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Tag: धार्मिक

कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली

कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली

लेख
By: प्रयाग पाण्डे कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली प्रयाग पाण्डे हिमालय की गोद में बसा कुमाऊं अंचल न केवल अपने नैसर्गिक सौंदर्य, सुदीर्घ और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के लिए भी विख्यात है, बल्कि यहां मनाई जाने वाली होली का भी अंदाज निराला है। यही वजह है कि कुमाउंनी होली की विशिष्ट पहचान है। अपना अनोखा रंग है। यहां की होली तन को ही नहीं रंगती, मन को भी उमंग से लबालब भर देती है। कुमाऊं की होली में आंचलिक विशिष्टता है। अनूठा सौंदर्य बोध है। रंग, राग और रागनियों का अदभुत समावेश है। ऋतुराज वसंत को यौवन का सूचक माना जाता है। वसंत ऋतु के आते ही समूची प्रकृति का यौवन एकाएक खिल उठता है। प्रकृति रंग -बिरंगी हो जाती है। विशिष्ट सुगंध और रंग लिए फूल खिलने लगते हैं। देश के अलग - अलग ्सों में लोग अपने -अपने अंदाज में वसंतोत्सव के रंग के आगोश में डूब जाते हैं। भारत के कोने -कोने में राग -रं...
माघी पूर्णिमा: त्रिवेणी संगम में 90 लाख श्रद्धालुओं का स्नान

माघी पूर्णिमा: त्रिवेणी संगम में 90 लाख श्रद्धालुओं का स्नान

ब्रेकिंग न्यूज़
प्रयागराज, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज माघ मेला में माघी पूर्णिमा के पावन स्नान पर्व पर सुबह 8 बजे तक लगभग 90 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
महाकाल महोत्सव में प्रस्तुत होगा इंडोनेशियाई शिव नृत्य-नाट्य

महाकाल महोत्सव में प्रस्तुत होगा इंडोनेशियाई शिव नृत्य-नाट्य

मध्य प्रदेश, राज्य
उज्जैन, 18 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। भगवान महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में चल रहे पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव के अंतिम दिन आज रविवार को इंडोनेशिया की प्रसिद्ध नृत्य मंडली द्वारा शिव-केंद्रित नृत्य-नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी। यह प्रस्तुति शिव तत्व, तांडव और आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक कला दृष्टि से प्रस्तुत करेगी। वीर भारत न्यास और महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 14 से 18 जनवरी तक महाकाल लोक एवं त्रिवेणी संग्रहालय में महाकाल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला निरंतर श्रद्धा और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रही है। महोत्सव के अंतिम दिन सायं 7 बजे महाकाल लोक में देश-विदेश की विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दर्शकों को भावविभोर करेंगी। वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि महोत्सव के अंतिम दिन इंडोनेशिया की प्रसिद्ध नृत्य मंडली द्वार...
मकर संक्रांतिः सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व

मकर संक्रांतिः सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व

लेख
मृत्युंजय दीक्षित मकर संक्रांति के मौके पर जब सूर्यदेव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब यह पर्व मनाया जाता है। यह पर्व सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने का पर्व माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन जप, तप, दान, स्नान, श्रद्धा, तर्पण आदि विधियों का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन दिया गया दान सौ गुना बढ़कर मिलता है। इस दिन उड़द, चावल, तिल, गौ, स्वर्ण, ऊनी वस्त्र, कम्बल आदि का दान किया जाता है, और गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। इस पर्व से संबंधित पौराणिक कथाएं भी हैं, जैसे भगवान भास्कर का अपने पुत्र शनिदेव से मिलने जाना और महाभारत के समय भीष्म पितामह का इसी दिन देह त्याग करना। इस दिन गंगाजी ने भगीरथ के साथ कपिल मुनि के आश्रम से सागर में जाकर मिलने का कार्य किया था। इसके अलावा, भगवान विष्णु ने इस दिन असुरों का अंत कर युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी, इसलिए इसे सकारात्मक...