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आर्थिक

EPFO: 25 हजार रुपये वेतन वालों को भी PF और पेंशन का लाभ…. प्रस्ताव को मिली हरी झंडी

EPFO: 25 हजार रुपये वेतन वालों को भी PF और पेंशन का लाभ…. प्रस्ताव को मिली हरी झंडी

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। संगठित क्षेत्र में काम करने वाले उन लाखों कर्मचारियों को भी पीएफ (PF) और पेंशन (Pension) का लाभ मिल सकता है, जिनका मासिक बेसिक वेतन (Monthly Basic Salary) 25,000 रुपये है। वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) (Employees' Provident Fund - EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) (Employees' Pension Scheme -EPS) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इसे केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। नया नियम 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली सभी पंजीकृत कंपनियों पर लागू होगा। आखिरी बार इसमें सितंबर, 2014 में संशोधन किया गया था। पहले 30,000 रुपये करने का था प्रस्तावसूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ ने पहले वेतन सीमा को बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, वित्त मंत्रालय के साथ गहन सम...
FSSAI की बड़ी कार्रवाई… डाबर के कई उत्पादों की बिक्री पर ‘100% प्योर’ वाले दावों के साथ रोक

FSSAI की बड़ी कार्रवाई… डाबर के कई उत्पादों की बिक्री पर ‘100% प्योर’ वाले दावों के साथ रोक

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India- FSSAI) ने डाबर इंडिया लिमिटेड (Dabur India Limited) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. FSSAI ने डाबर के कई प्रोडक्ट्स पर '100 प्रतिशत' वाले भ्रामक दावों (Misleading claims) के साथ बिक्री करने पर रोक लगा दी है. FSSAI ने जांच में पाया कि वेबसाइट पर प्रोडक्ट्स के लिए '100% नेचुरल', '100% प्योर', '100% प्योरिटी गारंटेड', '100% ऑर्गेनिक' और '100% टेंडर कोकोनट वॉटर' जैसे दावों का खुलकर इस्तेमाल किया जा रहा था। ऑथोरिटी ने बताया कि इस तरह के दावे फूड सिक्योरिटी लॉ का उल्लंघन करते हैं. ऐसे दावे 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018' के खिलाफ हैं. ये दावे अस्पष्ट और असत्यापित हैं, जो सीधे तौर पर ग्राहकों को गुमराह करते हैं।. किन प्रोडक्ट्स पर लगा ये बैन?FSSAI ने सोशल मीडिया पर बताया...
हमारी छोटी-छोटी लापहवाहियां देश पर बढ़ा रही आर्थिक बोझ…. 3 साल में खराब हो गए 62.13 अरब नोट

हमारी छोटी-छोटी लापहवाहियां देश पर बढ़ा रही आर्थिक बोझ…. 3 साल में खराब हो गए 62.13 अरब नोट

आर्थिक, राष्ट्रीय
कानपुर। जेब से निकला मुड़ा नोट... उस पर लिखा मोबाइल नंबर... कोने पर लगी स्टेपल... या पर्स में ठूंसकर रखा गया गंदा नोट। ये ऐसे दृश्य हैं जो रोज दिखाई देते हैं, लेकिन यही छोटी-छोटी लापरवाहियां (Negligence) देश पर बड़ा आर्थिक बोझ (Heavy Economic Burden) डाल रही हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) (Reserve Bank of India - RBI) के आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ तीन वर्षों में 62.13 अरब नोट घिसने, फटने और गंदे होने के कारण चलन से बाहर करने पड़े। विशेषज्ञों का कहना है कि नोटों को संभालकर रखने की आदत न सिर्फ उनकी उम्र बढ़ा सकती है, बल्कि नए नोट छापने पर होने वाला भारी खर्च भी घटा सकती है। रिजर्व बैंक की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक , वर्ष 2024-25 नोटों के खराब होने के मामले में सबसे भारी साल रहा। इस एक वर्ष में ही 23.86 अरब नोट चलन से बाहर करने पड़े। 2025-26 में खराब होने के कारण चलन से बाहर होने वाले...
कच्चे तेल की खोज….. समुद्र मंथन योजना पर 84084 करोड़ खर्च करेगा भारत

कच्चे तेल की खोज….. समुद्र मंथन योजना पर 84084 करोड़ खर्च करेगा भारत

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्‍ली। भारत (India) एनर्जी निर्भरता (Energy Dependence) को कम करने के लिए कई बड़े कदम उठा रहा है. अब भारत ने समुद्र से कच्‍चे तेल (Crude Oil) को निकालने के लिए एक योजना शुरू किया है. इस योजना के तहत समुद्र के नीचे अधिक तेल और प्राकृतिक गैस की खोज की जाएगी. यह एक लॉन्‍गटर्म स्‍कीम है. इस प्रोग्राम का नाम 'समुद्र मंथन' रखा गया है. नेशनल आफसोर एक्‍सप्‍लोरेशन योजना (समुद्र मंथन) के तहत 84,084 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है. यह खर्च वित्त वर्ष 2030-31 तक चलेगा, जिसका लक्ष्य गहरे जल क्षेत्रों में घरेलू तेल और गैस की खोज को बढ़ावा देकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है. समुद्र में उन जगहों पर तेल और गैस की खोज की जाएगी, जहां पर विशाल संसाधन मौजूद हैं और अभी तक किसी ने खोज नहीं की है। सरकार के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस नजरिए को दर्शाती है, जिसे उन्होंने...
केंद्र सरकार की जुलाई में बंपर कमाई…. GST कलेक्‍शन 15.4% बढ़कर ₹2.11 करोड़ पहुंचा

