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विशेष समाचार

गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्य प्रदेश, विशेष समाचार
भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में जय गुरुदेव आश्रम में गुरुदेव महाराज से भेंट कर आशीर्वाद लिया और उनके अमृत प्रवचनों का श्रवण किया। गुरुदेव श्री उमाकांत जी महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सदा ऐसे ही समाज की सेवा में लगे रहे और सत्य, सनातन, अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए जन सेवा करते रहें। आज आप अपने कार्यों से जनता के प्यारे बन गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुदेव के निर्देश पर मंच से ही गुरुदेव के अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरुदेव की उज्जैन में आना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुवर को देखकर ऐसा लगता है कि स्वयं ईश्वर को देख लिया हो, यह आश्रम परमात्मा का घर है, परमात्मा का आशीर्वाद है कि हमें गुरुवर का आशीर्वाद उनके स्वरूप में मिल रहा है और जीवन में सत्य कार्य करने का जो मार्गदर्शन हमें गुर...
पीएम मोदी की अपील पर राहुल-अखिलेश की नकारात्‍मक राजनीति !

पीएम मोदी की अपील पर राहुल-अखिलेश की नकारात्‍मक राजनीति !

लेख, विशेष समाचार
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडराते खतरे ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा कर रखी है। भारत जैसा देश, जोकि विश्‍व की विशाल जनसंख्‍या का प्रतिनिधित्‍व करता है, स्‍वभाविक है कि अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, स्वाभाविक रूप से इस संकट से प्रभावित है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने, अनावश्यक सोना खरीदने से बचने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की है तो इसमें अनुचित क्‍या है? यह अपील न तो किसी भय का संकेत थी और न ही किसी आपातकाल की घोषणा, बल्कि आर्थिक अनुशासन और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का संदेश है, किंतु कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे सरकार की विफलता बताकर राजनीतिक हमला शुरू कर दिया है। सवाल यह है कि क्या हर राष्ट्रीय चुनौती को राजनीति के चश्मे से ...
आत्मनिर्भर भारत : देश को सशक्‍त बनाने के लिए पीएम मोदी के पंद्रह सूत्र

आत्मनिर्भर भारत : देश को सशक्‍त बनाने के लिए पीएम मोदी के पंद्रह सूत्र

लेख, विशेष समाचार
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत आज जिस मोड़ पर खड़ा है, वहां वह वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखने वाली शक्ति के रूप में उभर रहा है। ऊर्जा संकट, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, विदेशी निर्भरता और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दे आज पूरी दुनिया के सामने चुनौती बनकर खड़े हैं। भारत भी इनसे बाहर नहीं है, ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए पंद्रह सूत्र भारत को आत्मनिर्भर, आर्थिक रूप से मज़बूत, पर्यावरणीय रूप से संतुलित और रणनीतिक रूप से शक्तिशाली बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है। प्रधानमंत्री मोदी ने कई अवसरों पर कहा है कि “21वीं सदी भारत की सदी होगी”, किंतु बड़ा प्रश्‍न यही है कि यह संभव कैसे होगा?  वस्‍तुत: यह तभी संभव है- जब भारत ऊर्जा, कृषि, उपभोग, परिवहन और जीवनशैली के स्तर पर आत्मनिर्भरता की ओर निर्णायक कदम बढ़ाए, इसलिए पीएम मोदी के आज के समय में दिए गए इन पंद्रह सूत्रों म...
इस साल 13 माह का रहेगा हिन्दू वर्ष… दो बार आएगा ज्येष्ठ, जानें कब से शुरू होगा अधिकमास?

इस साल 13 माह का रहेगा हिन्दू वर्ष… दो बार आएगा ज्येष्ठ, जानें कब से शुरू होगा अधिकमास?

