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राजपाल यादव के 2 करोड़ जमा के बाद सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा

राजपाल यादव के 2 करोड़ जमा के बाद सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा

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नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आज सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के विरुद्ध दायर चेक बाउंस मामले को मध्यस्थता के मार्ग पर भेज दिया। इससे पहले यादव ने अदालत में 2 करोड़ रुपये जमा कर अपना बकाया भुगतान का एक हिस्सा साफ़ कर दिया था। सुनवाई में सीजेआई सूर्यकांत के अध्यक्षता वाले बेंच ने उल्लेख किया कि यादव ने अपनी पैतृक संपत्ति बेचकर शेष राशि चुकाने की इच्छा व्यक्त की थी। फिर भी बेंच ने माना कि दोनों पक्षों को मध्यस्थता के ज़रिये आपसी समझौता करना अधिक उपयुक्त रहेगा, जिससे शेष बकाया के निपटारे में सहयोग मिल सके। अदालत ने कहा, “इस मामले से निपटने के लिए आपको अपनी पैतृक संपत्ति बेचने की नौबत तक आना पड़ा है। यदि आवश्यकता पड़ी तो हम मामले के गुण‑दोष पर भी पुनः सुनवाई कर सकते हैं। आप कई अन्य अदालतों में हार चुके हैं, इसलिए हम चाहते हैं कि आप आपसी सहमति से इस विवाद को सुलझाए...
हाई कोर्ट ने रांची के जिला स्कूल की बदहाली पर नाराजगी जताई, 28 अक्टूबर तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश

हाई कोर्ट ने रांची के जिला स्कूल की बदहाली पर नाराजगी जताई, 28 अक्टूबर तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश

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रांची, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रांची स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव स्कूल (जिला स्कूल) तथा उसके छात्रावास की जर्जर स्थिति पर हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्कूल की वर्तमान स्थिति दर्शाने वाली तस्वीरें देखी और मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा संस्थान अपने नाम के अनुरूप बेहतर होना चाहिए था, परन्तु भवन और छात्रावास की हालत “पीड़ादायक” है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक के अध्यक्षत्व वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 28 अक्टूबर तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। रिपोर्ट में नवीनीकरण कार्य की प्रगति, अनुमानित लागत, और बाधाओं का उल्लेख अनिवार्य है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 29 नवंबर निश्चित की है, ताकि रिपोर्ट के आधार पर आगे के निर्देश जारी किए जा सकें। इस मामले को लेकर पहले भी मुख्य न्यायाधीश त...
(अपडेट) दिल्ली पुलिस, गृह मंत्रालय और डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट में मांगी बिना शर्त माफी

(अपडेट) दिल्ली पुलिस, गृह मंत्रालय और डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट में मांगी बिना शर्त माफी

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नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध प्रदर्शनों के दौरान उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने को लेकर दायर किए गए अवमानना याचिकाओं पर केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और दिल्ली मेट्रो (डीएमआरसी) ने उत्तर में हलफनामा दायर करके बिना शर्त माफी की मांग की है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 9 अक्टूबर को जारी उच्चतम न्यायालय के आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर दायर अवमानना याचिकाओं में उत्तर हलफनामा प्रस्तुत किया। इस हलफनामे में उन्होंने उच्चतम न्यायालय से बिना शर्त माफी की याचना की है। इसी तरह, केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली मेट्रो ने भी समान स्वर में बिना शर्त माफी की मांग की। केंद्रीय सरकार की ओर से प्रस्तुत सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्राधिकरणों द्वारा दायर किया गया हलफनामा, बिना शर्त माफीनामा, कोर्ट की...
जातिसूचक टिप्पणी के मामले में महिला पत्रकार को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम सुरक्षा

जातिसूचक टिप्पणी के मामले में महिला पत्रकार को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम सुरक्षा

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नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (हिंदी समाचार) — आज सुप्रीम कोर्ट ने उस महिला पत्रकार को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है, जिस पर एसीपी विवेक भगत ने जातिसूचक टिप्पणी करने का मामला दर्ज किया था। यह निर्णय सीजेआई सूर्य कांत के अध्यक्षता वाले बेंच ने विरोध प्रदर्शनों से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया कि “जिस महिला पत्रकार पर ये आरोप लगे हैं… कृपया ध्यान रखें कि उसके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न हो।” पत्रकार ने कुछ दिन पहले ही आरोप लगाया था कि दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान एसीपी विवेक भगत ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया था। इस संदर्भ में पत्रकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने आज कोर्ट में तर्क दिया कि जातिसूचक टिप्पणी का मामला बदले की भावना से दर्ज किया गया है, क्योंकि उनकी मुवक्किल ने पुलिस अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया ...
मनी लॉन्ड्रिंग केस में बिल्डर एनएन रहेजा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

मनी लॉन्ड्रिंग केस में बिल्डर एनएन रहेजा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में संलिप्त बिल्डर एनएन रहेजा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। न्यायाधीश अमित बंसल ने याचिका अस्वीकृत करते हुए कहा कि मामले के तथ्य पर्याप्त हैं और याचिकाकर्ता ने न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) वर्तमान में एक विस्तृत जांच कर रहा है, जिसमें रहेजा डेवलपर्स के प्रोजेक्ट्स हेतु घर खरीदारों से जुटाए गए फंड को कथित तौर पर दूसरी जगह डायवर्ट करने का आरोप लगा है। एजेंसी के अनुसार, लगभग 2,699 करोड़ रुपये की राशि खरीदारों से एकत्र की गई, जिसमें से लगभग 1,353 करोड़ रुपये को विभिन्न खातों, समूह की कंपनियों और अन्य लेन‑देनों के माध्यम से अलग‑अलग स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। ईडी ने यह भी बताया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत समन जारी क...
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में सीजेपी प्रदर्शन को नियंत्रित करने के सभी उपायों का आश्वासन दिया

दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में सीजेपी प्रदर्शन को नियंत्रित करने के सभी उपायों का आश्वासन दिया

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दिल्ली, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली पुलिस ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय को भरोसा दिलाया कि वह 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में निर्धारित सीजेपी के प्रदर्शन को नियंत्रित करने हेतु हरसंभव कदम उठाएगी। इस मामले की सुनवाई कार्यवाहक चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे के अध्यक्षता वाले बेंच में चल रही थी, जहाँ बेंच ने सीजेपी को भी याचिका में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया। सुनवाई की शुरुआत में याचिकाकर्ता अनिल गुप्ता की ओर से उपस्थित वकील सचिन पुरी ने तर्क दिया कि इस प्रदर्शन से व्यापारियों को भारी नुकसान होगा, विशेषकर क्योंकि त्योहारों का मौसम चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रदर्शन अनियंत्रित रहा तो कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इन बिंदुओं को सुनते ही दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की कि वह प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी। इसके बा...
असदुद्दीन ओवैसी ने एसआईआर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, सुनवाई 15 अक्टूबर को

असदुद्दीन ओवैसी ने एसआईआर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, सुनवाई 15 अक्टूबर को

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नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हैदराबाद से सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आज उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिसमें वह वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को चुनौती दे रहे हैं। याचिका में बताया गया है कि ओवैसी ने इस प्रक्रिया को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आयोजित होने वाले चुनावों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता के सिद्धांतों के विपरीत मानते हुए चुनौती प्रस्तुत की है। असदुद्दीन ओवैसी ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि उन्होंने कहा कि एसआईआर के तहत किए जाने वाले संशोधन से वोटर लिस्ट में अनुचित बदलाव हो सकते हैं, जो राजनीतिक दलों और मतदाताओं दोनों के लिए असमानता पैदा कर सकते हैं। इस याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले कुछ महीनों में कई राज्यों में वोटर लिस्ट को लेकर विवाद उत्पन्न हुए हैं, और ...
दुर्गा पूजा पंडाल के पास माकपा के बुक स्टॉल पर विवाद, कलकत्ता हाई कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी

दुर्गा पूजा पंडाल के पास माकपा के बुक स्टॉल पर विवाद, कलकत्ता हाई कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी

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कोलकाता, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव में आयोजित हो रहे दुर्गा पूजा पंडाल के निकट मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा स्थापित पुस्तक स्टॉल को अनुमति नहीं मिलने से उत्पन्न विवाद को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस मामले की विस्तृत जांच हेतु पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, पंडाल प्रायोजन समिति ने माकपा के बुक स्टॉल के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के कई प्रयासों के बावजूद प्रशासनिक बाधाओं का सामना किया। इन बाधाओं के कारण स्टॉल को स्थापित नहीं किया जा सका, जिससे माकपा के कार्यकर्ता और स्थानीय संगठनों में असंतोष उत्पन्न हुआ। इस कारण से कई पक्षों ने न्यायिक उपायों की मांग की, जिसके बाद विवादित पक्ष ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने याचिका के आधार पर माकपा को पुस्तक स्टॉल स्...
दिल्ली हाई कोर्ट ने यासीन मलिक की गैर‑हाज़री पर जेल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाई कोर्ट ने यासीन मलिक की गैर‑हाज़री पर जेल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी

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नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने आतंकी फंडिंग के संबंध में चल रहे मुकदमे में अलगाववादी नेता यासीन मलिक की जेल से पेश न होने की स्थिति को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि मलिक को वर्चुअली कोर्ट के सामने पेश होना था, परंतु वह निर्धारित समय पर नहीं आया। इस अनुपस्थिति को देखते हुए, जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली पीठ ने तुरंत जेल अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांग ली है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि मलिक को क्यों नहीं बुलाया जा सका और जेल प्रशासन ने इस संबंध में कौन‑कौन से कदम उठाए हैं। पीठ ने यह भी कहा कि रिपोर्ट में यह जानकारी शामिल होनी चाहिए कि मलिक की जेल में स्थितियों, स्वास्थ्य स्थिति और संचार साधनों की उपलब्धता की क्या स्थिति है, तथा क्या कोई वैधानिक या प्रक्रियात्मक बाधा उनके वर्चुअल हाज़री को रोक रही थी। अदालत ने यह स्पष्ट कर द...
नशीले इंज्शन की तस्करी में सुशील देवांगन को 10 साल की सजा, एक लाख रुपये जुर्माना

नशीले इंज्शन की तस्करी में सुशील देवांगन को 10 साल की सजा, एक लाख रुपये जुर्माना

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सूरजपुर, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विशेष न्यायालय ने नशीले इंजेक्शन रखने के गंभीर आरोप में एक आरोपी को कड़ी सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश (एनडीपी) ने आरोपी सुशील देवांगन को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा और एक लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया। यह फैसला बुधवार को जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार आया, जिसमें न्यायालय ने इस प्रकार के मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिये कड़ाई से निपटने का इरादा जताया। बयान में कहा गया कि अभियुक्त ने नशीले इंज्शन को अवैध रूप से संग्रहित किया था और इसे स्थानीय बाजार में बेचे जाने की योजना बना रहा था। जाँच में यह स्पष्ट हुआ कि इन इंजेक्शन की आपूर्ति कई छोटे-छोटे नेटवर्क के माध्यम से होती थी, जिससे क्षेत्र में नशीले पदार्थों की उपलब्धता बढ़ रही थी। अदालत ने यह भी नोट किया कि आरोपी ने न केवल खुद इन पदार्थों को संभाला, बल्कि दूसरों ...