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विशेष समाचार

ग्रेट निकोबार : क्‍या राष्ट्रहित से ऊपर है कांग्रेस की राजनीति?

ग्रेट निकोबार : क्‍या राष्ट्रहित से ऊपर है कांग्रेस की राजनीति?

लेख, विशेष समाचार
डॉ. मयंक चतुर्वेदी आज जब भारत विश्व मंच पर एक उभरती हुई महाशक्ति के रूप में अपनी पहचान बना रहा है, तब देश को मजबूत सामरिक ढांचा, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक व्यापारिक क्षमता की भी आवश्यकता है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत को अपने समुद्री हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना समय की मांग है। ऐसे समय में ग्रेट निकोबार परियोजना भारत के सामरिक, आर्थिक और वैश्विक भविष्य की आधारशिला है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस इस परियोजना का लगातार विरोध कर रही है। वस्‍तुत: कभी पर्यावरण के नाम पर, कभी आदिवासी हितों के नाम पर और अब राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर प्रश्न उठाकर कांग्रेस एक ऐसे प्रोजेक्ट को रोकने की कोशिश कर रही है, जोकि भविष्‍य में भारत को समुद्री शक्ति, व्यापारिक आत्मनिर्भरता और सामरिक मजबूती प्रदान करने का कारण बनेगा। सवाल यह है कि क्...
(पुण्‍य स्‍मरण) सेवा, साधना और संवेदना के पर्याय अनिल माधव दवे

(पुण्‍य स्‍मरण) सेवा, साधना और संवेदना के पर्याय अनिल माधव दवे

लेख, विशेष समाचार
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय संस्कृति में प्रकृति को चेतना माना गया है। नदियाँ यहां मां हैं, वृक्ष देवता हैं और जल जीवन का आधार। आधुनिक विकास की अंधी दौड़ में जब पर्यावरण संकट वैश्विक चिंता बनता जा रहा है, तब कुछ व्यक्तित्व ऐसे भी हुए जिन्होंने भारतीय जीवनदृष्टि को आधुनिक पर्यावरणीय चिंताओं से जोड़ने का प्रयास किया। श्रद्धेय अनिल माधव दवे उन्हीं विरले व्यक्तित्वों में से एक थे। उनके लिए पर्यावरण साधना, सेवा और संस्कार का हिस्सा रहा। नर्मदा के तटों से लेकर संयुक्त राष्ट्र की जलवायु वार्ताओं तक, उन्होंने भारतीय चिंतन को मजबूती से रखा। नर्मदा से जुड़ा आत्मिक रिश्ता अनिल माधव दवे का नाम लेते ही सबसे पहले नर्मदा का स्मरण होता है। मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली नर्मदा नदी उनके हृदय के अत्यंत निकट थी। उन्होंने नर्मदा को केवल नदी नहीं, बल्कि संस्कृति और सभ्यता की धारा माना।उनके ग...
19 साल की निगरानी के बाद ब्लैक होल में मिला 433 दिन का दुर्लभ प्रकाश चक्र

19 साल की निगरानी के बाद ब्लैक होल में मिला 433 दिन का दुर्लभ प्रकाश चक्र

ब्रेकिंग न्यूज़, विशेष समाचार
नई दिल्ली। ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने की दिशा में वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की टीम ने 19 वर्षों तक लगातार अध्ययन करने के बाद एक विशाल ब्लैक होल से जुड़े दुर्लभ प्रकाश चक्र की खोज की है। यह खोज ब्लैक होल और सक्रिय आकाशगंगाओं की कार्यप्रणाली को समझने में अहम मानी जा रही है। वैज्ञानिकों ने ‘3सी 454.3’ नामक एक अत्यंत चमकीले ब्लेजर में ऐसा प्रकाश पैटर्न दर्ज किया है, जो लगभग हर 433 दिन में दोहराता है। यह अध्ययन ‘होल अर्थ ब्लेजर टेलीस्कोप’ परियोजना के तहत किया गया। शोध में सामने आया कि इस खगोलीय पिंड की चमक नियमित अंतराल पर बढ़ती और घटती रहती है। वैज्ञानिक भाषा में इस घटना को ‘ऑप्टिकल क्वासी-पीरियोडिक ऑस्सिलेशन’ (क्यूपीओ) कहा जाता है। इस महत्वपूर्ण शोध में Aryabhatta Research Institute of Observational Sciences के वैज्ञानिकों ने भी प्रमुख भूम...
UAE के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है भारत, दुश्मनों को पीएम मोदी का संदेश; अरबों की डील

UAE के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है भारत, दुश्मनों को पीएम मोदी का संदेश; अरबों की डील

अंतरराष्ट्रीय, विशेष समाचार
अबु धाबी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की संक्षिप्त लेकिन बेहद अहम यात्रा भारत के लिए बड़ी उपलब्धियां लेकर आई है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच न सिर्फ आपसी रिश्तों की गर्मजोशी दिखी, बल्कि रक्षा, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक समझौते भी हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ती क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत इस मुश्किल समय में अबू धाबी के साथ "कंधे से कंधा मिलाकर" खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। यूएई को बताया 'दूसरा घर' और शानदार स्वागत पर जताया आभारप्रधानमंत्री मोदी ने यूएई में हुए अपने शानदार स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह दौरा उनके लिए अपने दूसरे घर आन...
गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्य प्रदेश, विशेष समाचार
भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में जय गुरुदेव आश्रम में गुरुदेव महाराज से भेंट कर आशीर्वाद लिया और उनके अमृत प्रवचनों का श्रवण किया। गुरुदेव श्री उमाकांत जी महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सदा ऐसे ही समाज की सेवा में लगे रहे और सत्य, सनातन, अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए जन सेवा करते रहें। आज आप अपने कार्यों से जनता के प्यारे बन गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुदेव के निर्देश पर मंच से ही गुरुदेव के अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरुदेव की उज्जैन में आना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुवर को देखकर ऐसा लगता है कि स्वयं ईश्वर को देख लिया हो, यह आश्रम परमात्मा का घर है, परमात्मा का आशीर्वाद है कि हमें गुरुवर का आशीर्वाद उनके स्वरूप में मिल रहा है और जीवन में सत्य कार्य करने का जो मार्गदर्शन हमें गुर...
पीएम मोदी की अपील पर राहुल-अखिलेश की नकारात्‍मक राजनीति !

पीएम मोदी की अपील पर राहुल-अखिलेश की नकारात्‍मक राजनीति !

लेख, विशेष समाचार
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडराते खतरे ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा कर रखी है। भारत जैसा देश, जोकि विश्‍व की विशाल जनसंख्‍या का प्रतिनिधित्‍व करता है, स्‍वभाविक है कि अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, स्वाभाविक रूप से इस संकट से प्रभावित है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने, अनावश्यक सोना खरीदने से बचने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की है तो इसमें अनुचित क्‍या है? यह अपील न तो किसी भय का संकेत थी और न ही किसी आपातकाल की घोषणा, बल्कि आर्थिक अनुशासन और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का संदेश है, किंतु कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे सरकार की विफलता बताकर राजनीतिक हमला शुरू कर दिया है। सवाल यह है कि क्या हर राष्ट्रीय चुनौती को राजनीति के चश्मे से ...
आत्मनिर्भर भारत : देश को सशक्‍त बनाने के लिए पीएम मोदी के पंद्रह सूत्र

आत्मनिर्भर भारत : देश को सशक्‍त बनाने के लिए पीएम मोदी के पंद्रह सूत्र

लेख, विशेष समाचार
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत आज जिस मोड़ पर खड़ा है, वहां वह वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखने वाली शक्ति के रूप में उभर रहा है। ऊर्जा संकट, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, विदेशी निर्भरता और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दे आज पूरी दुनिया के सामने चुनौती बनकर खड़े हैं। भारत भी इनसे बाहर नहीं है, ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए पंद्रह सूत्र भारत को आत्मनिर्भर, आर्थिक रूप से मज़बूत, पर्यावरणीय रूप से संतुलित और रणनीतिक रूप से शक्तिशाली बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है। प्रधानमंत्री मोदी ने कई अवसरों पर कहा है कि “21वीं सदी भारत की सदी होगी”, किंतु बड़ा प्रश्‍न यही है कि यह संभव कैसे होगा?  वस्‍तुत: यह तभी संभव है- जब भारत ऊर्जा, कृषि, उपभोग, परिवहन और जीवनशैली के स्तर पर आत्मनिर्भरता की ओर निर्णायक कदम बढ़ाए, इसलिए पीएम मोदी के आज के समय में दिए गए इन पंद्रह सूत्रों म...
इस साल 13 माह का रहेगा हिन्दू वर्ष… दो बार आएगा ज्येष्ठ, जानें कब से शुरू होगा अधिकमास?