राष्ट्रीय, विशेष समाचार
नई दिल्ली। हिंदू पंचांग (Hindu Calendar) के अनुसार, इस साल 2026 यानी विक्रम संवत 2083 (Vikram Samvat 2083) खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार पूरे साल में 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि ज्येष्ठ मास (Jyeshtha month) इस साल दो बार आएगा. यही अतिरिक्त महीना 'अधिक मास' (Adhik Maas 2026) कहलाता है, जिसे पुरुषोत्तम मास (Purushottam month) भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस महीने के स्वामी भगवान विष्णु हैं, इसलिए इस समय उनकी पूजा का विशेष महत्व होता है। कब पड़ेगा अधिकमास 2026?पंचांग के अनुसार, साल 2026 में अधिकमास ज्येष्ठ महीने में पड़ेगा. इसकी शुरुआत 17 मई 2026 से होगी और समापन 15 जून 2026 को होगा। इस अतिरिक्त महीने की वजह से आगे आने वाले कई बड़े त्योहारों की तारीखें भी आगे खिसक जाएंगी. जैसे- रक्षाबंधन, जो आमतौर पर अगस्त के मध्य में आता है, 2026 में 28 अगस्त को मनाया जाएगा. दीपावल...
भविष्य की डिजिटल नींव की सुरक्षा

भविष्य की डिजिटल नींव की सुरक्षा

लाइफस्टाइल, विशेष समाचार
कृतिका शर्मा (अमेरिकी दूतावास, नई दिल्ली) जैसे-जैसे अमेरिका और भारत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आपूर्ति शृंखलाओं, वित्तीय प्रणालियों और एआई प्लेटफ़ॉर्मों के क्षेत्र में अपने संबंधों को गहरा कर रहे हैं, साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सीमाओं पर नहीं रुकती। एक पारिस्थितिकी तंत्र में मौजूद कोई भी कमजोरी दूसरे पर प्रभाव डाल सकती है और इन प्रणालियों की सुरक्षा करना तकनीकी रक्षा के साथ ही आर्थिक मज़बूती का भी विषय है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ जेम्स ई. लेरम्स, जिन्होंने अमेरिकी विदेश विभाग के स्पीकर कार्यक्रम के तहत कोलकाता और हैदराबाद का दौरा किया, उनके लिए यह मुद्दा विश्वास से शुरू होता है- “हमें यह भरोसा होना चाहिए कि जब हम अपना क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो हमारे और विक्रेता या हमारे बैंक के बीच कोई भी हमारे खातों की जानकारी को बीच में रोककर डिजिटल रूप से धन गायब नहीं कर सकता।” लेरम्स ...
आज साल का पहला चंद्रग्रहण… जानें टाइमिंग और सूतक काल का समय

आज साल का पहला चंद्रग्रहण… जानें टाइमिंग और सूतक काल का समय

राष्ट्रीय, विशेष समाचार
नई दिल्ली। आज साल का पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) लगने जा रहा है. खास बात यह है कि यह ग्रहण भारत (India) के कई हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल (Sutak Period) भी मान्य होगा. ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि (Leo Zodiac sign) और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए ग्रहण का सीधा असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है. ऐसे में इस ग्रहण से जुड़ी जरूरी जानकारी जैसे समय, सूतक काल के बारे में जानना बेहद जरूरी हो जाता है. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र द्वारा जानते हैं कि साल का पहला चंद्र ग्रहण कितने बजे से शुरू होगा, कहां कहां दिखाई देगा और सूतक काल कब से शुरू होगा। चंद्र ग्रहण का समय (Chandra Grahan 2026 Timing)साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च यानी आज दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त...
साल का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार को… जानिए ग्रहण और सूतक काल की टाइमिंग

साल का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार को… जानिए ग्रहण और सूतक काल की टाइमिंग

राष्ट्रीय, विशेष समाचार
नई दिल्ली। कल 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) लगने जा रहा है. यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. खास बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण भारत (India) में दिखाई देगा, इसलिए यहां सूतक काल (Sutak Period) मान्य होगा और धार्मिक नियमों का पालन किया जाएगा. मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ नहीं किया जाता. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की सफाई कर गंगाजल का छिड़काव किया जाता है और फिर नियमित पूजा-अर्चना शुरू होती है। ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है. इसका प्रभाव खासतौर पर कुछ राशियों पर अधिक देखने को मिल सकता है। चंद्र ग्रहण 2026 सूतक काल टाइमिंग (Chandra Grahan 2026 Sutak kaal Timing)यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में ज्...
इतिहास में 11 फरवरी: जनता की ताकत और सत्ता परिवर्तन का गवाह बना यह दिन

