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Author: News Updater

धरती का स्वसे स्वच्छ अंटार्कटिका भी आया प्लास्टिक प्रदूषण की चपेट में…. मिट्टी में मिले नैनोप्लास्टिक

धरती का स्वसे स्वच्छ अंटार्कटिका भी आया प्लास्टिक प्रदूषण की चपेट में…. मिट्टी में मिले नैनोप्लास्टिक

अंतरराष्ट्रीय
वाशिंगटन। धरती (Earth) का सबसे स्वच्छ और मानव गतिविधियों से लगभग अछूता माना जाने वाला अंटार्कटिका (Antarctica) भी अब प्लास्टिक प्रदूषण (Plastic Pollution) की चपेट में आ चुका है। वैज्ञानिकों ने पहली बार अंटार्कटिका के भीतरी हिस्सों की मिट्टी में नैनोप्लास्टिक (Nano-Plastics) कणों की मौजूदगी दर्ज की है। प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित इस अध्ययन ने संकेत दिया है कि प्लास्टिक प्रदूषण अब महासागरों, नदियों और शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पृथ्वी के सबसे दूरस्थ और संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्र तक भी पहुंच चुका है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह खोज वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक प्रदूषण की गंभीरता को रेखांकित करती है और भविष्य के लिए चेतावनी भी है। क्या होता है नैनो प्लास्टिक?नैनो प्लास्टिक प्लास्टिक के अत्यंत सूक्ष्म कण होते हैं, जिनका आकार एक माइक्रोमीटर से भी कम होता...
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर बवाल…. कलिंग सेना की इस्कॉन को चेतावनी

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर बवाल…. कलिंग सेना की इस्कॉन को चेतावनी

राज्य, राष्ट्रीय
भुवनेश्वर। भुवनेश्वर (Bhubaneswar) के एक सामाजिक और राजनीतिक संगठन 'कलिंग सेना' (Kalinga Sena) ने इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) (ISKCON (International Society for Krishna Consciousness)) को कड़ी चेतावनी दी है। संगठन ने इस्कॉन को परंपरा और संस्कृति से हटकर भगवान जगन्नाथ की असमय रथ यात्रा आयोजित न करने के लिए कहा है। कलिंग सेना के कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर में इस्कॉन मंदिर के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया। यह प्रदर्शन पुरी के गजपति महाराज दिब्यसिंह देब की उस अपील को खारिज करने के विरोध में किया गया, जिसमें उन्होंने दुनिया भर में शास्त्रों के अनुसार ही रथ यात्रा आयोजित करने का अनुरोध किया था। पुरी और भुवनेश्वर में इस्कॉन का विरोध करने की धमकीकलिंग सेना के अध्यक्ष हेमंत रथ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि वे आगामी 16 जुलाई को होने वाली रथ यात्रा के दौरान इ...
MP: छतरपुर में केन-बेतना नदी जोड़ो योजना का विरोध…. आदिवासियों ने शुरू किया ‘फांसी सत्याग्रह’

MP: छतरपुर में केन-बेतना नदी जोड़ो योजना का विरोध…. आदिवासियों ने शुरू किया ‘फांसी सत्याग्रह’

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
छतरपुर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में 44,605 करोड़ रुपए की केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना (Ken-Betwa River Interlinking Project) के विरोध में आदिवासी महिला-पुरुषों ने शुक्रवार को गले में फांसी का फंदा डालकर प्रतीकात्मक 'फांसी सत्याग्रह' ('Hangman's Satyagraha') शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से समुचित पुनर्वास नहीं किए जाने पर उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग की। इस दौरान ग्रामीण छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर कूपी गांव के पास बराना नदी के किनारे जारी यह आंदोलन शुक्रवार को आठवें दिन में प्रवेश कर गया। इससे पहले विस्थापित परिवार 'चिता सत्याग्रह' और 'जल सत्याग्रह' भी कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें अवैध रूप से बेदखल किया गया, उनकी आजीविका छिन ली गई और परियोजना प्रभावितों की सूची तैयार करने में भी अनियमितताएं हुई हैं। छतरपुर के कलेक्टर पार्थ जा...
बांकीपुर उपचुनाव: BJP ने बदला प्रत्याशी…. नामांकन जमा होने के बाद अभिषेक बंटी ने वापस लिया नाम

