
नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। आज **यजुर फाइबर्स** के शेयरों ने स्टॉक मार्केट में जबरदस्त गिरावट के साथ एंट्री की, जिससे आईपीओ निवेशकों को निराशा का सामना करना पड़ा। कंपनी के शेयर **174 रुपये** के भाव पर जारी किए गए थे, लेकिन **बीएसई** के **एसएमई प्लेटफॉर्म** पर इसकी लिस्टिंग **20 प्रतिशत डिस्काउंट** के साथ **139.20 रुपये** के स्तर पर हुई। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा, जिससे शेयर तुरंत **132.25 रुपये** के लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। पहले दिन के कारोबार में, निवेशकों को **23.99 प्रतिशत** का नुकसान हुआ।
**यजुर फाइबर्स** का **120 करोड़ रुपये** का आईपीओ **7 से 9 जनवरी** के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था, लेकिन इसे निवेशकों से फीका रिस्पॉन्स मिला, जिसके कारण यह ओवरऑल **1.33 गुना** सब्सक्राइब हो सका। क्यूआईबी के लिए रिजर्व पोर्शन **1.03 गुना**, एनआईआई के लिए केवल **0.91 गुना**, और रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए **1.51 गुना** सब्सक्राइब हुआ। इस आईपीओ के तहत **10 रुपये** फेस वैल्यू वाले **69.20 लाख** नए शेयर जारी किए गए थे, जिनका उपयोग कंपनी अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में शेड बनाने, मशीनरी की खरीदारी करने, प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति के अनुसार, कैपिटल मार्केट रेगुलेटर **सेबी** के पास जमा किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के मुताबिक, इसकी वित्तीय सेहत मजबूत है। **2022-23** में इसका शुद्ध लाभ **3.55 करोड़ रुपये** था, जो **2023-24** में **4.27 करोड़ रुपये** और **2024-25** में **11.68 करोड़ रुपये** तक बढ़ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में **30 नवंबर 2025** तक कंपनी का शुद्ध लाभ **7.12 करोड़ रुपये** हो चुका है।
इस दौरान, कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष **2022-23** में इसका कुल राजस्व **61.84 करोड़ रुपये** था, जो **2023-24** में बढ़कर **84.85 करोड़ रुपये** और **2024-25** में **141.99 करोड़ रुपये** के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में **30 नवंबर 2025** तक कंपनी को **69.99 करोड़ रुपये** का राजस्व प्राप्त हुआ है।
कंपनी के कर्ज में उतार-चढ़ाव जारी है। **2022-23** के अंत में कंपनी पर **34.78 करोड़ रुपये** का कर्ज था, जो **2023-24** में घटकर **26.17 करोड़ रुपये** और **2024-25** में बढ़कर **66.18 करोड़ रुपये** तक पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में **30 नवंबर 2025** तक कर्ज का बोझ **73.59 करोड़ रुपये** के स्तर पर आ चुका है।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई है। **2022-23** में ये **28.65 करोड़ रुपये** पर था, जो **2023-24** में बढ़कर **32.91 करोड़ रुपये** हो गया। **2024-25** में ये **33.44 करोड़ रुपये** और मौजूदा वित्त वर्ष में **30 नवंबर 2025** तक **40.56 करोड़ रुपये** के स्तर पर पहुंच गया।
अंततः, ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) **2022-23** में **6.68 करोड़ रुपये** के स्तर पर था, जो **2023-24** में बढ़कर **8.01 करोड़ रुपये** और **2024-25** में **18.85 करोड़ रुपये** के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में **30 नवंबर 2025** तक ये **12.31 करोड़ रुपये** रहा।
