुआ। पेटीशन के प्रतिनिधि पक्ष स...
ममता बनर्जी ने आई-पैक रेड मामले में ईडी की याचिका खत्म करने की अपील की

ममता बनर्जी ने आई-पैक रेड मामले में ईडी की याचिका खत्म करने की अपील की

कानून
नई दिल्ली, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आई-पैक के दफ्तर में हुई रेड के मामले में उच्चतम न्यायालय से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका को खारिज करने की मांग की है। राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए हलफनामे में कहा गया है कि जब इसी विषय पर याचिका कलकत्ता उच्च न्यायालय में पहले से लंबित है, तो समानांतर कार्रवाई करना उचित नहीं है। हलफनामे में स्पष्ट किया गया है कि ईडी को उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका दाखिल करने का अधिकार नहीं है। इसे भी बताया गया कि आई-पैक के दफ्तर पर छापे से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया था। राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि ईडी ने प्रिविलेज्ड कम्युनिकेशन का उल्लंघन किया है। ज्ञात हो कि 15 जनवरी को ईडी की याचिका पर ममता बनर्जी और राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दखल के संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया गया था। जस्टिस प्रशा...
भाजपा सरकार बनने पर ममता शासन के भ्रष्टाचार की जांच में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की होगी निगरानी: अमित शाह

भाजपा सरकार बनने पर ममता शासन के भ्रष्टाचार की जांच में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की होगी निगरानी: अमित शाह

राष्ट्रीय
कोलकाता, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनती है, तो ममता बनर्जी सरकार के दौरान हुए सभी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में की जाएगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा और सभी को अभियोजन का सामना करना पड़ेगा। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में आयोजित एक जनसभा में बोलते हुए शाह ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता और कानून व्यवस्था के मुद्दों को लेकर कठोर हमले किए। उन्होंने कहा कि बंगाल में भ्रष्टाचार में पूरी तरह से संस्थागत हो चुका है और इसकी कीमत आम जनता चुका रही है। कोलकाता के आनंदपुर में हुए वेयरहाउस अग्निकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं था, बल्क...
आईएमए का प्रधानमंत्री को पत्र, सुप्रीम कोर्ट के मासिक धर्म फैसले का किया स्वागत

आईएमए का प्रधानमंत्री को पत्र, सुप्रीम कोर्ट के मासिक धर्म फैसले का किया स्वागत

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 31 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए इसे बालिकाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और शिक्षा के अधिकार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है। सुप्रीम कोर्ट ने मासिक धर्म स्वास्थ्य को संविधान के तहत मौलिक अधिकार मानते हुए कहा कि यह अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन और निजता के अधिकार का हिस्सा है। अदालत ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे लड़कियों के लिए मुफ्त बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड और पर्याप्त स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराएं। आईएमए ने शनिवार को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर इस फैसले का स्वागत किया और अनुरोध किया कि इसे देश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में तुरंत और सख्ती से लागू किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने राज्यों और केंद्र ...
नेपाली कांग्रेस में विभाजन को चुनौती देने की याचिका, सुप्रीम कोर्ट में दायर

नेपाली कांग्रेस में विभाजन को चुनौती देने की याचिका, सुप्रीम कोर्ट में दायर

अंतरराष्ट्रीय
काठमांडू, 18 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस को मान्यता देने के निर्णय को रद्द करने की मांग को लेकर शेरबहादुर देउवा पक्ष ने सर्वोच्च अदालत में दायर रिट दायर की है। इसकी सुनवाई 20 जनवरी को तय की गई है। रिट के पंजीकरण की पुष्टि करते हुए सर्वोच्च अदालत के प्रवक्ता अर्जुन कोइराला ने कहा कि रिट दायर हो चुकी है, लेकिन सोमवार को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण मंगलवार को इसकी पेशी तय की गई है। प्रतिनिधि सभा सदस्य के लिए निर्वाचन आयोग ने 20 जनवरी को उम्मीदवारों के नामांकन का समय तय किया है। ऐसे में कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद अब नामांकन से पहले सुलझने की संभावना नहीं है। 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल उम्मीदवारों का चयन कर रहे हैं। नेकपा (एमाले) और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) ने लगभग अपने उम्मीदवार तय कर लिए हैं। इसी तरह, ...