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Tag: धार्मिक पर्यटन

अयोध्या श्री राम मंदिर: वैश्विक शांति और समृद्धि की नींव

अयोध्या श्री राम मंदिर: वैश्विक शांति और समृद्धि की नींव

लेख
-पंकज जगन्नाथ जयस्वाल अयोध्या, 14 जनवरी | 22 जनवरी, 2024 को दुनिया भर के लाखों लोगों ने **रामलला** की प्राण प्रतिष्ठा में भाग लिया, जिसने **भारत** के आध्यात्मिक पुनर्जागरण की शुरुआत की। **श्री राम** की जन्मभूमि **अयोध्या** सिर्फ एक शहर से कहीं ज़्यादा है; यह एक कालातीत, आध्यात्मिक गूंज है। यह **श्री राम** के धर्म, सत्य, बलिदान और आदर्श जीवन के प्रतीक का प्रतिनिधित्व करता है। **अयोध्या** भारतीय संस्कृति, **सनातन धर्म**, शाश्वत भक्ति और **भारत** को "विश्वगुरु" बनाने के लिए दुनिया में शांति लाने के मार्ग के रूप में एक प्रकाश स्तंभ की तरह खड़ा है, जबकि हाल ही में निर्मित **राम मंदिर** आध्यात्मिक चमक से जगमगा रहा है। श्री राम मंदिर हिंदू दर्शन और संस्कृति की भव्यता को दर्शाता है। इसका विस्तृत डिज़ाइन, जो प्राचीन भारत की कलात्मक और स्थापत्य प्रतिभा का प्रतिनिधित्व करता है, पारंपरिक भारतीय कौशल,...
मकर संक्रांति पर सिद्ध बाबा धाम बनता है श्रद्धा, परंपरा और पर्यटन का संग

मकर संक्रांति पर सिद्ध बाबा धाम बनता है श्रद्धा, परंपरा और पर्यटन का संग

विशेष समाचार
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में घने जंगलों और ऊँची-नीची पहाड़ियों के बीच स्थित सिद्ध बाबा धाम अब सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा, इतिहास, और विकास की जीवंत कहानी बन चुका है। मकर संक्रांति के अवसर पर यह स्थान श्रद्धालुओं से भर जाता है और पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास में डूब जाता है। कुछ वर्ष पहले तक यह प्राचीन शिव मंदिर समय की चुनौतियों का सामना कर रहा था, वहीं आज यह केदारनाथ धाम की तर्ज पर बनाए गए भव्य मंदिर के रूप में श्रद्धालुओं का आकर्षण बन चुका है। रात्रि में जब यह मंदिर रोशनी से जगमगाता है, तो मानो पर्वत पर दिव्यता की छा जाती है। स्थानीय पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग के नोडल अधिकारी और इतिहासकार डॉ. विनोद पांडेय के अनुसार, सिद्ध बाबा धाम की आस्था की जड़ें वर्ष 1928 से जुड़ी हुई हैं। उस समय कारीमाटी क्षेत्र मे...