भारत में चीन के नव-नियुक्त रक्षा अधिकारी रियर एडमिरल यू जियान ने भारत के सशस्त्र बलों की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि चीन उस बचाव अभियान को कभी नहीं भूलेगा जब भारतीय सेना ने एक जलते हुए मालवाहक जहाज से 12 चीनी क्रू सदस्यों की जान बचाई थी। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह को संबोधित करते हुए रियर एडमिरल यू जियान ने ये बातें कही हैं।
उन्होंने कहा, “हम यह कभी नहीं भूलेंगे कि पिछले साल जून में जब केरल तट के पास एक चीनी मालवाहक जहाज में भीषण आग लग गई और विस्फोट हुआ था तब भारतीय सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 चीनी नाविकों की जान बचाई थी।”
आपको बता दें कि पिछले वर्ष हुए इस हादसे के दौरान भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने एक संयुक्त और बेहद कठिन बचाव अभियान चलाकर सभी चीनी नागरिकों को सुरक्षित निकाला था। चीनी सैन्य अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से भारतीय सेना की इस सराहना को दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने और सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
LAC विवाद के बाद संबंधों में सुधार की पहल
वर्ष 2020 में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हुए हिंसक गतिरोध के बाद से भारत और चीन के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर संबंधों को धीरे-धीरे पटरी पर लाने के लिए कई रचनात्मक और दूरदर्शी दौर की वार्ताएं हुई हैं। चीनी रक्षा अधिकारी ने दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच आपसी सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान किया। दोनों देशों के साझा हितों को रेखांकित करते हुए यू जियान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों में भारत और चीन की भूमिका का विशेष रूप से उल्लेख किया है।
उन्होंने कहा, “हमें यह याद रखने की आवश्यकता है कि चीन और भारत दोनों के सशस्त्र बलों ने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में उत्कृष्ट योगदान दिया है और महान बलिदान दिए हैं। हमारा हमेशा से यह मानना रहा है कि हमारे दोनों देशों के बीच साझा हित हमारे मतभेदों की तुलना में कहीं अधिक बड़े हैं।”
संवाद जारी रखने की प्रतिबद्धता
सैन्य जुड़ाव को और गहरा करने की इच्छा व्यक्त करते हुए रियर एडमिरल ने कहा कि चीन, राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से भारत के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संवाद के जरिए आपसी विश्वास को बढ़ाया जा सकता है और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देकर दोनों देशों की जनता के कल्याण में योगदान दिया जा सकता है।