बांकीपुर उपचुनाव: BJP ने बदला प्रत्याशी…. नामांकन जमा होने के बाद अभिषेक बंटी ने वापस लिया नाम

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
पटना। बिहार (Bihar) की बांकीपुर विधानसभा सीट (Bankipur Assembly seat) पर होने वाले उपचुनाव (By-election) को लेकर सियासी गलियारों में उस वक्त खलबली मच गई, जब बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा (Abhishek Kumar Sinha) उर्फ अभिषेक बंटी ने नामांकन दाखिल करने के महज एक दिन बाद ही शुक्रवार को अपना नाम वापस ले लिया। अभिषेक बंटी ने हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसके पीछे 'पारिवारिक कारणों' का हवाला दिया है, लेकिन अंदरखाने की कहानी कुछ और ही बयां कर रही है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी ने यह कदम किसी मजबूरी या पारिवारिक कारण से नहीं, बल्कि एक बड़े विवाद से बचने और चुनावी जोखिम को शून्य करने के लिए उठाया है। अभिषेक बंटी को चुनावी मैदान से हटाने के पीछे सबसे बड़ा कारण उनके पिता का अतीत बताया जा रहा है. अभिषेक बंटी के पिता रविंद्र प्रसाद सिन्हा बिहार के बहुचर्चित 'चारा घोटाले' में दोषी पाए गए थे. र...
MP: मंदसौर के शामगढ़ GRP थाना प्रभारी गिरफ्तार…. तस्कर को अफीम सप्लाई करने का आरोप

MP: मंदसौर के शामगढ़ GRP थाना प्रभारी गिरफ्तार…. तस्कर को अफीम सप्लाई करने का आरोप

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
नीमच। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच (Neemuch) में 1.50 किलोग्राम अफीम की खेप तस्कर (Opium consignment Smuggler) को सप्लाई करने के आरोप में मंदसौर जिले (Mandsaur district) के शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी (GRP Station In-charge) को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि 7 जुलाई को एक तस्कर 4.50 किलोग्राम अफीम के साथ एनडीपीएस एक्ट में पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने बताया कि 1.50 किलो अफीम उसे आरोपी थाना प्रभारी से हासिल की थी। आरोपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि 7 जुलाई को मंगल सिंह नामक तस्कर को 4.50 किलोग्राम अफीम के साथ एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के पास ड्रग्स रखने या उसके परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला था। थाना ...
एक्टर शेखर सुमन के सहयोगी के ठिकानों पर ED की रेड… कई देशों में बैंक अकाउंट चलाने के आरोप

एक्टर शेखर सुमन के सहयोगी के ठिकानों पर ED की रेड… कई देशों में बैंक अकाउंट चलाने के आरोप

राष्ट्रीय
मुम्बई। अभिनेता शेखर सुमन (Shekhar Suman) के सहयोगी धर्मेश संघानी (Dharmesh Sanghani) एक कंपनी 'कलानी इम्पेक्स' (Company 'Kalani Impex') चलाते हैं। ईडी (ED) ने शुक्रवार को धर्मेश संघानी के ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई बिना जानकारी वाली विदेशी संपत्ति और संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन को लेकर की गई। संघानी की फिल्म प्रोडक्शन में हिस्सेदारी मानी जाती है और वह शेखर सुमन के करीबी सहयोगी हैं। वह कनाडा, अमेरिका और यूएई में विदेशी बैंक अकाउंट चलाने के आरोपों के कारण ईडी की जांच के दायरे में आए हैं। जांच के दायरे में आई शेखर सुमन की फिल्म एकेडमीएजेंसी के मुताबिक 'शेखर सुमन फिल्म एकेडमी' से धर्मेश संघानी के संबंधों की भी जांच की जा रही है। ऐसी खबरें हैं कि वे इस संस्थान के को-फाउंडर हो सकते हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईडी ने 'कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड' और इसके एक्टिव डायर...
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का भारत पर क्या होगा असर? जानिए 5 बड़े प्रभाव

