
नई दिल्ली, 03 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। विपक्षी दलों ने मंगलवार को लोकसभा में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसदों ने हाथों में प्लेकार्ड लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आसन के समीप पहुंच गए, जिससे सदन की कार्यवाही 12 बजे दोबारा शुरू होने के कुछ ही मिनटों में दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
दोपहर 12 बजे कार्यवाही पुनः आरंभ हुई और पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई। इस दौरान विभिन्न मंत्रालयों के मंत्री जैसे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के जितिन प्रसाद, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के रामदास आठवले, कृषि मंत्रालय के राम नाथ ठाकुर, और अन्य ने सदन के पटल पर प्रश्नों के उत्तर प्रस्तुत किए।
इसके बाद विभिन्न संसदीय समितियों के चयन के लिए प्रस्ताव रखे गए, जिनमें अनुमान समिति, लोक लेखा समिति और अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समिति के चुनाव शामिल थे। इन प्रस्तावों को क्रमशः डॉ. संजय जायसवाल, जुगल किशोर, केसी वेणुगोपाल और अन्य ने प्रस्तुत किया। इसके पश्चात्, व्यवसाय सलाहकार समिति की चौदहवीं रिपोर्ट पर किरेन रिजिजू ने प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने स्वीकृत कर लिया।
सदन में विभिन्न मुद्दों पर नियम 377 के तहत ध्यान आकर्षित करने के प्रयास किए गए, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा, जिसके कारण कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित किया गया।
सुबह 11 बजे बैठक की शुरुआत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्व सांसद सुरुपसिंह हिरिया नाइक के निधन की सूचना दी। सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि के बाद जब प्रश्नकाल आरंभ हुआ, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी इस शोर के बीच एक पूरक प्रश्न का उत्तर दिया। अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि प्रश्नकाल में नारेबाजी का कोई औचित्य नहीं है, यह बताते हुए कि इस समय सांसदों को प्रश्न उठाने और सरकार की जवाबदेही तय करने का मौका मिलता है।
