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अंतरराष्ट्रीय

मेक्सिकन नेवी हेलिकॉप्टर उड़ान भरते ही लड़खड़ाकर जमीन पर गिरा… कैमरे में कैद हुई घटना

मेक्सिकन नेवी हेलिकॉप्टर उड़ान भरते ही लड़खड़ाकर जमीन पर गिरा… कैमरे में कैद हुई घटना

अंतरराष्ट्रीय
मेक्सिको। सोशल मीडिया (Social media) पर इस समय एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक मेक्सिकन नेवी का हेलिकॉप्टर (Mexican Navy Helicopter Crash) उड़ान भरते ही अचानक लड़खड़ा कर गिर जाता है. इस वीडियो ने मेक्सिकन नौसेना (Mexican Navy) को झकझोर कर रख दिया है. दावा किया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो मेक्सिको के मिशोआकान (Michoacan) राज्य में लाजारो कार्डेनास (Lazaro Cardenas) बंदरगाह से लगभग 370 किमी दक्षिण-पश्चिम में समुद्र के बीचों-बीच हुआ है. फिलहाल इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है। कैसे हुआ यह हादसा?वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे एक मेक्सिकन नौसेना (Mexican Navy) का हेलिकॉप्टर आराम से हेलिपैड पर खड़ा रहता है. इसके बाद वह उड़ान भरने के लिए तैयार होता है. उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद हेलिकॉप्टर अनियंत्रित होकर जमीन पर गिर जाता है. यह हादसा तब ...
5 चीनी कंपनियों पर US ने लगाया बैन, चीन की दो टूक….. कहा-हम नहीं करेंगे प्रतिबंध का पालन

5 चीनी कंपनियों पर US ने लगाया बैन, चीन की दो टूक….. कहा-हम नहीं करेंगे प्रतिबंध का पालन

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
बीजिंग। चीन (China) के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि वह ईरान (Iran) से तेल (Oil) खरीदने के कारण अपनी पांच कंपनियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों (US Sanctions) का पालन नहीं करेगा। चीन हमेशा से ईरानी तेल का एक प्रमुख और महत्वपूर्ण ग्राहक रहा है। चीन में ईरान से यह तेल मुख्य रूप से स्वतंत्र 'टीपॉट' रिफाइनरियों के माध्यम से खरीदा जाता है। ये छोटी और स्वतंत्र रिफाइनरियां होती हैं जो इस्लामिक गणराज्य (ईरान) से भारी छूट पर कच्चा तेल खरीदती हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका (America) का मुख्य लक्ष्य ईरान की अर्थव्यवस्था और उसकी आय के स्रोतों को पूरी तरह से बंद करना है, इसीलिए उसने इस तरह की तेल खरीद करने वाली रिफाइनरियों पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं। चीन का कड़ा रुख और तर्कचीन के वाणिज्य मंत्रालय ने पिछले साल से अलग-अलग समय पर घोषित हुए इन अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ एक आधिका...
गंभीर जलवायु संकट की तरफ बढ़ रही दुनिया…. 2090 तक भीषण गर्मी और सूखे की चपेट में होंगे 260 करोड़ लोग

गंभीर जलवायु संकट की तरफ बढ़ रही दुनिया…. 2090 तक भीषण गर्मी और सूखे की चपेट में होंगे 260 करोड़ लोग

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। दुनिया (World) तेजी से एक ऐसे जलवायु संकट (Climate Crisis) की ओर बढ़ रही है, जहां भीषण गर्मी और सूखा (Extreme heat and Drought)मिलकर अभूतपूर्व खतरा पैदा कर रहे हैं। जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित एक नई स्टडी के अनुसार अगर मौजूदा जलवायु नीतियों में ठोस बदलाव नहीं हुआ, तो सदी के अंत तक वैश्विक आबादी का करीब 28 फीसदी यानी लगभग 260 करोड़ लोग इस दोहरे संकट की चपेट में होंगे। अध्ययन के अनुसार इसका असर आज की तुलना में करीब पांच गुना तक बढ़ सकता है। अध्ययन के अनुसार 2001 से 2020 के बीच हर साल औसतन चार बार ऐसे हालात बने, जब भीषण गर्मी और सूखा एक साथ पड़े। यह आंकड़ा औद्योगिक काल 1850 से 1900 की तुलना में दोगुना है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2090 तक ऐसी घटनाएं साल में करीब 10 बार तक हो सकती हैं और हर घटना करीब दो हफ्ते तक असर डाल सकती है। इसे कहते हैं कंपाउंड एक्सट्रीमजब कई ...
सुपर टैंकर ‘सर्वशक्ति’ ने US नाकेबंदी के बीच पार किया होर्मुज…45 हजार टन LPG लेकर आ रहा भारत

