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विक्ट्री ईवी ने निवेशकों को दिया झटका, कमजोर लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट

नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर और थ्री व्हीलर बनाने वाली कंपनी विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हेकिल्स इंटरनेशनल के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में कमजोर शुरुआत करके अपने आईपीओ निवेशकों को करारा झटका दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 41 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 15.98 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 34.45 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली शुरू हो गई, जिसके कारण थोड़ी ही देर में ये शेयर 32.75 रुपये लोअर सर्किट लेवल पर आ गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 20.12 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

विक्ट्री ईवी इंटरनेशनल का 35 करोड़ रुपये का आईपीओ 7 से 9 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से काफी फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये फुली सब्सक्राइब भी नहीं हो सका था। ये आईपीओ ओवरऑल 0.95 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.91 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 0.99 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 84.30 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में तथा आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 79 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.89 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 5.17 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में पहली छमाही के अंत यानी 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 1.62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 52.14 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में थोड़ा कम होकर 48.76 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 51.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 16.90 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 2.90 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5.30 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 9.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 4.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.20 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 7.09 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस थोड़ा घट कर 7.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक ये 8.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.80 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.99 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 7.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 30 सितंबर 2025 तक ये 2.60 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

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