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दिल्ली हाई कोर्ट ने पासपोर्ट शुल्क में 67 % वृद्धि को सही ठहराया

दिल्ली हाई कोर्ट ने पासपोर्ट शुल्क में 67 % वृद्धि को सही ठहराया

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नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत पासपोर्ट जारी करने और नवीनीकरण पर तय की गई फीस में 67 % की वृद्धि को सही ठहराया, जबकि उस निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इस फैसले में नितिन वासुदेव सांब्रे मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच ने स्पष्ट किया कि 14 साल के लंबे अंतराल के बाद हुई इस बढ़ोतरी को किसी भी तरह से अनुचित या अत्यधिक नहीं माना जा सकता। यह याचिका प्रवासी लीगल सेल द्वारा दायर की गई थी। इसके वकील ने मुख्य रूप से पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 को चुनौती देते हुए, अनिवासी भारतीयों और देश में रहने वाले भारतीयों के लिए तय फीस में अंतर पर आपत्ति जताई। उन्होंने तर्क दिया कि भारत में रहने वाले नागरिकों की तुलना में अनिवासी भारतीयों को लगभग पांच हजार रुपये अधिक चुकाने पड़ते हैं। दलील में यह भी कहा गया कि इस भार...
‘ब्रिंग बैक बैलेट’ इंस्टाग्राम अकाउंट के ब्लॉक पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र व मेटा को नोटिस जारी किया

‘ब्रिंग बैक बैलेट’ इंस्टाग्राम अकाउंट के ब्लॉक पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र व मेटा को नोटिस जारी किया

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दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने ब्रिंग बैक बैलेट नामक इंस्टाग्राम अकाउंट को ब्लॉक करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और मेटा प्लेटफ़ॉर्म को आधिकारिक नोटिस भेजने का आदेश दिया। यह आदेश जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने दिया, और अगली तारीख 6 नवंबर को निर्धारित की गई है। इस याचिका को मिशन सेव कॉन्स्टिट्यूशन संगठन ने दायर किया है, जिसके राष्ट्रीय संयोजक एवं वकील महमूद प्राचा ने इसे प्रस्तुत किया। याचिका में बताया गया कि उक्त इंस्टाग्राम अकाउंट को 10 अक्टूबर को बिना किसी पूर्व सूचना, सुनवाई के अवसर या स्पष्ट कारण बताए ब्लॉक कर दिया गया, जबकि उसी दिन संगठन ने जंतर‑मंत‍र पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया हुआ था। अकाउंट का उद्देश्य चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हटाकर बैलेट पेपर लाने की मांग को “ईवीएम हटाओ देश बचाओ” ना...
दिल्ली दंगों में 22 वर्षीय युवक की हत्या केस में 5 दोषियों की सात साल की सजा बरकरार, हाईकोर्ट ने अपील खारिज

दिल्ली दंगों में 22 वर्षीय युवक की हत्या केस में 5 दोषियों की सात साल की सजा बरकरार, हाईकोर्ट ने अपील खारिज

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नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान 22 वर्ष के युवक की मृत्यु के मामले में पाँच व्यक्तियों को गैर-इरादतन हत्या के लिए सात साल की सजा सुनाई गई थी। जस्टिस मधु जैन ने अमन कश्यप, देवेंद्र कुमार, प्रदीप राय, आशीष उर्फ गोली और अरुण कुमार द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि सबूत यह स्पष्ट करते हैं कि अपीलकर्ता केवल भीड़ में मौजूद नहीं थे, बल्कि उनका योगदान उससे कहीं अधिक था। नीचे की अदालत ने इन पाँचों को भारतीय दंड संहिता की धारा 148 और धारा 304 के तहत दोषी पाया था। यह मामला दयालपुर थाने में दर्ज एक FIR से जुड़ा है। 25 फरवरी 2020 को बृजपुरी के पास मोनिश नाम के एक युवक को भीड़ ने पीछा किया और उस पर हमला किया, जिसके बाद वह अस्पताल में दम तोड़ गया। दोषियों ने दावा किया कि अभियोजन...
बोकारो स्टील प्लांट में शांति भंग की आशंका पर जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिये हाई कोर्ट का निर्देश

