Tuesday, June 2खबर जो असर करे |
Shadow

मनरेगा में मजदूर की फर्जी उपस्थिति के लिये बनाया क्लोन एप

  • काम में उपस्थिति दिखाकर हो रहे हैं करोड़ों के बारे-न्यारे
    मुरैना। ग्राम विकास के लिये दृढ़ संकल्पित सरकार व शासन के उद्देशों को पलीता लगाये जाने का काम मजदूर की फर्जी उपस्थिति दिखाकर किया जा रहा है। जिले की 478 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 1 लाख 12 हजार 520 परिवारों को 26 लाख 49 हजार 930 कार्यदिवस रोजगार दिया गया। इसमें बृहद स्तर पर मजदूर की फर्जी उपस्थिति के आधार पर भुगतान लिये जाने की संभावनाऐं बताई जा रहीं हैं। इसी के चलते पंचायत के कर्ताधर्ताओं ने करोड़ों के बारे-न्यारे कर लिये हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिये विगत दिवस कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने एक आदेश जारी कर दिया है। जिसके तहत भारत सरकार के नरेगा मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) के फर्जी एप का उपयोग किये जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाने की चेतावनी दी है। वहीं जनपद पंचायत तथा मनरेगा के अधिकारी कर्मचारियों को भी निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायत में एनएमएमएस एप पर मस्टर रोल में उपस्थिति की जांच कर पुष्टी करें ।
    मनरेगा के तहत संचालित कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण कर वास्तविकता की जांच करें। इसमें लापरवाही किये जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की संभावना भी अधिक बताई जा रही है। जिले की अनेक पंचायतों में प्रति दिवस 200 से लेकर 1000 तक मजदूरों की मांग तथा उनकी उपस्थिति दर्शायी जा रही है। जिले की कुछ पंचायतों में इस मजदूरी के नाम पर प्रतिमाह 60 से 70 लाख रूपये का बंदरबांट किया जा रहा है। मनरेगा के तहत संचालित कार्यों का कार्यावधि के दौरान घर में बैठकर निरीक्षण किये जा रहे हैं। कार्यों का भौतिक संत्यापन ईमानदारी व निष्ठा से न होने के कारण अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य की गुणवत्ता व कार्य की उपस्थिति पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है। मनरेगा के तहत एक मजदूर को 100 दिन का कार्य दिया जाता है। प्रतिदिन मजदूर को 261 रूपये के मान से मजदूरी दिये जाने का नियम है। बीते वित्तीय वर्ष में 69 करोड़ 16 लाख 31 हजार 730 रूपये की मजदूरी का भुगतान होना बताया जा रहा है। इस पर प्रश्नचिन्ह है कि इतने मजदूर गांव में कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं।

फर्जी मजदूर पकड़ा तो हो सकती है आजीवन कारावास
ग्राम पंचायत के मस्टर में मजदूर की उपस्थिति भारत सरकार से एनएमएमएस से लगाये जाने का प्रावधान है। कुछ पंचायतों में मजदूरों की बढ़ती संख्या व उनकी हाजरी मनरेगा के क्लोन एप से लगाये जाने की संभावनाओं के चलते कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा लोकेश कुमार जांगिड़ ने विगत दिवस पंचायतों के लिये आदेश जारी किया है कि क्लोन एप से मजदूर की हाजरी लगी तो आपराधिक मामला रोजगार सहायक के विरूद्ध दर्ज किया जावेगा। जिसमें भारतीय न्याय संहिता के आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। जिला प्रशासन को अनेकों शिकायतें उपलब्ध हुईं हैं, जिसके तहत एक ही मस्टर रोल में अलग-अलग दिनांक को एक ही मजदूर के नाम से अलग-अलग व्यक्तियों के फोटो अपलोड किये गये हैं। इस क्लोन एप से कार्य स्थल से अलग हटकर किसी भी व्यक्ति का फोटो जॉबकार्डधारी के स्थान पर अपलोड किया गया है। इस तरह का मामला जिले की मुरैना जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत खडग़पुर में देखने में आया है। कलेक्टर के आदेश के बाद ग्राम पंचायतों में हडक़म्प मच गया है। अनेक ग्राम रोजगार सहायकों ने अपने सचिव व सरपंच को चेतावनी दे दी है कि फर्जी मजदूर की हाजरी नहीं लगायेंगे। जिससे सचिव व सरपंच के होश उड़े हुये हैं।

फसल काटने को मजदूर नहीं, नरेगा में मजदूरों की भरमार
ग्रामीण विकास के लिये मजदूरों की कोई कमी नहीं देखी जा रही है। आज 02 जून को जिले की जौरा जनपद पंचायत की 70 ग्राम पंचायतों में 8065 मजदूरों की मांग 98 कार्यों के लिये की है। इसमें ग्राम पंचायत बडोना के 97 मस्टर पर 10 काम में 961 तथा सिघोरा ग्राम पंचायत के 92 मस्टर पर 9 काम में 905 मजदूरों की मांग की गई है। इसी तरह अनेक पंचायतों में 200 से 400 तक मजदूरों की मांग सामने आई है।
ग्रामीण के साथ-साथ ग्राम विकास के जानकार आश्चर्यचकित है कि हिंदी माह चैत्र तथा कार्तिक में फसल काटने के लिये गांव में 500 से 700 रूपये प्रति दिन पर मजदूर पैदा नहीं होता, हालांत यह है कि जिले के बड़े किसान बुन्देलखण्ड, बघेलखण्ड, मालवा तथा छत्तीसगढ़ से हजारों मजदूरों को लाकर अपनी $फसल का कार्य कराते हैं। इसके विपरीत जिले की ग्राम पंचायत निर्माण कार्य के लिये हजारों मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *