
आसनसोल, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। बर्नपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सेना में सिख युवाओं की घटती भागीदारी पर चिंता जताते हुए पश्चिम बर्दवान जिलाधारी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, और रक्षा मंत्री को ई-मेल कर त्वरित पहल करने की अपील की।
कमेटी के सचिव सुरेन्द्र सिंह अत्तू ने बताया कि सिखों का सेना से गहरा नाता रहा है, और उन्होंने हमेशा गुरु परंपरा, बलिदान एवं देशप्रेम का परिचय दिया है। यह पत्र विरोध की भावना से नहीं बल्कि चिंता, आत्मनिरीक्षण, और रचनात्मक समाधान की उम्मीद के साथ लिखा गया है। हाल के दिनों में भारत सरकार, भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व सैनिक पंजाब के सिख युवाओं से भारतीय सेना में शामिल होने के लिए सार्वजनिक रूप से अपील करते देखे गए हैं। यह स्थिति एक गंभीर और परेशान करने वाला सवाल उठाती है।
क्यों ऐसा समय आ गया है जब जिस समुदाय को कभी भारतीय सेना की रीढ़ माना जाता था, उसे अब सेना में शामिल होने के लिए मनाना पड़ रहा है?उन्होंने आगे कहा कि सिख और सेना का ऐतिहासिक बंधन सिख समुदाय और भारतीय सेना के बीच संबंध कभी भी सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं रहा है। यह गुरु परंपरा, बलिदान, अनुशासन और राष्ट्र की रक्षा में निहित रहा है। 1857 से, 1965 और 1971 के युद्धों तक, और कारगिल तक, सिख सैनिकों ने भारत की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। ऐसे संदर्भ में, आज अपील करने की आवश्यकता सामान्य नहीं है – यह एक गंभीर चेतावनी का संकेत है। देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री सहित सांसदों को इस विषय पर मंथन कर त्वरित कार्रवाई किया जाना चाहिए।
