
नई दिल्ली, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने संसद सुरक्षा में चूक के चार आरोपितों की न्यायिक हिरासत को 6 फरवरी तक बढ़ा दिया है। कोर्ट ने सभी छह आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने और आरोपित ललित झा की आरोप मुक्त करने की अर्जी पर 6 फरवरी को सुनवाई का आदेश दिया।
दिल्ली पुलिस ने संसद सुरक्षा चूक के आरोपित ललित झा की आरोप मुक्त करने की अर्जी का विरोध किया है। शनिवार को सुनवाई के दौरान इस मामले के सभी आरोपित कोर्ट में पेश हुए।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2 जुलाई, 2025 को इस मामले के दो आरोपितों नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दी थी। उच्च न्यायालय ने दोनों आरोपितों को 50-50 हजार के मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने दोनों आरोपितों को प्रेस कांफ्रेंस करने और मीडिया को इंटरव्यू नहीं देने का निर्देश दिया था। इसके अलावा कोर्ट ने दोनों आरोपितों को सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की पोस्ट साझा नहीं करने को कहा था। उच्च न्यायालय ने उन्हें संबंधित थाने में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे रिपोर्ट करने का भी निर्देश दिया था।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 15 जुलाई, 2024 को पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120B और यूएपीए की धारा 13, 16, 18 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था। दिल्ली पुलिस ने 7 जून, 2024 को पहली चार्जशीट पेश की थी, जिसमें कुल 1000 पन्ने शामिल थे।
घटना 13 दिसंबर, 2023 की है जब संसद की विजिटर गैलरी से दो आरोपित सभा कक्ष में कूदे। कुछ ही देर में एक आरोपित ने डेस्क पर चलते हुए अपने जूतों से कुछ निकाला और अचानक पीले रंग का धुआं निकलने लगा। इस घटना के बाद सदन में अफरातफरी मच गई। हंगामे और धुएं के बीच कुछ सांसदों ने इन युवकों को पकड़ लिया और उनकी पिटाई की। कुछ समय बाद संसद के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया। संसद के बाहर भी दो लोग पकड़े गए जो नारेबाजी कर रहे थे और पीले रंग का धुआं छोड़ रहे थे।
