यूका फैक्ट्री का कचरा हटने से भोपाल से मिटा गैस त्रासदी का कलंक, अब जमीन का करेंगे प्रबंधनः CM मोहन यादव
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal gas tragedy) को प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण बताया. कहा कि इस भयानक घटना ने नागरिकों और पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।
CM यादव विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान की शुरुआत की गई। सीएम यादव ने कहा, "भोपाल गैस त्रासदी प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण है. यह सबसे भयानक घटना थी जिसने आम नागरिकों और पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।
फैक्ट्री के कचरे का हुआ सफल निपटारामुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़े कचरे का निपटारा कर दिया है. उन्होंने आगे कहा, "इससे भोपाल की धरती से गैस त्रासदी का कलंक मिट गया है. ...









