ईरान संकट के बीच MSME को री-फाइनेंस का प्रस्ताव… CII ने पेश किया 20 सूत्रीय एजेंडा
नई दिल्ली। ईरान संकट (Iran Crisis) का भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) से लेकर आम आदमी तक पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए उद्योग निकाय भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) (Industry body Confederation of Indian Industry - CII) ने रविवार को एक 20 सूत्रीय एजेंडा पेश किया। इसमें आरबीआई की ओर से सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उद्यमों (एमएसएमई-MSME) और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक विशेष पुनर्वित्त (री-फाइनेंस) खिड़की स्थापित करना भी शामिल है। इससे बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को उत्पादक क्षेत्रों को उचित लागत पर कर्ज देना जारी रखने में मदद मिलेगी।
उद्योग निकाय ने सुझाव दिया कि वित्त मंत्रालय कोविड महामारी के दौरान लागू की गई योजना की तर्ज पर एक समयबद्ध संघर्ष से जुड़ी आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना (सीएल-ईसीएलजीएस) शुरू कर सकता है। इसकी मदद से एमएसएमई, निर्यातकों और गैस ...









