मप्र के विदिशा में जान जोखिम में डालने को मजबूर छात्र, स्टॉप डैम पर छलांगें लगाकर पहुंचते हैं स्कूल
भोपाल/विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ककरुआ गांव में स्कूली बच्चे हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा हासिल करने को मजबूर हैं। गांव में केवल आठवीं तक का स्कूल होने के कारण नौवीं के छात्रों को उफनती बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम के संकरे मोहरों पर छलांग लगाकर डेढ़ किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है। लंबा रास्ता तय करने से बचने के लिए बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
13 किमी लंबे रास्ते से बचने के लिए शॉर्टकट
केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा के अंतर्गत आने वाले ककरुआ गांव में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की ही व्यवस्था है। कक्षा नौवीं में पढ़ने वाले करीब 9 बच्चे (जिनमें 5 छात्राएं शामिल हैं) आगे की पढ़ाई के लिए रोजाना 13 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग से बचने के लिए बेतवा नदी के स्टॉप डैम का सहारा लेते हैं। डैम पार करने पर स्...









