
जयपुर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)।
लेखक: LN Star News
जयपुर में पहली बार आर्मी एरिया से बाहर आयोजित हो रही सेना दिवस परेड की पहली फुल ड्रेस रिहर्सल हाल ही में शुक्रवार को आयोजित की गई। जगतपुरा स्थित महल रोड पर हुई इस रिहर्सल से पहले सेना के बैंड ने आकर्षक प्रदर्शन किया, जबकि पूरे अभ्यास के दौरान भारतीय सेना की विभिन्न शक्तियों, आधुनिक तकनीक और स्वदेशी क्षमताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
रिहर्सल की शुरुआत गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित अधिकारियों द्वारा परेड कमांडर को सलामी देने के साथ हुई। अशोक चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र जैसे सर्वोच्च सम्मानों से अलंकृत अधिकारियों ने परेड का नेतृत्व किया। इसके बाद आर्मी बैंड और घुड़सवार टुकड़ी ने कदमताल करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इस फुल ड्रेस रिहर्सल में सेना की आधुनिक मिसाइलें, मशीनगन, हथियार, टैंक और सैन्य वाहन प्रदर्शित किए गए। विशेष रूप से, ऑपरेशन सिंदूर की झांकी में प्रदर्शित किए गए रोबोटिक डॉग्स और ब्रह्मोस मिसाइल ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
रिहर्सल के दौरान, भारतीय सेना में शामिल स्वदेशी नस्लों के डॉग्स – मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम – ने परेड का अभ्यास किया। चश्मा पहने हुए मुधोल हाउंड डॉग्स विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जो अपनी चुस्ती, फुर्ती और आक्रामकता के लिए जाने जाते हैं। यह प्रदर्शन सेना में स्वदेशी प्रतिभा और विविधता को रेखांकित करता है। कड़ाके की ठंड के बावजूद, बड़ी संख्या में लोग इस फुल ड्रेस रिहर्सल को देखने पहुंचे। पंजीकृत दर्शकों के लिए सुबह 8:45 बजे तक पहुंचने का समय निर्धारित किया गया था। सुरक्षा कारणों से, रिहर्सल शुरू होने के बाद किसी को भी बीच में प्रवेश करने या कार्यक्रम समाप्त होने से पहले स्थान छोड़ने की अनुमति नहीं थी। रिहर्सल में मद्रास रेजिमेंट के जवानों ने एक शानदार फ्लैग मार्च प्रस्तुत किया। इस टुकड़ी में एक अधिकारी, दो जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) और 144 जवान शामिल थे। इसके अतिरिक्त, अरुणाचल साउथ के जवानों द्वारा किए गए फ्लैग मार्च ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ये जवान पहाड़ी और बर्फीले इलाकों में युद्ध संचालन में अपनी दक्षता के लिए विख्यात हैं।
आगामी सेना दिवस परेड में पहली बार भैरव बटालियन अपनी ताकत और आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रदर्शन करेगी। हाल ही में गठित यह नई स्पेशल फोर्स, जिसका नाम भैरव है, ड्रोन आधारित ऑपरेशंस के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है, जिसमें एक लाख से अधिक प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर शामिल हैं। रिहर्सल के दौरान भैरव बटालियन की प्रभावशाली उपस्थिति भी दर्ज की गई। इस अभ्यास में ऑल-टेर्रेन व्हीकल का भी प्रदर्शन किया गया, जो पानी, रेगिस्तान और पथरीले इलाकों सहित विभिन्न भूभागों में आसानी से संचालित करने में सक्षम है। इसका उपयोग सैन्य अभियानों के साथ-साथ आपदा राहत, खोज और बचाव कार्यों में भी किया जाता है।