सुपर टैंकर ‘सर्वशक्ति’ ने US नाकेबंदी के बीच पार किया होर्मुज…45 हजार टन LPG लेकर आ रहा भारत

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG gas cylinder) की दिक्कत के बीच एक बड़ी राहत की खबर है। कम से कम 45 हजार टन एलपीजी लेकर भारत (India) का एक सुपर टैंकर 'सर्वशक्ति' (Super Tanker 'Sarvashakti') होर्मुज को पार कर गया है जो कि जल्द ही भारत पहुंच सकता है। आपको बता दें कि अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान की सख्ती के बीच यह बड़ी सफलता है कि भारत से जुड़ा टैंकर इस रास्ते को पार करके आगे बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक कड़ी सुरक्षा के साथ यह टैंकर भारत के पोर्ट पर पहुंचेगा। इसका चालक दल भी भारतीय ही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्गो शिप भारतीय कंपनियों को गैस उपलब्ध करवाने वाला है। हालांकि इस मामले में IOC ने कोई जवाब नहीं दिया है। इससे पहले देश गरिमा नाम का टैंकर तेल लेकर मुंबई पोर्ट पर पहुंचा था। बता दें कि इस्लामाबाद में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज के आसपास नाके...
कुवैत ने अप्रैल माह में नहीं किया तेल का निर्यात…. 35 साल में पहली बार हुआ ऐसा

कुवैत ने अप्रैल माह में नहीं किया तेल का निर्यात…. 35 साल में पहली बार हुआ ऐसा

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
दुबई। एक रिपोर्ट में दावा (Report Claim) किया गया है कि अप्रैल माह (April) में कुवैत (Kuwait) ने तेल (Crude oil) का निर्यात नहीं (Not Export ) किया है। तीन दशकों में पहली बार ऐसा हुआ है, जब कुवैत ने किसी माह में तेल निर्यात नहीं किया। इससे पहले खाड़ी युद्ध के समय ऐसा हुआ था। टैंकर ट्रैकर वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। दुनिया के बड़े तेल प्रोड्यूसर में से एक कुवैत ने 35 बरस में पहली बार ऐसा फैसला लिया है, जिससे पूरी दुनिया हैरान हर रह गई है. इस फैसले से दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में और इजाफा देखने को मिल सकता है। TankerTrackers वेबसाइट के अनुसार, कुवैत ने अप्रैल के दौरान कच्चे तेल का निर्यात नहीं किया. यह तीन दशकों से भी ज़्यादा समय में पहली बार है जब इस खाड़ी उत्पादक देश ने शून्य मासिक कच्चे तेल के निर्यात का रिकॉर्ड बनाया है. X पर एक पोस्ट में, इस मॉनिटरिंग ग्रुप ने ...
फारस की खाड़ी से वापस लौटा दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत….

फारस की खाड़ी से वापस लौटा दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत….

अंतरराष्ट्रीय
वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच जारी तनाव के बीच नया घटनाक्रम सामने आया है। दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत (World's largest Aircraft Carrier) USS जेराल्ड आर. फोर्ड (USS Gerald R. Ford) अब फारस की खाड़ी से वापस लौट रहा है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत ठप पड़ गई है और किसी ठोस समझौते की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। यह युद्धपोत पिछले 10 महीनों से अधिक समय से समुद्र में तैनात था और इस दौरान उसने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाई। इस विमानवाहक पोत की वापसी को अमेरिका की सैन्य रणनीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इसे पूरी तरह से पीछे हटना नहीं कहा जा सकता, क्योंकि क्षेत्र में अभी भी अन्य अमेरिकी युद्धपोत मौजूद हैं। फोर्ड की वापसी से यह तो साफ है कि अमेरिका अब लंबे समय तक भारी सैन्य तैनाती ब...
जर्मनी से 5000 सैनिक वापस बुलाएगा US…. ईरान युद्ध के बीच सहयोगियों से बिगड़े रिश्ते

जर्मनी से 5000 सैनिक वापस बुलाएगा US…. ईरान युद्ध के बीच सहयोगियों से बिगड़े रिश्ते

अंतरराष्ट्रीय
वाशिंगटन। ईरान (Iran) के साथ चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका (America) के उसके यूरोपियन सहयोगियों के साथ भी संबंध खराब होने लगे हैं। इसी बीच अमेरिका (America) ने जर्मनी (Germany) से अपने 5 हजार सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। बता दें कि अभी गुरुवार को ही डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (German Chancellor Friedrich Merz) पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अपने "टूटे हुए देश" पर ध्यान दें और ईरान युद्ध के बारे में सोचने में समय बर्बाद न करें। जर्मनी के चांसलर और ट्रंप में बयानबाजीट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मर्ज को "रूस-यूक्रेन को युद्ध समाप्त कराने" और "अपने टूटे हुए देश को ठीक करने (खास तौर पर आव्रजन और ऊर्जा के मामले में)" पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए तथा ईरान युद्ध के बारे में सोचने में कम समय खर्च करना चाहिए। इससे पहले बुधवार को ट्रं...
US: ट्रंप ने फिर फोड़ा टैरिफ बम…. UN से आने वाले वाहनों पर लगाया 25% टैक्स

US: ट्रंप ने फिर फोड़ा टैरिफ बम…. UN से आने वाले वाहनों पर लगाया 25% टैक्स

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने एक बार फिर से टैरिफ बम (Tariff Bomb) फोड़ा है। इस बार उन्होंने कहा कि वह अगले हफ्ते से यूरोपीय यूनियन (European Union) से आने वाली कारों और ट्रकों पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ा देंगे। वह इसे बढ़ाकर 25 फीसदी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गुट पहले हुए एक व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर लिखा, "इस तथ्य के आधार पर कि यूरोपीय यूनियन हमारे पूरी तरह से सहमत व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहा है, अगले सप्ताह मैं अमेरिका में आने वाली कारों और ट्रकों पर यूरोपीय यूनियन से लिए जाने वाले टैरिफ को बढ़ा दूंगा। टैरिफ को बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा।'' अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ''हालांकि, यदि वे अमेरिका के प्लांट्स में कारों और ट्रकों का प्रोडक्शन करते हैं, तो कोई टैरिफ नहीं...
4 साल के उच्च स्तर पर पहुंचा क्रूड…. ईरान युद्ध चरम पर था तब भी इतने नहीं बढ़े थे दाम

4 साल के उच्च स्तर पर पहुंचा क्रूड…. ईरान युद्ध चरम पर था तब भी इतने नहीं बढ़े थे दाम

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
तेहरान । ईरान युद्ध (Iran War) जब चरम पर था, तब क्रूड (Crude) ने इतनी बड़ी छलांग नहीं लगाई थी। अब जब बातचीत की कोशिशें दिख रही हैं और युद्ध की रफ्तार धीमी हुई है, तब ब्रेंट क्रूड (Brent crude) उछलकर चार साल के उच्च स्तर 126 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। यह विरोधाभास नहीं है। तेल बाजार युद्ध की आवाज नहीं, आपूर्ति की सांस सुनता है। दरअसल, एक्सिओस की एक रिपोर्ट (Axios reports) आने के बाद बृहस्पतिवार को कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 126.41 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जो 9 मार्च, 2022 के बाद इसका उच्चतम स्तर है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बृहस्पतिवार को ईरान पर सैन्य हमलों की एक शृंखला की योजनाओं के बारे में जानकारी दी जानी है। ऐसा इस उम्मीद में किया जा रहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए वापस लौट आएगा। ऊर्जा विशेषज्ञ म...
ईरान के मुद्दे पर US-जर्मनी आमने-सामने….. ट्रंप की चेतावनी के बाद जर्मन विदेश मंत्री का पलटवार

ईरान के मुद्दे पर US-जर्मनी आमने-सामने….. ट्रंप की चेतावनी के बाद जर्मन विदेश मंत्री का पलटवार

अंतरराष्ट्रीय
बर्लिन। जर्मनी (Germany) ने अमेरिका (America) द्वारा अपने सैनिकों की संख्या घटाने की किसी भी संभावना के लिए खुद को पूरी तरह 'तैयार' बताया है। जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल (German Foreign Minister Johann Wadephul) ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) की धमकी के बावजूद नाटो और ट्रांसअटलांटिक साझेदारी को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि ट्रंप ने बुधवार को ईरान मुद्दे पर चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ विवाद के बीच जर्मनी में तैनात हजारों अमेरिकी सैनिकों को कम करने का संकेत दिया था। जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने मोरक्को की यात्रा के दौरान कहा कि हम इसके लिए तैयार हैं। हम नाटो के सभी निकायों में इस मुद्दे पर गहन और विश्वासपूर्ण चर्चा कर रहे हैं तथा अमेरिका से निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी फैसले पर सहय...