
कोलकाता, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनती है, तो ममता बनर्जी सरकार के दौरान हुए सभी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में की जाएगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा और सभी को अभियोजन का सामना करना पड़ेगा।
उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में आयोजित एक जनसभा में बोलते हुए शाह ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता और कानून व्यवस्था के मुद्दों को लेकर कठोर हमले किए। उन्होंने कहा कि बंगाल में भ्रष्टाचार में पूरी तरह से संस्थागत हो चुका है और इसकी कीमत आम जनता चुका रही है।
कोलकाता के आनंदपुर में हुए वेयरहाउस अग्निकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं था, बल्कि यह टीएमसी सरकार की भ्रष्टाचार और अपराधिक लापरवाही का परिणाम था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना एनओसी के आर्द्रभूमि पर गोदाम बनाए गए थे, जिसके कारण कई लोग आग में जल गए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अब तक फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई, जो सत्तारूढ़ दल से उनकी नजदीकी की ओर इशारा करता है।
अमित शाह ने कहा कि इस घटना में 25 नागरिकों की मौत हो चुकी है और 27 लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की घटनास्थल पर 32 घंटे बाद पहुंचने की कार्रवाई को बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों से मिलने गए भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने अत्याचार किए।
गृह मंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ की जन्मभूमि बंगाल में आज उसी की पहचान पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष में संसद के भीतर टीएमसी सांसदों ने इसका विरोध किया। अमित शाह ने यह भी सवाल उठाया कि क्या केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए बंगाल की पहचान को कमजोर किया जा रहा है और क्या राज्य की जनता इसे सहन करेगी।
अवैध घुसपैठ को लेकर शाह ने चिंता व्यक्त की और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय की टिप्पणी के बावजूद राज्य सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है।
शाह ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने पर 35 दिनों के भीतर सीमा बाड़बंदी का कार्य पूरा किया जाएगा।
अमित शाह ने विभिन्न घोटालों जैसे एसएससी घोटाला, शिक्षा घोटाला, नगर निकाय भर्ती घोटाला, गो-तस्करी, राशन घोटाला, मनरेगा और पीएम आवास घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि कई टीएमसी नेता पहले ही जेल जा चुके हैं। उन्होंने ममता बनर्जी से चुनौती दी कि यदि वे सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं, तो दागी नेताओं को चुनाव में टिकट न दें।
केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बंगाल को लगभग 10 लाख करोड़ रुपये दिए हैं, लेकिन इसका लाभ गांवों तक नहीं पहुंचा और सारा पैसा टीएमसी सिंडिकेट के हाथों में चला गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा सरकार में कट-मनी संस्कृति को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि 2014 में भाजपा को बंगाल में 2 सीटें, 2019 में 18 सीटें और 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटें मिली थीं। उन्होंने दावा किया कि इस बार भाजपा 50 प्रतिशत से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी।
उन्होंने मतुआ और नमशूद्र समुदायों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने अवैध घुसपैठियों की पहचान के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया के प्रति भाजपा के समर्थन को दोहराया।
अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने कहा कि बंगाल ने लाल और हरे शासन देखे हैं और अब समय आ गया है कि केसरिया भाजपा को मौका दिया जाए, ताकि बंगाल सुरक्षित, भ्रष्टाचार मुक्त और विकसित राज्य बन सके।