बोकारो स्टील प्लांट में शांति भंग की आशंका पर जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिये हाई कोर्ट का निर्देश

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रांची, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। झारखंड उच्च न्यायालय ने बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में विस्थापितों के आंदोलन से उत्पादन और कर्मचारियों की आवाजाही प्रभावित होने के मामले में बोकारो जिला प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कहा कि भविष्य में प्लांट की शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका हो तो प्रशासन स्थिति बिगड़ने का इंतजार किए बिना तत्काल कार्रवाई करे, जिससे कि संयंत्र को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने बुधवार को मामले से संबंधित रिट याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बोकारो के उपायुक्त ने अंडरटेकिंग देते हुए बताया कि सभी 11 गेट खोल दिए गये हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही सामान्य हो गई है तथा प्लांट में शांति व्यवस्था बहाल है। अधिवक्ता पक्ष ने भी बताया कि संयंत्र की स्थिति अब सामान्य हो चुकी है। द...
सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों की बढ़ती याचिकाओं पर दी चेतावनी, कहा हर प्रोजेक्ट के लिए मंच नहीं बन सकते

सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों की बढ़ती याचिकाओं पर दी चेतावनी, कहा हर प्रोजेक्ट के लिए मंच नहीं बन सकते

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नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)— सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के घर खरीदारों द्वारा दायर की जा रही याचिकाओं की संख्या में निरंतर वृद्धि को लेकर चेतावनी जारी की, यह कहते हुए कि वह देश के प्रत्येक समस्याग्रस्त हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए एक मंच नहीं बन सकता। यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व में बनी बेंच ने सुनवाई के दौरान दी। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि हर एक मामले को उच्चतम न्यायालय के सामने लाने से उन लंबित मामलों की सुनवाई में देरी हो सकती है, जिनमें डेवलपर्स और वित्तीय संस्थानों की अनियमितताओं से जुड़ी कानूनी जटिलताएँ शामिल हैं। बेंच ने यह भी कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स का उल्लेख मुख्य मामलों में नहीं है, उनके याचिकाकर्ताओं को या तो मुख्य मामले में निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए या फिर संबंधित उच्च न्यायालय या रेरा जैसे मंचों की ओर रुख करना चाहिए। यह टिप्पणी उसी ...
दिल्ली एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से किए कड़े सवाल, अगले महीने सुनवाई

दिल्ली एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से किए कड़े सवाल, अगले महीने सुनवाई

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नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भारत निर्वाचन आयोग से तीव्र सवाल पूछे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह जानने की कोशिश की कि जो लोग पहले से ही मतदाता के रूप में पंजीकृत थे लेकिन नई ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर रह गए, उन्हें फॉर्म 6 भरने के लिए क्यों बाध्य किया जा रहा है, जिससे उन्हें पहली बार के मतदाता की श्रेणी में पेश किया जा रहा है। न्यायालय ने इस मुद्दे पर अगली सुनवाई नवंबर में अगली सुनवाई करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जी. राजगोपालन ने तर्क दिया कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से जो लोग नई ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, उन्हें इस एसआईआर प्रक्रिया के तहत नई शुरुआत मानना चाहिए, इसलिए उन्हें प्रथम बार के मतदाता वर्ग में रखा गया। न्यायालय ने इस तर्क की कड़ी...

बाराबंकी: देवा मेले में विधिक जागरूकता शिविर का शुभारंभ, जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने किया उद्घाटन

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बाराबंकी, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी में देवा मेला एवं प्रदर्शनी-2026 के अंतर्गत बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का शुभारंभ किया गया। शाम सात बजे आयोजित कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी तथा अधिवक्ताओं ने आमजन को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक करने की पहल की। 28 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलने वाले इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य लोगों को उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी देना और जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने वाली योजनाओं से परिचित कराना है। शिविर में उपस्थित लोग सरल भाषा में कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करेंगे तथा अपनी समस्याओं के समाधान हेतु उचित मार्गदर्शन भी मिल...
रांची डीजे हत्याकांड पर हाई कोर्ट ने जांच में खामियों पर नाराजगी जताई, एसएसपी तलब

