
रायपुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य रोजगार और स्वावलंबी ग्राम पंचायतों का विकास करना है। उन्होंने यह बैठक महानदी भवन में आयोजित की, जिसमें उन्होंने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन के लागू होने से ग्रामीण विकास की रफ्तार में तेजी आने की संभावना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि इसके लिए बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की प्रगति की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। बैठक में उन्होंने जल संरक्षण के लिए ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान की भी प्रशंसा की।
मंत्री चौहान ने प्रदेश में महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया और अधिकारियों को किसी भी स्थिति में मजदूरी भुगतान लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, बस्तर क्षेत्र में लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए विशेष रणनीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर लंबे समय से विकास से दूर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी कोशिश की जाएगी कि बस्तर का समग्र विकास हो।
बैठक में विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन और अन्य शामिल थीं। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख स्वीकृतियों की जानकारी दी, जिसमें से 17.60 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही, लखपति दीदी पहल के तहत 8000 से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं।
सीएम विष्णु देव साय और अन्य उच्च अधिकारियों की उपस्थिति के बीच हुई इस बैठक में राज्य में नवाचार और रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जानकारी भी साझा की गई।
