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अंतरराष्ट्रीय

लंबे युद्ध की तैयारी….. फूड सप्लाई सुरक्षित करने में जुटा ईरान, खाद्यान से भरे 6 जहाज होर्मुज से गुजरे

लंबे युद्ध की तैयारी….. फूड सप्लाई सुरक्षित करने में जुटा ईरान, खाद्यान से भरे 6 जहाज होर्मुज से गुजरे

अंतरराष्ट्रीय
तेहरान। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर ईरान (Iran) की सख्त पहरेदारी है। तेल वाले जहाजों को यहां से गुजरने की मनाही है। सिर्फ इक्का-दुक्का जहाज ही, ईरान की सहमति से इधर से जा रहे हैं। इस बीच ईरान ने कुछ और जहाजों को भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है। यह कार्गो जहाज हैं, जिन पर खाद्यान्न और अन्य कृषि पदार्थ लदे हुए हैं। अमेरिका (America) के साथ चल रहे युद्ध के बीच ईरान अपने देश में फूड सप्लाई को सुरक्षित रखना चाहता है। इसे इस तरह भी देखा जा रहा है कि अगर युद्ध लंबा चलता है तो ईरान में भुखमरी की हालत न पैदा होने पाए। यह सभी जहाज ग्रीक मैनेजमेंट की निगरानी वाले हैं। बता दें कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से बहुत कम जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे हैं। इसमें भी पश्चिम के जहाजों के लिए तो यह रास्ता लगभग बंद ही है। 11 मार्च को स्टार ग्वानेथ नाम का जहाज यहां से गुजर ...
बड़ी सफलता…. 24 घंटे में होर्मुज से नहीं निकला कोई जहाज, लेकिन भारत के 2 LPG टैंकरों को मिली अनुमति

बड़ी सफलता…. 24 घंटे में होर्मुज से नहीं निकला कोई जहाज, लेकिन भारत के 2 LPG टैंकरों को मिली अनुमति

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
तेहरान। मिडिल ईस्ट में जंग (Middle East War) के बीच ईरान (Iran) ने सबसे अहम माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को ‘बंद’ कर रखा है। वह होर्मुज से चंद जहाजों को ही जाने की अनुमति दे रहा है, जबकि अन्य को मिसाइलों से समुद्र की तलहटी में डुबो दे रहा। इस बीच, शुक्रवार को पिछले 24 घंटे से ईरान ने होर्मुज से किसी भी देश के जहाज को निकलने नहीं दिया है, लेकिन इसके बावजूद भी भारत (India) को बड़ी सफलता मिली है। दो भारतीय एलपीजी टैंकरों (Two Indian LPG tankers) को इस स्ट्रेट को पार करने की अनुमति मिल गई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने शिपिंग डेटा और सूत्रों के हवाले से बताया है कि यात्राओं में आए ठहराव के बाद, भारतीय झंडे वाले लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के दो टैंकर आने वाले दिनों में होर्मुज से गुजरने की तैयारी कर रहे हैं। एजेंसी ने कहा, ''पिछले 24 घंटों में इस जलमार्ग से कोई भी कच्च...
ईरान के हमले से कतर की LNG निर्यात क्षमता 17% खत्म… 20 अरब डॉलर का नुकसान

ईरान के हमले से कतर की LNG निर्यात क्षमता 17% खत्म… 20 अरब डॉलर का नुकसान

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
दोहा। कतर के गैस प्लांट (Qatar's Gas Plant) पर हुए हालिया ईरानी हमलों (Iranian attacks) ने देश की तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी LNG निर्यात क्षमता को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इस हमले के कारण कतर की 17 प्रतिशत एलएनजी निर्यात क्षमता (LNG Export Capacity) तबाह हो गई है, जिससे उत्पादन अगले पांच वर्षों तक ठप रहने की आशंका है। देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी कतरएनर्जी के सीईओ साद अल-काबी के अनुसार, इन हमलों से सालाना लगभग 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। वैश्विक गैस संकट बढ़ेगाइस नुकसान ने यूरोप और एशिया भर में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सीधा और गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। यह हमला खाड़ी देशों के तेल और गैस संयंत्रों पर हमलों की एक अभूतपूर्व श्रृंखला का हिस्सा है। ईरान ने यह कदम तब उठाया जब इजरायल ने उसके (ईरान के) गैस बुनियादी ढांचे को न...
बांग्लादेश से यूनुस के जाते ही सुधरने लगे रिश्ते…. अगले मा भारत आएंगे विदेश मंत्री रहमान

बांग्लादेश से यूनुस के जाते ही सुधरने लगे रिश्ते…. अगले मा भारत आएंगे विदेश मंत्री रहमान

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। बांग्लादेश (Bangladesh) में मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का शासन खत्म होने ही भारत बांग्लादेश (India-Bangladesh) के रिश्ते पटरी पर लौटने लगे हैं। इसकी शुरुआत बांग्लादेश के विदेश मंत्री (Foreign Minister) की भारत यात्रा से हो सकती है। मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान (Foreign Minister Khalilur Rahman) अगले महीने भारतीय राजधानी की एक संक्षिप्त यात्रा पर आ सकते हैं। यह इसीलिए अहम है क्योंकि ढाका में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद बांग्लादेशी विदेश मंत्री की यह पहली विदेश यात्रा होगी। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों ही देश संबंधों में आए भारी तनाव के बाद रिश्तों को दोबारा मजबूत बनाने की कोशिशें कर रही हैं। सूत्रों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि रहमान 8 अप्रैल को मॉरीशस में होने वाले हिंद महासागर...
भारत-चीन के बीच खुलने जा रहा 6 साल से बंद ताला….लिपुलेख दर्रे से फिर शुरू होगा व्यापार!

भारत-चीन के बीच खुलने जा रहा 6 साल से बंद ताला….लिपुलेख दर्रे से फिर शुरू होगा व्यापार!

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
पिथौरागढ़। 6 साल बाद भारत और चीन (India and China) के रिश्ते में एक नई शुरुआत होने जा रही है। दोनों देश '6 साल से बंद उस ताले' को खोलने जा रहे हैं, जिसकी वजह से उत्तराखंड (Uttarakhand) के लिपुलेख दर्रे (Lipulekh Pass) से व्यापार बंद है। इस साल जून से लिपुलेख बॉर्डर के जरिए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। 2020 में कोरोना महामारी की दस्तक के साथ इस रास्ते कारोबार बंद कर दिया गया था। बाद में गलवान घाटी (Galwan Valley) में हुई भिड़ंत और तनाव की वजह से सदियों पुराना यह कारोबारी रास्ता बंद ही रहा। विदेश मंत्रालय ने पिथौड़ागढ़ प्रशासन को दोबारा व्यापार शुरू किए जाने को लेकर अधिसूचित किया है। डीएम ए के भटगई ने बताया कि उन्होंने तैयारी के लिए मीटिंग भी बुलाई थी। गौरतलब है कि लिपुलेख दर्रे के दक्षिणी हिस्से को लेकर नेपाल ने भी अपना दावा जताया था। वह कालापानी और लिंपियाधुरा पर अपना हक जता रहा है, जो...
RSP नेता बालेंद्र शाह होंगे नेपाल के नए PM, 27 मार्च को लेंगे पद की शपथ….

RSP नेता बालेंद्र शाह होंगे नेपाल के नए PM, 27 मार्च को लेंगे पद की शपथ….

अंतरराष्ट्रीय
काठमांडो। नेपाल (Nepal) में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) (Rashtriya Swatantra Party (RSP)) के वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह (Balendra Shah) 27 मार्च को प्रधानमंत्री (Prime Minister) पद की शपथ लेंगे। एक दिन पहले सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी। 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में आरएसपी ने 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने चुनाव से पहले ही बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने, वरिष्ठ नेता शाह तथा उपाध्यक्ष द्वय डीपी अर्याल और स्वर्णिम वाग्ले के बीच हुई बैठक में शपथ की तारीख तय की गई। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पीएम पद की शपथ से पहले 26 मार्च को संघीय संसद सचिवालय ने 26 मार्च को दोपहर 2 बजे सांसदों के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय है। इसके तुरंत बाद आरएसपी सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। अस्थायी हॉल में होग...
ब्रिटेन, फ्रांस समेत छह देश होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद को तैयार, कतर ने ईरान से की युद्ध रोकने की अपील