रांची डीजे हत्याकांड पर हाई कोर्ट ने जांच में खामियों पर नाराजगी जताई, एसएसपी तलब

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रांची, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रांची के कडरू स्थित एक्सट्रीम बार के डीजे संदीप प्रमाणिक की हत्या पर अभिषेक सिंह समेत 10 दोषियों की आपराधिक अपील पर बुधवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। अदालत ने बताया कि प्रारंभिक अनुसंधान में खामियां पाई गईं और कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्यों के अभाव पर नाराजगी जताई गई। इसके परिणामस्वरूप, रांची के एसएसपी को 4 नवंबर को उपस्थित होकर मामले की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी देने के लिए निर्देशित किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछताछ की कि अनुसंधान अधिकारी ने मामले की सही जांच नहीं की, उस पर अब तक कोई कार्रवाई हुई है या नहीं। उच्च न्यायालय ने जांच में सामने आई कमियों पर असंतोष जताते हुए एसएसपी को तलब किया। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पूर्व न्यायायुक्त शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने अभिषेक सिंह उर्फ विक्की सहित 10 दोषियों को नौ-नौ वर्ष की कैद व प्रति...
डिजिटल अरेस्ट के जरिए वसूली करने वालों को कड़ी सज़ा: सुप्रीम कोर्ट का चेतावनी संदेश

डिजिटल अरेस्ट के जरिए वसूली करने वालों को कड़ी सज़ा: सुप्रीम कोर्ट का चेतावनी संदेश

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नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सर्वोच्च न्यायालय ने आज स्पष्ट रूप से कहा कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर जबरन वसूली करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस प्रकार के साइबर अपराधों को डिजिटल डकैती का दर्जा दिया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि व्यवस्थित साइबर गिरोह विशेष रूप से बुजुर्गों और सेवानिवृत्त लोगों को निशाना बना रहे हैं और उनकी संचित आजीविका को चुरा रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “यदि कानून में ऐसा कोई प्रावधान या गुंजाइश हो, जिससे इन ‘बेरहम अपराधियों’ को ट्रायल से पहले ही दंडित किया जा सके, तो उसे भी अपनाया जाना चाहिए।” इस बयान के साथ न्यायालय ने दो आरोपी गौरब कुमार साहा और निधि भंडारी की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने देश के 12 राज्यों में दर्ज 35 आपराधिक मामलों को एक ही स्थान, अर्थात् दि...
नीट पेपर लीक मामला: 14वें आरोपी को दलीलें पेश करने का अंतिम अवसर, 29 अक्टूबर को सुनवाई

नीट पेपर लीक मामला: 14वें आरोपी को दलीलें पेश करने का अंतिम अवसर, 29 अक्टूबर को सुनवाई

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नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। राऊज एवेन्यू कोर्ट में बुधवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले के 14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी (उर्फ राज सूर्यवंशी) की ओर से दलीलें प्रस्तुत नहीं की गईं। यह इस कारण से हुआ कि दिल्ली की अदालतों में वकीलों ने न्यायिक कार्य से बहिष्कार किया, जिससे दलीलें पेश करना असम्भव रहा। फास्ट‑ट्रैक कोर्ट के स्पेशल जज अजय गुप्ता ने सूर्यवंशी को 29 अक्टूबर को दलीलें पेश करने का अंतिम अवसर दिया। न्यायालय ने 27 अक्टूबर को इस मामले के 14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी उर्फ राज सूर्यवंशी के खिलाफ आरोप तय करने पर दलीलें सुनेगा। सीबीआई ने 14 अक्टूबर 2026 को सूर्यवंशी के विरुद्ध पूरक चार्जशीट दायर की थी। इससे पूर्व, 7 अक्टूबर को सीबीआई ने बताया था कि सूर्यवंशी के खिलाफ जांच चल रही है और उसे पूर्ण करने के लिये अधिक समय चाहिए। बुधवार को सुनवाई के दौरान सभी आरोपी वीडियो क...