
उज्जैन, 31 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में शांति पैलेस चौराहे पर शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा घटित हुआ। इंदौर–उज्जैन फोरलेन को सिक्सलेन में परिवर्तित करने के दौरान चल रहे ब्रिज निर्माण कार्य में एक मजदूर की मौत हो गई। यह घटना दोपहर करीब 1:30 बजे हुई, जब मजदूर पिलर पर कार्य करते समय लोहे के सरियों के बीच फंस गया।
मृतक की पहचान झारखंड निवासी अशोक के रूप में हुई है, जो रवि इंफ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य में मजदूर के रूप में कार्यरत था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अशोक पिलर पर लोहे का जाल (सरिया) बिछा रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सरियों के बीच दब गया। घटना के समय पिलर पर चार से पांच मजदूर मौजूद थे। सहकर्मी विष्णु ने बताया कि हादसा अचानक हुआ, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घटनास्थल नानाखेड़ा थाना क्षेत्र में आता है लेकिन सूचना मिलने पर नीलगंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मजदूर को बाहर निकालने के लिए गैस कटर की मदद से सरियों को काटा गया। कड़ी मशक्कत के बाद अशोक को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नीलगंगा थाना प्रभारी टी. तरुण कुरिल ने बताया कि “ब्रिज निर्माण के दौरान एक मजदूर सरियों में फंस गया था। उसे निकालकर अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की जांच की जा रही है।”
बताया जा रहा है कि इस परियोजना में झारखंड से आए करीब 15 मजदूर काम कर रहे हैं। इंदौर–उज्जैन सिक्सलेन हाईवे परियोजना सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत विकसित की जा रही है। करीब 1619 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क इंदौर के अरबिंदो अस्पताल से उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज तक बनाई जा रही है। इस परियोजना में तीन फ्लाईओवर, छह अंडरपास और ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए आठ जंक्शन शामिल हैं। परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के बाद अन्य मजदूरों में दहशत का माहौल है।
