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अंतरराष्ट्रीय

पूर्वी एशिया में बढ़ा तनाव: जापान की नई सैन्य रणनीति पर चीन की कड़ी चेतावनी, ड्रोन कार्यक्रम बना विवाद की वजह

पूर्वी एशिया में बढ़ा तनाव: जापान की नई सैन्य रणनीति पर चीन की कड़ी चेतावनी, ड्रोन कार्यक्रम बना विवाद की वजह

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अब पूर्वी एशिया में भी सुरक्षा तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। चीन और जापान के बीच रक्षा तैयारियों और सैन्य आधुनिकीकरण को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। चीन ने जापान के तेजी से विकसित हो रहे ड्रोन और मानव रहित सैन्य प्रणालियों पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया है कि टोक्यो अपनी पारंपरिक "आत्मरक्षा" नीति की सीमाओं से आगे बढ़ रहा है। PLA के मुखपत्र ने जताई चिंता चीन की सेना के आधिकारिक समाचार पत्र PLA Daily ने हालिया संस्करण में जापान के मानव रहित सैन्य कार्यक्रमों पर कई विश्लेषण प्रकाशित किए हैं। इनमें दावा किया गया है कि जापान लंबी दूरी तक हमला करने, जवाबी कार्रवाई करने और अमेरिका के साथ संयुक्त अभियानों में सक्षम सैन्य क्षमताएं विकसित कर रहा है। चीनी विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकता है। जापान के ...
बलूचिस्तान में बढ़ते संकट से CPEC पर दबाव, चीन की बढ़ीं मुश्किलें; भारत के लिए क्या हैं रणनीतिक संकेत?

बलूचिस्तान में बढ़ते संकट से CPEC पर दबाव, चीन की बढ़ीं मुश्किलें; भारत के लिए क्या हैं रणनीतिक संकेत?

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के लिए नई चुनौती बनते जा रहे हैं। अलगाववादी हिंसा, चीनी परियोजनाओं पर हमले और सुरक्षा संबंधी चिंताओं ने चीन के अरबों डॉलर के निवेश पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर बलूचिस्तान की कथित "स्वतंत्रता घोषणा" भी चर्चा का विषय बनी, हालांकि उसे किसी देश या अंतरराष्ट्रीय संस्था की मान्यता नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात का असर केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय रणनीतिक समीकरण और चीन की दीर्घकालिक निवेश योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। वायरल 'स्वतंत्रता घोषणा' पर क्या है स्थिति? जुलाई 2026 में सोशल मीडिया पर एक कथित घोषणा सामने आई, जिसमें "रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान" के गठन का दावा किया गया। इसमें अलग झंडा, मुद्रा और प्रश...
US में फिर ट्रेड वॉर…. ट्रंप ने किया कनाड़ा से आयातित सामान पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान

US में फिर ट्रेड वॉर…. ट्रंप ने किया कनाड़ा से आयातित सामान पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने एक बार फिर ट्रेड वॉर (Trade War) शुरू कर दिया है। ट्रंप ने सोमवार को पड़ोसी देश कनाडा (Canada) से आयातित अधिकांश सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ (50 Percent Tariff) लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि कनाडा अमेरिकी ऑटोमोबाइल, शराब और डेयरी उत्पादों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रहा है। अब ट्रंप के इस कदम से दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने से जुड़े तीन फैसलों को मंजूरी दी है। अमेरिका के ट्रेड एक्ट ऑफ 1930 की धारा 338 के तहत फैसला तत्काल प्रभाव से ही लागू कर दिया गया है। ट्रंप प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि चीन के अलावा कनाडा ही उन चुनिंदा देशों में शामिल था, जिसने ट्रंप द्वारा पहले...
ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने एंडी बर्नहैम… किंग चार्ल्स III ने दिया सरकार बनाने का न्यौता

ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने एंडी बर्नहैम… किंग चार्ल्स III ने दिया सरकार बनाने का न्यौता

