नई दिल्ली। देश के लोकप्रिय आम आधारित पेय ब्रांड माज़ा के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रीय आम दिवस के मौके पर विशेष डाक लिफाफा (स्पेशल कवर) जारी किया गया। कार्यक्रम के दौरान आम उत्पादक किसानों को भी सम्मानित किया गया। आयोजन का उद्देश्य भारत की आम परंपरा, किसानों के योगदान और आम आधारित मूल्य श्रृंखला को सम्मान देना रहा।
विशेष डाक लिफाफे का विमोचन केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने किया। कार्यक्रम में डाक विभाग के दिल्ली सर्किल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कर्नल अखिलेश कुमार पांडे, कोका-कोला इंडिया एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया की वाइस प्रेसिडेंट (पब्लिक अफेयर्स, कम्युनिकेशन्स एंड सस्टेनेबिलिटी) देवयानी राणा, कंपनी के बॉटलिंग पार्टनर्स, आम आपूर्तिकर्ता संस्थाओं तथा अन्य सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
आयोजकों के अनुसार, यह विशेष डाक लिफाफा भारत की आम विरासत और उससे जुड़े किसान समुदाय को समर्पित है। इसके डिजाइन में आम के बागों और माज़ा की बोतल की प्रेरणा को शामिल करते हुए ब्रांड की 50 वर्षों की यात्रा को दर्शाया गया है। यह फिलाटेली (डाक टिकट संग्रह) के लिए भी एक स्मरणीय संस्करण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन ‘आनंदना’ के प्रोजेक्ट ‘उन्नति’ से जुड़े आम किसानों और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इन किसानों के प्रयासों से भारतीय आम की गुणवत्ता और उसकी पहचान को मजबूती मिली है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर चुका है और अब खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के माध्यम से कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के प्रयास भविष्य के लिए महत्वपूर्ण निवेश हैं। उनके अनुसार, आम जैसे भारतीय फल की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने में उद्योग और किसानों की साझेदारी अहम भूमिका निभा रही है।
कोका-कोला इंडिया एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया के वाइस प्रेसिडेंट (इंटीग्रेटेड ऑपरेशन्स) संदीप बाजोरिया ने कहा कि पिछले पांच दशकों में माज़ा ने भारतीय आमों का स्वाद देशभर के उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के साथ किसानों के साथ खरीद, तकनीकी सहयोग और मूल्य श्रृंखला के विकास पर भी काम किया है। उन्होंने कहा कि फसल की खरीद से लेकर प्रोसेसिंग, बॉटलिंग और वितरण तक की पूरी व्यवस्था लाखों उपभोक्ताओं तक उत्पाद पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
एसएलएमजी बेवरेजेस के संयुक्त प्रबंध निदेशक पारितोष लधानी ने कहा कि माज़ा की प्रत्येक बोतल के पीछे किसानों, प्रसंस्करण इकाइयों, विनिर्माण संयंत्रों, परिवहन, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं की साझा मेहनत शामिल है। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पूरे होने का यह अवसर पूरी आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े सभी लोगों के योगदान का सम्मान है।
आयोजकों के अनुसार, यह विशेष डाक लिफाफा माज़ा के स्वर्ण जयंती वर्ष के तहत चलाए जा रहे राष्ट्रीय अभियान “50 साल से, सिप-सिप में आम” का हिस्सा है, जिसके माध्यम से भारतीय आम और उससे जुड़े किसान समुदाय के योगदान को रेखांकित किया जा रहा है।
