
डिब्रूगढ़, 30 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को डिब्रूगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तीसरी बार असम में सत्ता में आती है, तो राज्य से एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठिये को बाहर किया जाएगा।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि इसने अपनी वोट बैंक की राजनीति के लिए असम को बांग्लादेशी घुसपैठियों की चरागाह बना दिया। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस शासन के समय काजीरंगा जैसे संरक्षित क्षेत्रों पर अवैध कब्जेदारों को बसने का साहस मिला।
गृहमंत्री का कहना था कि असम की जनसांख्यिकी में हो रहे बदलाव को रोकने के लिए भाजपा का पुनः सत्ता में आना आवश्यक है। उन्होंने डिब्रूगढ़ में दूसरी राजधानी के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री के निर्णय की सराहना की और असम की जनता से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
असम की चाय पर अमित शाह ने कहा, “प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम की चाय को पेरिस से लेकर बर्लिन तक वैश्विक पहचान दिलाई है।” उन्होंने बताया कि यूरोपीय यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौते के पश्चात, असम की चाय को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इसके लंबे शासनकाल में असम को केवल गोली, बम और युवाओं की मौत मिली। इसके विपरीत भाजपा के शासन में राज्य में शांति स्थापित हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज़ादी के बाद दशकों तक शासन करने वाली कांग्रेस ने कभी असम के विकास के बारे में गंभीरता से नहीं सोचा। भाजपा सरकार के कार्यकाल में असम में 27 हजार करोड़ रुपये का सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट आया है और अनेक कैंसर अस्पताल स्थापित हुए हैं।
अमित शाह ने 26 जनवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उत्तर-पूर्वी परिधानों के कथित अपमान के प्रति प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी असम और असमिया अस्मिता का सम्मान करते हैं, जबकि राहुल गांधी इस संस्कृति का सम्मान नहीं करते।
अमित शाह का यह भाषण आगामी चुनावों से पहले असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें घुसपैठ, असमिता, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाया गया है।