अंतरराष्ट्रीय
लंदन। लेबर पार्टी (Labour Party) के सांसद एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) सोमवार को आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री (Britain's 59th Prime Minister) बन गए हैं। बकिंघम पैलेस (Buckingham Palace) में किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) के साथ एक निजी मुलाकात के दौरान उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया गया। इससे पहले सर कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा सम्राट को सौंप दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। बकिंघम पैलेस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि सर कीर स्टार्मर ने आज सुबह सम्राट से मुलाकात की और प्रधानमंत्री के पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिसे महामहिम ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। बर्नहैम पिछले एक दशक में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बने हैं। सबसे खास बात है एंडी बर्नहैम का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ रिश्ता। बर्नहैम, ट्रंप के मुखर आलोचक रहे हैं। अब...
यूक्रेन में ओडेशा पोर्ट के पास जहाज पर मिसाइल अटैक, 4 भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत

यूक्रेन में ओडेशा पोर्ट के पास जहाज पर मिसाइल अटैक, 4 भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
कीव। समंदर (Ocean) में एक जहाज (Ship) पर हुए हमले (Attack) में 4 भारतीय क्रू मेंबर्स (Four Indian crew members) की मौत हो गई है. जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की जानकारी दी है. ये हमला MV गोल्डन लियो (MV Golden Leo) नाम के जहाज पर हुआ है. ये जहाज यूक्रेन के ओडेशा बंदरगाह (Odesha Port) से निकल रहा था. तभी इस पर हमला हुआ। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार 19 जुलाई 2026 को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से निकलते समय MV GOLDEN LEO नाम के एक जहाज पर हमला हुआ. यूक्रेन का दावा है कि ये हमला रूस ने मिसाइलों से किया है. घटना के समय जहाज़ पर 17 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक भी शामिल थे. इनमें से 4 भारतीयों की मौत हो गई है. जबकि एक भारतीय गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन में हमारा मिशन स्थिति पर बारीकी ...
IMF की रिसर्च में ट्रंप की टैरिफ नीति पर सवाल, कहा- कीमतें नहीं घटीं, अमेरिका को मिली कम गुणवत्ता वाली वस्तुएं

IMF की रिसर्च में ट्रंप की टैरिफ नीति पर सवाल, कहा- कीमतें नहीं घटीं, अमेरिका को मिली कम गुणवत्ता वाली वस्तुएं

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अर्थशास्त्रियों की एक रिसर्च ने कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने रखे हैं। अध्ययन के अनुसार, 2025 में लगाए गए व्यापक आयात शुल्क से विदेशी निर्यातकों ने अपनी कीमतों में अपेक्षित कटौती नहीं की। इसके बजाय अमेरिका में आयात का स्वरूप बदल गया और आयातक अपेक्षाकृत कम कीमत तथा कम गुणवत्ता वाले उत्पादों की ओर मुड़ गए। आईएमएफ के वर्किंग पेपर में कहा गया है कि टैरिफ का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को कीमतें घटाने के लिए मजबूर करना था, लेकिन व्यवहार में इसका असर सीमित रहा। विदेशी निर्यातकों ने कीमतों में नहीं की बड़ी कटौती रिसर्च के मुताबिक, अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बाद भी अधिकांश विदेशी निर्यातकों ने अपने उत्पादों की मूल कीमतों में उल्लेखनीय कमी नहीं की। इसके चलते आयात शुल्क का बड़ा हिस्सा अमेरिकी आया...
IMF की रिसर्च में ट्रंप की टैरिफ नीति पर सवाल, कहा- कीमतें नहीं घटीं, अमेरिका को मिली कम गुणवत्ता वाली वस्तुएं

IMF की रिसर्च में ट्रंप की टैरिफ नीति पर सवाल, कहा- कीमतें नहीं घटीं, अमेरिका को मिली कम गुणवत्ता वाली वस्तुएं

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अर्थशास्त्रियों की एक रिसर्च ने कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने रखे हैं। अध्ययन के अनुसार, 2025 में लगाए गए व्यापक आयात शुल्क से विदेशी निर्यातकों ने अपनी कीमतों में अपेक्षित कटौती नहीं की। इसके बजाय अमेरिका में आयात का स्वरूप बदल गया और आयातक अपेक्षाकृत कम कीमत तथा कम गुणवत्ता वाले उत्पादों की ओर मुड़ गए। आईएमएफ के वर्किंग पेपर में कहा गया है कि टैरिफ का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को कीमतें घटाने के लिए मजबूर करना था, लेकिन व्यवहार में इसका असर सीमित रहा। विदेशी निर्यातकों ने कीमतों में नहीं की बड़ी कटौती रिसर्च के मुताबिक, अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बाद भी अधिकांश विदेशी निर्यातकों ने अपने उत्पादों की मूल कीमतों में उल्लेखनीय कमी नहीं की। इसके चलते आयात शुल्क का बड़ा हिस्सा अमेरिकी आया...
जेडी वेंस बने चौथी बार पिता, बेटे के जन्म के साथ 156 साल पुराना अमेरिकी रिकॉर्ड भी टूटा