ब्रिटेन, फ्रांस समेत छह देश होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद को तैयार, कतर ने ईरान से की युद्ध रोकने की अपील

अंतरराष्ट्रीय
लंदन/मस्कट। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए मदद की पेशकश की है। इन देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में शामिल होने को तैयार हैं। साथ ही बयान में इन देशों ने ईरान के हालिया हमलों की निंदा की और उसे तुरंत रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने वाले देशों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि जरूरत पड़ने पर अन्य कदम भी उठाए जाएंगे, ताकि तेल सप्लाई पर असर कम किया जा सके। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते खतरे के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो रही है और तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान ...
कतर ने दिए ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को मुल्क छोड़ने के निर्देश

कतर ने दिए ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को मुल्क छोड़ने के निर्देश

अंतरराष्ट्रीय
तेहरान। ईरानी हमलों (Iranian attacks) के खिलाफ अब मिडिल ईस्ट (Middle East) के देश कार्रवाई शुरू कर चुके हैं। अब कतर (Qatar) ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को मुल्क छोड़ने के निर्देश दे दिए हैं। इसके लिए 24 घंटों का समय दिया गया है। अमेरिका और इजरायल (America and Israel) से युद्ध के बीच खाड़ी देशों में हमले करने को लेकर ईरान पहले ही कई मुल्कों के निशाने पर आ चुका है। खबर है कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मुस्लिम देशों की बड़ी बैठक भी होने वाली है। कतर के विदेश मंत्रालय ने लिखा, 'कतर के विदेश मंत्रालय ने देश में स्थित इस्लामी गणराज्य ईरान के दूतावास को एक आधिकारिक नोट सौंपा है। इसमें कहा गया है कि कतर, दूतावास के सैन्य अताशे (Military Attache) और सुरक्षा अताशे (Security Attache) के साथ-साथ इन दोनों कार्यालयों के समस्त स्टाफ को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित करता है। कतर ने मांग की ह...
मिडिल ईस्ट संकट के बीच कई देशो ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, भारत में अभी तक राहत

मिडिल ईस्ट संकट के बीच कई देशो ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, भारत में अभी तक राहत

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। दुनिया (World) के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol-Diesel Prices) बढ़ चुके हैं, लेकिन अभी तक भारत (India) के लोगों के लिए राहत है। ईरान-इजरायल युद्ध (Iran-Israel War.) की आग में जल रहे मिडिल-वेस्ट (Middle-West) के चलते कच्चे तेल में उबाल है। इसका असर ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। 23 फरवरी 2026 को जहां दुनिया भर में ईंधन की कीमतें सामान्य स्तर पर थीं, वहीं ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से हालात पूरी तरह बदल गए। ब्रेंट क्रूड ने 71 डॉलर प्रति बैरल से छलांग लगाते हुए 100 डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया। यह करीब 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी है, जो ग्लोबल एनर्जी मार्केट में युद्ध की गंभीर आशंकाओं को साफ दर्शाता है। कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब परइंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है। ग्लोबल पेट्रोल प्राइस डॉट कॉम के मु...
काबुल में भीषण हमला, 500 से अधिक मौतें… पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक का आरोप, UN ने की जांच की मांग

काबुल में भीषण हमला, 500 से अधिक मौतें… पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक का आरोप, UN ने की जांच की मांग

अंतरराष्ट्रीय
काबुल/इस्लामाबाद/जेनेवा। अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर हुए भीषण हमले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। अफगान अधिकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले में 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 250 लोग घायल हुए हैं। यह हमला हाल के वर्षों में अफगानिस्तान में हुआ सबसे घातक हवाई हमला माना जा रहा है। इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से तत्काल संघर्ष रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने इस हमले पर गहरी चिंता जताते हुए इसकी स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और हिंसा को तुरंत रोका जाना चाहिए। 2000 बेड वाले अस्पताल पर हमलासंयुक्त...