
नई दिल्ली, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। चांदनी चौक से सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय बजट को उच्च आकांक्षाओं और दूरदर्शी सोच वाला दस्तावेज बताया है। उन्होंने केंद्रीय बजट को एमएसएमई और स्वदेशी पर आधारित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का रोडमैप बताते हुए कहा कि यह बजट देश के घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के संकल्प को मजबूत करता है।
खंडेलवाल ने सोमवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह पहली बार है, जब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बजट के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने केंद्रीय बजट को विकसित भारत @2047 के लिए एक साहसिक, विकासोन्मुख और व्यापार-अनुकूल रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट स्वदेशी और वैश्विक बाजारों के बीच तालमेल बिठाने का कार्य करेगा, जिससे भारतीय उत्पाद नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा के साथ प्रवेश कर सकेंगे।
कैट महामंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा का स्वागत किया, यह दर्शाता है कि सरकार एमएसएमई को देश की दीर्घकालिक विकास और निर्यात योजनाओं से जोड़ने की कोशिश कर रही है। खंडेलवाल ने बताया कि सरकार की योजना तीन मजबूत आधारों—इक्विटी सहयोग, बेहतर तरलता और पेशेवर मार्गदर्शन—पर आधारित है, जिससे एमएसएमई को विकास में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इक्विटी सहयोग, कर्ज के विपरीत, उद्यमों को बिना तत्काल किस्तों के दबाव में तकनीक में निवेश, उत्पादन विस्तार और निर्यात बाजार खोजने का अवसर प्रदान करता है। खंडेलवाल ने कहा कि जब वैश्विक मांग अस्थिर है और वित्तीय लागत अधिक है, तब ऐसे कदम एमएसएमई के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने 2,000 करोड़ रुपये की आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त राशि से तेजी से बढ़ने वाले एमएसएमई का विस्तार बिना बैलेंस शीट दबाव के करने में मदद मिलेगी।
एमएसएमई के लिए पूंजी प्रवाह को तेज करने वाले सुधारों पर जोर देते हुए खंडेलवाल ने कई सुधारों का स्वागत किया, जो कॉरपोरेट मित्र योजना के माध्यम से अनुपालन को आसान बनाएंगे। इसके तहत पेशेवर संस्थान छोटे-छोटे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करेंगे, जिससे टियर-2 और टियर-3 शहरों में प्रमाणित ‘कॉरपोरेट मित्र’ बनाए जाएंगे, जो कम लागत पर अनुपालन संबंधी सहायता प्रदान करेंगे।
एमएसएमई के लिए मजबूत वित्तीय समर्थन हेतु बजट प्रस्तावों को महत्वपूर्ण बताते हुए खंडेलवाल ने बढ़ाए गए बजटीय प्रावधानों का स्वागत किया। उन्होंने कस्टम ड्यूटी में कमी का जिक्र करते हुए कहा कि कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में कटौती से उत्पादन लागत घटेगी, भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि 5,98,520 करोड़ रुपये का लॉजिस्टिक क्षेत्र में आवंटन माल ढुलाई को तेज, सस्ता और प्रभावी बनाएगा, जिसमें हरित माल गलियारे, तेज क्लीयरेंस और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े लॉजिस्टिक्स पर विशेष जोर दिया गया है।