जेडी वेंस बने चौथी बार पिता, बेटे के जन्म के साथ 156 साल पुराना अमेरिकी रिकॉर्ड भी टूटा

अंतरराष्ट्रीय
वॉशिंगटन। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और सेकंड लेडी उषा वेंस के परिवार में नए सदस्य का आगमन हुआ है। रविवार को दंपति ने अपने चौथे बच्चे, एक बेटे, के जन्म की जानकारी साझा की। इस जन्म के साथ ही जेडी वेंस अमेरिकी इतिहास में पिछले 156 वर्षों के दौरान पद पर रहते हुए पिता बनने वाले पहले उपराष्ट्रपति बन गए हैं। जेडी वेंस और उषा वेंस ने सोशल मीडिया पर जारी संयुक्त बयान में बताया कि उनके बेटे का नाम ऐलेक नील वेंस रखा गया है। उन्होंने लिखा कि मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं तथा परिवार के अन्य बच्चे भी अपने छोटे भाई के आने से बेहद उत्साहित हैं। 156 साल बाद दोहराया गया इतिहास अमेरिकी इतिहास के अनुसार, इससे पहले किसी कार्यरत उपराष्ट्रपति के घर संतान का जन्म वर्ष 1870 में हुआ था। उस समय तत्कालीन उपराष्ट्रपति स्कायलर कोलफैक्स और उनकी पत्नी एलेन वेड कोलफैक्स के यहां बेटे का जन्म हुआ था। इससे प...
गुयाना में बड़ा हादसा…. अटलांटिक तट पर 133 लोगों से भरा सरकारी जहाज समुद्र में पलटा

गुयाना में बड़ा हादसा…. अटलांटिक तट पर 133 लोगों से भरा सरकारी जहाज समुद्र में पलटा

अंतरराष्ट्रीय
जॉर्जटाउन। दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना (South American country Guyana) के अटलांटिक तट पर रविवार को बड़ा समुद्री हादसा (Major maritime accident) हो गया। 133 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रहा सरकारी जहाज एमवी बरीमा (Government ship MV Barima) समुद्र में पलट गया। अब तक 67 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि कई यात्री अब भी लापता हैं। उन्हें खोजने के लिए बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। आधी रात को आया संकटएमवी बरीमा शनिवार दोपहर करीब तीन बजे राजधानी जॉर्जटाउन से पोर्ट कैतुमा के लिए रवाना हुआ था। यह जहाज वेनेजुएला सीमा के पास रहने वाले स्वदेशी समुदायों के लिए नियमित सेवा देता है। रात करीब 11 बजे जहाज से आपातकालीन संदेश मिला। इसके बाद सरकारी एजेंसियों और निजी नावों को तुरंत मौके पर भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार, हादसा पोमेरून नदी के पास उत्तरी अटलांटिक तट पर ह...
Iran-America जंग का असर…. फिर बढ़ने लगी कच्चे तेल की कीमत….

Iran-America जंग का असर…. फिर बढ़ने लगी कच्चे तेल की कीमत….

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका (Iran-America War) में जंग और तेज होने की वजह से कच्चे तेल के दाम (Crude oil prices) एक महीने के हाई पर पहुंच गए हैं। अब यह तेजी से 100 डॉलर की ओर बढ़ रहा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.8% तक बढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई। ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी के केश्म द्वीप और ईरान के दक्षिणी शहरों जैसे शादेगान, सिरिक और हाजीआबाद पर हमले किए। अमेरिकी हमलों के बाद 20 जुलाई की सुबह ब्रेंट क्रूड 2.78 डॉलर चढ़कर 90.55 डॉलर प्रति बैरल पर ट्र्रेड कर रहा था। जबकि, WTI 2.39 डॉलर चढ़कर 84.46 डॉलर प्रति बैरल पर था। इससे पहले वाले युद्ध के दौरान ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जबकि WTI 119 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया था। राहत की बात यह है कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। सब...