Saturday, July 11खबर जो असर करे |
Shadow

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर बवाल…. कलिंग सेना की इस्कॉन को चेतावनी

भुवनेश्वर। भुवनेश्वर (Bhubaneswar) के एक सामाजिक और राजनीतिक संगठन ‘कलिंग सेना’ (Kalinga Sena) ने इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) (ISKCON (International Society for Krishna Consciousness)) को कड़ी चेतावनी दी है। संगठन ने इस्कॉन को परंपरा और संस्कृति से हटकर भगवान जगन्नाथ की असमय रथ यात्रा आयोजित न करने के लिए कहा है। कलिंग सेना के कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर में इस्कॉन मंदिर के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया। यह प्रदर्शन पुरी के गजपति महाराज दिब्यसिंह देब की उस अपील को खारिज करने के विरोध में किया गया, जिसमें उन्होंने दुनिया भर में शास्त्रों के अनुसार ही रथ यात्रा आयोजित करने का अनुरोध किया था।


पुरी और भुवनेश्वर में इस्कॉन का विरोध करने की धमकी
कलिंग सेना के अध्यक्ष हेमंत रथ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि वे आगामी 16 जुलाई को होने वाली रथ यात्रा के दौरान इस्कॉन के भक्तों को पुरी में प्रवेश नहीं करने देंगे। इसके साथ ही संगठन ने भुवनेश्वर में भी इस्कॉन की रथ यात्रा रोकने की धमकी दी है। हालांकि, इस्कॉन की भुवनेश्वर शाखा पुरी मंदिर की परंपरा के अनुसार ही रथ यात्रा आयोजित करती है।


गजपति महाराज के अपमान का मुद्दा
हेमंत रथ ने पत्रकारों से कहा कि इस्कॉन को ओडिशा में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संगठन ने गजपति महाराज दिब्यसिंह देब का अपमान किया है, जिन्हें भगवान जगन्नाथ का पहला सेवक माना जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि पुरी और भुवनेश्वर की रथ यात्रा के दौरान इस्कॉन के लोग मौजूद न रहें। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे कानून अपने हाथ में ले रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि अगर वे हमारी जगन्नाथ संस्कृति का सम्मान नहीं करते, तो हम पुरी में उनका सम्मान क्यों करें?


मंदिरों में ताला लगाने की चेतावनी
हेमंत रथ ने चेतावनी दी कि यदि इस्कॉन ने दुनिया भर में असमय रथ यात्रा निकालना बंद नहीं किया, तो ओडिशा में उनके सभी मंदिरों को निशाना बनाया जाएगा और उनमें ताला लगा दिया जाएगा। कलिंग सेना ने ओडिशा के लोगों से भी अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस्कॉन का विरोध करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *