
नई दिल्ली, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि बंगाल के लोगों का भला तृणमूल के जाने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आने पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के हटने से गुंडागर्दी और गरीबों को डराने-धमकाने की राजनीति समाप्त होगी। इसके लिए बंगाल की जनता को घुसपैठियों और सत्ताधारी दल के गठजोड़ को तोड़ना ही होगा।
प्रधानमंत्री ने मालदा में एक जनसभा के दौरान जनसांख्यिकी बदलाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह बंगाल के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने बताया कि कई हिस्सों में जनसांख्यिकी संतुलन बिगड़ रहा है और इस वजह से कई स्थानों पर दंगेभाजपा सरकार बनने पर घुसपैठ और घुसपैठियों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित देशों ने भी घुसपैठियों को निकाला है, और बंगाल से भी इसे बाहर निकालना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित बनने के लक्ष्य पर काम कर रहा है और इसके लिए पूर्वी भारत का विकास जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने नफरत की राजनीति करने वालों से पूर्वी भारत को मुक्त किया है।
उन्होंने भाजपा के विकास मॉडल के प्रति जनता के विश्वास की बात करते हुए कहा कि हाल ही में महाराष्ट्र में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली है। उन्होंने इससे संकेत दिया कि बंगाल में भी भाजपा को समर्थन मिल रहा है।
पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह केंद्र की योजनाओं को लागू नहीं करने देती और गरीबों के लिए बनी कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ने नहीं देती। उन्होंने कहा कि बंगाल की टीएमसी सरकार बेहद असंवेदनशील है और उसे विदाई देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं से गरीबों के लिए बड़ा बदलाव लाया जा सकता है, लेकिन तृणमूल सरकार इन योजनाओं को लागू नहीं होने दे रही है।
प्रधानमंत्री ने मालदा के विकास की भी बात की और कहा कि भाजपा सरकार बनते ही वहां के किसान और युवाओं के लिए नए अवसर लाए जाएंगे। उन्होंने जूट के समर्थन मूल्य में वृद्धि का भी जिक्र किया और कहा कि यह 2400 रुपये से बढ़कर 5500 रुपये से भी अधिक हो गया है।
उन्होंने वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर इसे विकसित करने का आह्वान किया और कहा कि बंगाल को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाना है।
