नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. इजरायल (Israel.) की तरफ से कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी मिलने के बाद ईरान (Iran) ने साफ कहा है कि अगर हमला बढ़ा तो वह एक और अहम समुद्री रास्ता बंद कर सकता है. ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली वेलायती (Ali Velayati) ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट (Bab-el-Mandeb Strait) को लेकर यह चेतावनी दी है, जिससे दुनिया के बड़े व्यापारिक रास्तों पर असर पड़ सकता है।
अली वेलायती ने कहा कि मौजूदा हालात को देखकर दुश्मन को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए. उन्होंने इजरायल को संदेश देते हुए कहा कि उसके पास दो रास्ते हैं, या तो वह अपनी बेवकूफी रोक दे या फिर ऐसे हालात का सामना करे जहां दोनों अहम समुद्री रास्तों पर संतुलित जवाब मिल सकता है. वेलायती का इशारा साफ तौर पर समुद्री आवाजाही पर दबाव बढ़ाने की तरफ माना जा रहा है।
यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब इजरायल ने दावा किया कि ईरान की तरफ से मिसाइलों की एक नई खेप दागी गई है. अप्रैल की शुरुआत के बाद यह पहली बार बताया गया है कि तेहरान से सीधे हमले हुए हैं. इसके बाद इजरायल ने ‘शक्तिशाली जवाब’ देने की चेतावनी दी थी. इसी के बाद ईरान की तरफ से बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट का जिक्र सामने आया।
यह समुद्री रास्ता यमन, जिबूती-इरिट्रिया के बीच स्थित है, जो यूरोप, एशिया और अरब देशों के बीच व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है. रणनीतिक जानकारों का कहना है कि ईरान, यमन में सक्रिय हूती लड़ाकों के जरिए बाब-अल-मंदेब जलमार्ग पर दबाव बना सकता है. अगर यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका असर दुनिया के व्यापार और तेल सप्लाई पर पड़ सकता है, जिससे कई देशों में महंगाई बढ़ने की चिंता भी गहरा सकती है. फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव आगे किस दिशा में जाता है.