इस साल 13 माह का रहेगा हिन्दू वर्ष… दो बार आएगा ज्येष्ठ, जानें कब से शुरू होगा अधिकमास?

राष्ट्रीय, विशेष समाचार
नई दिल्ली। हिंदू पंचांग (Hindu Calendar) के अनुसार, इस साल 2026 यानी विक्रम संवत 2083 (Vikram Samvat 2083) खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार पूरे साल में 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि ज्येष्ठ मास (Jyeshtha month) इस साल दो बार आएगा. यही अतिरिक्त महीना 'अधिक मास' (Adhik Maas 2026) कहलाता है, जिसे पुरुषोत्तम मास (Purushottam month) भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस महीने के स्वामी भगवान विष्णु हैं, इसलिए इस समय उनकी पूजा का विशेष महत्व होता है। कब पड़ेगा अधिकमास 2026?पंचांग के अनुसार, साल 2026 में अधिकमास ज्येष्ठ महीने में पड़ेगा. इसकी शुरुआत 17 मई 2026 से होगी और समापन 15 जून 2026 को होगा। इस अतिरिक्त महीने की वजह से आगे आने वाले कई बड़े त्योहारों की तारीखें भी आगे खिसक जाएंगी. जैसे- रक्षाबंधन, जो आमतौर पर अगस्त के मध्य में आता है, 2026 में 28 अगस्त को मनाया जाएगा. दीपावल...
भविष्य की डिजिटल नींव की सुरक्षा

भविष्य की डिजिटल नींव की सुरक्षा

लाइफस्टाइल, विशेष समाचार
कृतिका शर्मा (अमेरिकी दूतावास, नई दिल्ली) जैसे-जैसे अमेरिका और भारत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आपूर्ति शृंखलाओं, वित्तीय प्रणालियों और एआई प्लेटफ़ॉर्मों के क्षेत्र में अपने संबंधों को गहरा कर रहे हैं, साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सीमाओं पर नहीं रुकती। एक पारिस्थितिकी तंत्र में मौजूद कोई भी कमजोरी दूसरे पर प्रभाव डाल सकती है और इन प्रणालियों की सुरक्षा करना तकनीकी रक्षा के साथ ही आर्थिक मज़बूती का भी विषय है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ जेम्स ई. लेरम्स, जिन्होंने अमेरिकी विदेश विभाग के स्पीकर कार्यक्रम के तहत कोलकाता और हैदराबाद का दौरा किया, उनके लिए यह मुद्दा विश्वास से शुरू होता है- “हमें यह भरोसा होना चाहिए कि जब हम अपना क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो हमारे और विक्रेता या हमारे बैंक के बीच कोई भी हमारे खातों की जानकारी को बीच में रोककर डिजिटल रूप से धन गायब नहीं कर सकता।” लेरम्स ...
आज साल का पहला चंद्रग्रहण… जानें टाइमिंग और सूतक काल का समय

आज साल का पहला चंद्रग्रहण… जानें टाइमिंग और सूतक काल का समय

राष्ट्रीय, विशेष समाचार
नई दिल्ली। आज साल का पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) लगने जा रहा है. खास बात यह है कि यह ग्रहण भारत (India) के कई हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल (Sutak Period) भी मान्य होगा. ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि (Leo Zodiac sign) और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए ग्रहण का सीधा असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है. ऐसे में इस ग्रहण से जुड़ी जरूरी जानकारी जैसे समय, सूतक काल के बारे में जानना बेहद जरूरी हो जाता है. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र द्वारा जानते हैं कि साल का पहला चंद्र ग्रहण कितने बजे से शुरू होगा, कहां कहां दिखाई देगा और सूतक काल कब से शुरू होगा। चंद्र ग्रहण का समय (Chandra Grahan 2026 Timing)साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च यानी आज दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त...