
रायपुर, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। आज की तकनीक ने **आबकारी विभाग** की पारदर्शिता को नया आयाम दिया है। **मुख्यमंत्री विष्णु देव साय** के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने **ई-सर्विस** को अपनाया है, जिससे **बॉटलिंग** से लेकर **डिलीवरी** तक की प्रक्रिया पूरी तरह **पारदर्शी**, **सुरक्षित** और **तकनीक आधारित** बन गई है।
आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, **ई-चालान**, **सिंगल विंडो लॉग इन सिस्टम**, **यूजर रजिस्ट्रेशन**, **रियल टाइम कैश कलेक्शन इनफार्मेशन**, **सेंट्रल विडियो**, और **मोनिटरी सिस्टम** पूरी तरह से पारदर्शी हैं। इसके अलावा, **एनओसी परमिट इशू सिस्टम**, **ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम**, **आधार इनेबल्ड बायो-मेट्रिक अटेंडेंस**, और **टोल-फ्री शिकायत सुविधा** ने विभाग को नई दक्षता और **विश्वसनीयता** प्रदान की है।
इस पारदर्शी और तकनीक-आधारित व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम न केवल **भ्रष्टाचार** पर प्रभावी नियंत्रण है, बल्कि **राज्य के राजस्व** में भी सतत वृद्धि हो रही है। इस चालू वित्तीय वर्ष में **12 हज़ार करोड़ रुपये** के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, **दिसंबर माह** तक **10.50 प्रतिशत** की वृद्धि दर के साथ **7 हजार 851 करोड़ रुपये** का राजस्व हासिल किया गया है। **मुख्यमंत्री साय** की सरकार के सुशासन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए छ्त्तीसगढ़ आबकारी विभाग कृत संकल्पित है।
**मुख्यमंत्री विष्णु देव साय** की बैठकों व नीति-निर्णय के दृश्य, आधुनिक **वीडियो कंट्रोल रूम**, **कंप्यूटर स्क्रीन** पर **डिजिटल डैशबोर्ड** और **लाइव डेटा** का संग्रहण किया जाता है। इसी तरह **QR कोड**, **मोबाइल स्कैनिंग**, **जीपीएस आधारित ट्रक ट्रैकिंग**, **बोतलों पर यूनिक कोड**, डिलीवरी की **डिजिटल पुष्टि** और **आधुनिक आउटलेट** के माध्यम से कार्यप्रवाह सुव्यवस्थित और तकनीक-आधारित बनाया जा रहा है।
