
नई दिल्ली, 30 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, भारी फैब्रिकेशन, कास्टिंग, फॉर्जिंग, रिवर्स इंजीनियरिंग और टर्न-की प्रोजेक्ट मशीनरी के क्षेत्र में कार्यरत कंपनी शायोना इंजीनियरिंग के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री करते हुए अपने आईपीओ निवेशकों को थोड़ी निराशा दी। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 144 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार-चढ़ाव के 144 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर 137.40 रुपये तक गिर गए, लेकिन बाद में खरीदारों की लिवाली ने स्थिति में सुधार किया। पूरे दिन के कारोबार के बाद कंपनी के शेयर 151.20 रुपये पर बंद हुए, जिससे पहले दिन के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक फ्लैट लिस्टिंग के बावजूद प्रति शेयर 7.20 रुपये यानी 5 प्रतिशत का मुनाफा कमाने में सफल रहे।
शायोना इंजीनियरिंग का 14.86 करोड़ रुपये का आईपीओ 22 से 27 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों से औसत प्रतिक्रिया मिली, जिसके चलते यह ओवरऑल 5.43 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) का हिस्सा 3.33 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) का हिस्सा 9.30 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ। वहीं रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए 3.73 गुना सब्सक्रिप्शन आया। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 10.32 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के माध्यम से प्राप्त राशि का उपयोग कंपनी प्लांट और मशीनरी खरीदने, पुराने कर्ज का बोझ कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में दावा किया गया है कि इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 61 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 1.71 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में शुद्ध लाभ बढ़कर 2.42 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष में, अप्रैल से 30 नवंबर 2025 तक, कंपनी ने 2.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया।
इस दौरान कंपनी का राजस्व भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 12.63 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 15.28 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में 23.18 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 नवंबर 2025 तक इसे 19.15 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
परंतु, इस अवधि में कंपनी के कर्ज में निरंतर बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 3.45 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 5.42 करोड़ रुपये और 2024-25 में 13.92 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक कंपनी पर कुल कर्ज 22.61 करोड़ रुपये हो गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में यह 1.01 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में 1.72 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस 7.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचे और मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक यह 9.50 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी प्रकार ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.15 करोड़ रुपये पर था, जो 2023-24 में 3 करोड़ रुपये हो गया। 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 5 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया और मौजूदा वित्त वर्ष में, 30 नवंबर 2025 तक यह 4.08 करोड़ रुपये रहा।
