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100 बेलमेटल हस्तशिल्पकारों को टूलकिट वितरण, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

जगदलपुर, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। बस्तर जिला मुख्यालय में बेलमेटल (डोकरा) हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 100 बेलमेटल शिल्प कारीगरों को टूलकिट का वितरण शनिवार को किया गया। यह कार्यक्रम वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से आयोजित किया गया, जिसे बस्तर शिल्प हैंडीक्राफ्ट्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया। टूलकिट वितरण से बेलमेटल शिल्प से जुड़े कारीगरों को आधुनिक एवं आवश्यक औजार प्राप्त हुए हैं, जिससे उनके कार्य में आसानी होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और आय में सुधार होगा। यह कार्यक्रम बस्तर के पारंपरिक हस्तशिल्प के संरक्षण के साथ-साथ उसे आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त और सकारात्मक पहल है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बेलमेटल हस्तशिल्पकार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर सांसद महेश कश्यप रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बस्तर का हस्तशिल्प हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान है, और यह हजारों कारीगरों की आजीविका का मजबूत आधार भी है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का मुख्य उद्देश्य कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से जोड़ना है।

इस अवसर पर हस्तशिल्प सेवा केन्द्र, जगदलपुर के सहायक निदेशक मनोज राठी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि उपयुक्त और आधुनिक औजार मिलने से कारीगरों की उत्पादकता, गुणवत्ता और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

बस्तरशिल्प हैंडीक्राफ्ट्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधि प्रबीर कुमार बनिक ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल टूलकिट उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि कारीगरों को संगठित कर उन्हें प्रशिक्षण, बाज़ार से जोड़ना और उनके उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी बस्तरशिल्प कारीगरों के हित में इस प्रकार की योजनाओं को निरंतर आगे बढ़ाएगा।

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