इतिहास में 11 फरवरी: जनता की ताकत और सत्ता परिवर्तन का गवाह बना यह दिन

नवाचार
नई दिल्ली, 11 फरवरी | न्यूज़ एजेंसी 11 फरवरी का दिन विश्व इतिहास में राजनीतिक बदलाव, जनआंदोलनों और सत्ता परिवर्तन का प्रतीक रहा है। इस तारीख ने अलग-अलग दौर और महाद्वीपों में ऐसे ऐतिहासिक क्षण देखे, जिन्होंने देशों की राजनीतिक दिशा ही बदल दी। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद विरोधी संघर्ष के प्रतीक Nelson Mandela को 11 फरवरी 1990 को 27 वर्षों की लंबी कैद के बाद रिहा किया गया। 1964 में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले मंडेला की रिहाई ने रंगभेद के अंत और लोकतांत्रिक दक्षिण अफ्रीका की नींव को मजबूत किया। ईरान के इतिहास में भी यह दिन निर्णायक रहा। 11 फरवरी 1979 को Ayatollah Ruhollah Khomeini ने इस्लामी क्रांति के बाद सत्ता पर निर्णायक नियंत्रण स्थापित किया। इसी के साथ ईरान में सदियों पुरानी राजशाही का अंत हुआ और इस्लामी गणराज्य की स्थापना हुई। जनआंदोलनों की ताकत का एक और उदाहरण 11 फरवरी ...
भागलपुर की रेखा दीदी ने 30 महिलाओं की किस्मत बदली, जीविका से मिली आत्मनिर्भरता

भागलपुर की रेखा दीदी ने 30 महिलाओं की किस्मत बदली, जीविका से मिली आत्मनिर्भरता

विशेष समाचार
पटना, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। नीतीश कुमार के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा बिहार न केवल विकास की नई गाथा लिख रहा है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अनेकों प्रेरक कहानियां रच रहा है। भागलपुर जिले के आकांक्षी प्रखंड पीरपैंती की प्यालपुर पंचायत, गोकुल मथुरा निवासी रेखा देवी, जो जीविका के दम पर दर्जनों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर पूरे इलाके में 'रोजगार देने वाली दीदी' के नाम से मशहूर हैं। कभी रेखा के पति गुजरात में मजदूरी करते थे, जिससे घर चलाना बहुत मुश्किल था। बिना छत का घर, दो जून की रोटी के लिए जद्दोजहद, फिर भी हिम्मत नहीं हारी। जीविका से प्रेरित होकर गांव में ही स्वयं सहायता समूह बनाया, खुद उसकी नेतृत्वकर्ता बनीं और महिलाओं को जोड़ने लगीं। नीतीश सरकार की जीविका योजना ने रेखा दीदी जैसे लाखों महिलाओं को पंख दिए हैं। अब तक रेखा दीदी ने करीब 30 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। पीएमएफ...
चंबल नदी: संकटग्रस्त जलीय जीवों का संरक्षण केंद्र

चंबल नदी: संकटग्रस्त जलीय जीवों का संरक्षण केंद्र

विशेष समाचार
आगरा, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। चंबल क्षेत्र, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के 435 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में फैला है, एक समय में डकैतों और बागियों का गढ़ था। लेकिन अब, यह अपनी स्वच्छ जल और प्राकृतिक विशेषताओं के कारण संकटग्रस्त जलीय जीवों जैसे घड़ियाल, बटागुर कछुआ, डॉल्फिन और इंडियन स्कीमर के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय बन गया है। पिछले एक दशक में चंबल संक्चुअरी में मगरमच्छ की संख्या दोगुनी से अधिक हुई है और चंबल में घड़ियाल और डॉल्फिन की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। 1979 में स्थापित राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों को सम्मिलित करता है। इसकी लंबाई लगभग 440 किलोमीटर है, जिसमें घड़ियाल, मगरमच्छ, बटागुर कछुआ और डॉल्फिन सहित जलीय जीवों के निवास स्थान हैं। घड़ियाल संरक्षण परियोजना 1981 में शुरू की गई थी, जिसके तहत चंबल नदी की जैव विविधता को ...