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शैडोफैक्स के आईपीओ के प्राइस बैंड और साइज की घोषणा, 20 जनवरी को होगी लॉन्चिंग

नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लॉजिस्टिक सर्विस देने वाली कंपनी **शैडोफैक्स** के **पब्लिक इश्यू (आईपीओ)** के लिए **प्राइस बैंड** और उसके **साइज** की घोषणा कर दी गई है। इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए **118 रुपये** से लेकर **124 रुपये** प्रति शेयर का **प्राइस बैंड** तय किया गया है, जबकि **लॉट साइज** **120 शेयर** का है। इस इश्यू का साइज **1,907.27 करोड़ रुपये** का है।

**शैडोफैक्स** का ये इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए **20 जनवरी** को खुलेगा। निवेशक इसमें **22 जनवरी** तक बोली लगा सकेंगे। क्लोजिंग के बाद **23 जनवरी** को शेयरों का **अलॉटमेंट** किया जाएगा, जबकि **27 नवंबर** को अलॉटेड शेयर **डिमैट अकाउंट** में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर **28 जनवरी** को **बीएसई** और **एनएसई** पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम **1 लॉट** यानी **120 शेयरों** के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें **14,880 रुपये** का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर **1,93,440 रुपये** के निवेश से अधिकतम **13 लॉट** में **1,560 शेयर** के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत **10 रुपये** फेस वैल्यू वाले कुल **15.38 करोड़ शेयर** जारी किए जा रहे हैं। इनमें **1,000 करोड़ रुपये** के **8.06 करोड़** नए शेयर जारी हो रहे हैं। इसके अलावा **907.27 करोड़ रुपये** के **7.321 करोड़** शेयर **ऑफर फॉर सेल** विंडो के जरिये बेचे जाएंगे।

इस आईपीओ में **क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी)** के लिए न्यूनतम **75 प्रतिशत** हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए अधिकतम **10 प्रतिशत** हिस्सा और **नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई)** के लिए अधिकतम **15 प्रतिशत** हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए **आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड** को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं **केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड** को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष **2022-23** में कंपनी को **142.64 करोड़ रुपये** का **शुद्ध घाटा** हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष **2023-24** में घट कर **11.88 करोड़ रुपये** रह गया। **2024-25** में कंपनी मुनाफे में आ गई। इस साल कंपनी को **6.06 करोड़ रुपये** का शुद्ध लाभ हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी **अप्रैल से 30 सितंबर 2025** के अंत तक कंपनी को **21.04 करोड़ रुपये** का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष **2022-23** में इसे **1,422.89 करोड़** का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष **2023-24** में बढ़ कर **1,896.48 करोड़** और वित्त वर्ष **2024-25** में उछल कर **2,514.66 करोड़ रुपये** के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी **अप्रैल से सितंबर 2025** के अंत तक कंपनी को **1,819.80 करोड़ रुपये** का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष **2022-23** के अंत में कंपनी पर **66.69 करोड़ रुपये** के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष **2023-24** में घट कर **40.33 करोड़ रुपये** और वित्त वर्ष **2024-25** में उछल कर **132.33 करोड़ रुपये** के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत यानी **30 सितंबर 2025** तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ **147.44 करोड़ रुपये** के स्तर पर आ गया।

इसी तरह **ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन)** की बात करें, तो **2022-23** में कंपनी **113.47 करोड़ रुपये** के ओवरऑल नुकसान में थी, लेकिन **2023-24** में कंपनी की अर्निंग में सुधार हुआ जिसके कारण ईबीआईटीडीए **11.37 करोड़ रुपये** के स्तर पर और फिर **2024-25** में बढ़ कर **56.19 करोड़ रुपये** के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी **30 सितंबर 2025** तक ये **64.34 करोड़ रुपये** के स्तर पर आ गया था।

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