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का भारत पर क्या होगा असर? जानिए 5 बड़े प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। यदि क्षेत्र में संघर्ष और गहराता है या होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में समुद्री आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका असर भारत सहित दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए विशेषज्ञ संभावित आर्थिक प्रभावों पर नजर बनाए हुए हैं। तेल और गैस की आपूर्ति पर पड़ सकता है असर होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है। भारत के कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) आयात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। यदि इस समुद्री मार्ग पर आवाजाही बाधित होती है, तो तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे ऊर्जा लागत बढ़ने की आशंका रहेगी। बढ़ सकता है भ...
ड्रैगन की नई हिमाकत! समंदर से दागी 7300 KM रेंज वाली न्यूक्लियर मिसाइल, PM मोदी समेत Quad देशों ने जताई चिंता

ड्रैगन की नई हिमाकत! समंदर से दागी 7300 KM रेंज वाली न्यूक्लियर मिसाइल, PM मोदी समेत Quad देशों ने जताई चिंता

अंतरराष्ट्रीय
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य दादागीरी और समंदर के रास्ते परमाणु ताकत के प्रदर्शन ने दुनिया भर की चिंताओं को बढ़ा दिया है. चीन की एक न्यूक्लियर-पावर वाली सबमरीन ने समंदर से लंबी दूरी की एक खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया है. इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए मेलबर्न में द्विपक्षीय बैठक के दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानिस और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर विस्तार से चर्चा की और ड्रैगन की इस रणनीतिक चाल पर आपसी चिंता व्यक्त की. भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इस हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद पुष्टि की कि ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने सीधे तौर पर इस मिसाइल लॉन्च के मुद्दे को उठाया. भारत ने साफ किया कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता हर हाल में बनी रहनी चाहिए.सोलोमन आइलैंड्स के पास गिरा पेलोड सैन्य विशेषज्ञों और ताइवान के रक्षा अधिकारि...
यूएन में बढ़ा भारत का सम्मान, शांति मिशन में उत्कृष्ट योगदान के लिए मेजर मोइज और मेजर सोनिया को मिलेगा प्रतिष्ठित सम्मान

यूएन में बढ़ा भारत का सम्मान, शांति मिशन में उत्कृष्ट योगदान के लिए मेजर मोइज और मेजर सोनिया को मिलेगा प्रतिष्ठित सम्मान

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों (UN Peacekeeping Missions) में भारतीय सेना के योगदान को एक बार फिर वैश्विक स्तर पर सम्मान मिला है। भारतीय सेना के मेजर मोइज और मेजर सोनिया को शांति मिशनों में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाएगा। यह सम्मान उन सैन्य अधिकारियों को दिया जाता है जिन्होंने संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना, नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता में असाधारण योगदान दिया हो। भारतीय शांति सैनिकों की भूमिका को मिली वैश्विक पहचान संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारत लंबे समय से सबसे सक्रिय योगदान देने वाले देशों में शामिल रहा है। भारतीय सैन्यकर्मी अफ्रीका और अन्य संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों की सहायता, मानवीय राहत तथा शांति बहाली जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते र...
क्या व्हेल मछलियों की भी होती है अपनी संस्कृति? जानिए कैसे 20 हजार सालों में बदल गई इन समुद्री दिग्गजों की जुबान

क्या व्हेल मछलियों की भी होती है अपनी संस्कृति? जानिए कैसे 20 हजार सालों में बदल गई इन समुद्री दिग्गजों की जुबान

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्‍ली। जैसे भारत में कुछ किलोमीटर की दूरी पर इंसानों की भाषा और बोली बदल जाती है, ठीक वैसे ही समुद्र की गहराइयों में भी कुछ ऐसा ही चल रहा है. वैज्ञानिकों ने एक बेहद हैरान करने वाली खोज में पता लगाया है कि विशालकाय स्पर्म व्हेल (Sperm Whales) भी इंसानों की तरह अलग-अलग क्षेत्रीय बोलियों (Regional Dialects) का इस्तेमाल करती हैं. भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) में पिछले दो दशकों से किए जा रहे एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में रहने वाली व्हेल्स एक ही बात को अलग-अलग रफ्तार और अंदाज में बोलती हैं. आइए जानते हैं समुद्र के नीचे चल रहे इस दिलचस्प कम्यूनिकेशन के पीछे का पूरा विज्ञान.क्या है व्हेल्स का यह सीक्रेट कोड?स्पर्म व्हेल आपस में बातचीत करने के लिए एक खास तरह की आवाज निकालती हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'कोडा' (Coda) कहा जाता है. यह कोडा असल में क्लिक-क्लिक...