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अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स का आईपीओ खुला, एंकर इनवेस्टर्स से 9.97 करोड़ रुपये जुटाए

नई दिल्ली, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने 35.22 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया है। इस आईपीओ में 14 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 15 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 16 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 19 जनवरी को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

आईपीओ में 56 रुपये से लेकर 59 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए उन्हें 2,36,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 59,70,000 शेयर जारी हो रहे हैं, जिसमें 29 करोड़ रुपये के 48,76,000 नए शेयर और पांच करोड़ रुपये के 7,94,000 शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिये बेचे जा रहे हैं।

आईपीओ खुलने से एक दिन पहले 9 जनवरी को अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने 5 एंकर इनवेस्टर्स से 9.97 करोड़ रुपये जुटाए। इनमें फॉर्च्यून हैंड्स ग्रोथ फंड सबसे बड़ा इनवेस्टर रहा, जिसने कंपनी से 5,86,000 शेयर खरीदे। इसके अलावा, फॉर्च्यून कलेक्टिव फंड, अर्थ एआईएफ ग्रोथ फंड, एनएवी कैपिटल इमर्जिंग स्टार फंड, और श्रेम इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड भी एंकर बुक में शामिल हैं।

इस आईपीओ में क्यूआईबी के लिए 47.20 प्रतिशत, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.30 प्रतिशत, एनआईआई के लिए 14.47 प्रतिशत और मार्केट मेकर्स के लिए 5.03 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए इंडकैप एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि इंटीग्रेटेड रजिस्ट्री मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी ने 92 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 4.02 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 में यह लाभ 8.31 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वर्तमान वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 5.61 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया।

कंपनी का कुल राजस्व भी इस दौरान बढ़ा है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 28.59 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 53.26 करोड़ और 2024-25 में 62.93 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 36.28 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया।

इसके अतिरिक्त, कंपनी पर कर्ज का बोझ समय के साथ बदलता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसका कर्ज 7.33 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 9.27 करोड़ रुपये और फिर 2024-25 में 5.69 करोड़ रुपये का हो गया। जनवरी 2025 तक कंपनी का कर्ज का बोझ 5.68 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में यह 8.67 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 12.69 करोड़ रुपये और 2024-25 में 21.01 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मौजूदा वर्ष की पहली छमाही में यह 9.95 करोड़ रुपये रहा। ईबीआईटीडीए में भी बढ़ोतरी हुई, 2022-23 में यह 1.92 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 7.42 करोड़ रुपये और 2024-25 में 12.52 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

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