केंद्र सरकार की जुलाई में बंपर कमाई…. GST कलेक्‍शन 15.4% बढ़कर ₹2.11 करोड़ पहुंचा

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्‍ली। जुलाई महीने (July Month) में केंद्र सरकार (Central Government) को बंपर कमाई हुई है. सरकारी कोष में जीएसटी (GST) और टैक्‍स (Tax) से मोटी रकम शामिल हुई है. शनिवार को जारी सरकार के मंथली जीएसटी राजस्व आंकड़ों के अनुसार, घरेलू खपत में मजबूती, उच्च अनुपालन और आयात से टैक्‍स कलेक्‍शन (Tax collection) में तेज बढ़ोतरी के कारण जुलाई 2026 में भारत के सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्‍शन में साल-दर-साल 15.4% की बढ़ोतरी हुई और यह 2.11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वैश्विक अनिश्चितताओं और वेस्‍ट एशिया में भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद मजबूत आर्थिक गतिविधि को दर्शाते हुए, कलेक्‍शन लगातार दूसरे महीने 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े से ऊपर बना रहा. घरेलू ट्रांजैक्‍शन से मिले सकल जीएसटी कलेक्‍शन जुलाई में पिछले साल के ₹1.31 लाख करोड़ से 10.1% बढ़कर ₹1.45 लाख करोड़ हो गया। आयात से मिले जीएसटी क...
IOC को 2,661.37 करोड़ का घाटा… कंपनी बोली- पेट्रोल-डीजल-LPG के दाम नहीं से हुआ नुकसान

IOC को 2,661.37 करोड़ का घाटा… कंपनी बोली- पेट्रोल-डीजल-LPG के दाम नहीं से हुआ नुकसान

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। सरकारी पेट्रोलियम कंपनी (State-Owned Petroleum Company) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) (Indian Oil Corporation - IOC) ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही (April-June quarter) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को 2,661.37 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 5,688.60 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था जबकि जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने 11,377.51 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। घाटे की वजह क्या है?आईओसी के चेयरमैन ए.एस साहनी ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी ने अन्य सरकारी तेल कंपनियों की तरह पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) के दाम नहीं बढ़ाए। इसका नुकसान कंपनी को उठाना पड़ा। हालांकि, इससे हुए नुकसान की भरपाई काफी हद तक तेल रिफाइनरी मार्जिन और परिचालन दक्षता में सुधार से हुई। उन्हो...
ITR से लेकर LPG-तत्काल टिकट बुकिंग तक…. 1 अगस्त से बदल जाएंगे ये नियम

ITR से लेकर LPG-तत्काल टिकट बुकिंग तक…. 1 अगस्त से बदल जाएंगे ये नियम

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। हर नए महीने की पहली तारीख अपने साथ कई नए बदलाव (Rules Changing ) लेकर आती है, जिनका सीधा असर देश के आम नागरिकों के घरेलू बजट और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ता है। 1 अगस्त 2026 ( 1st August 2026) से भी देश में कई महत्वपूर्ण नियम (New Rules) बदलने जा रहे हैं, जो सीधे आपकी जेब, यात्रा, टैक्स और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े हुए हैं। इन नए नियमों में रसोई गैस (LPG) की कीमतों से लेकर, रेलवे (Railways, Banking) की तत्काल टिकट खिड़की, क्रेडिट कार्ड के सर्विस चार्ज, आईटीआर पेनल्टी और पहचान सत्यापन की पूरी व्यवस्था शामिल है। सही जानकारी न होने पर आपको वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। आइए बेहद आसान और सरल भाषा में समझते हैं कि 1 अगस्त से देश में कौन से 5 बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतेंतेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडरों के दामों की समीक्षा...
US: चीनी रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स से देश की सुरक्षा पर खतरा…! ट्रंप सरकार ने किए बैन

US: चीनी रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स से देश की सुरक्षा पर खतरा…! ट्रंप सरकार ने किए बैन

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वाशिंगटन। रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स (Robotic Vacuum Cleaners) इनोवेशन और इंजीनियरिंग (Innovation and Engineering) का शानदार नमूने की तरह हैं. लेकिन रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स सुरक्षा के लिहाज से कई बार खतरनाक साबित हो सकते हैं. अमेरिका (America) में अब रोबोट वैक्यूम क्लीनर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. अमेरिकी सरकार ने नए नियम लागू किए हैं, जिनकी वजह से चीन समेत दूसरे देशों में बने कई नए रोबोट वैक्यूम क्लीनर अमेरिकी बाजार में नहीं आ पाएंगे. इस फैसले के पीछे वजह नैशनल सिक्योरिटी बताई गई है। यह फैसला अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने लिया है. पहले माना जा रहा था कि यह नियम सिर्फ ह्यूमनॉइड रोबोट और रोबोट डॉग पर लागू होगा, लेकिन बाद में साफ किया गया कि इसमें ऐसे रोबोट वैक्यूम क्लीनर भी शामिल हैं जो सेंसर, कैमरा, वायरलेस कनेक्टिविटी और सॉफ्टवेयर की मदद से अपने आसपास का नक्शा बनाकर काम...
US में विदेशी छात्रों को बड़ा झटका देने की तैयारी…. पढ़ाई के बाद नौकरी के लिए देनी पड़ेगी 83 लाख की फीस!

US में विदेशी छात्रों को बड़ा झटका देने की तैयारी…. पढ़ाई के बाद नौकरी के लिए देनी पड़ेगी 83 लाख की फीस!

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वाशिंगटन। ट्रंप सरकार (Trump Government) अमेरिका (America) में उच्च शिक्षा लेने वाले विदेशी छात्रों को बड़ा झटका देने की तैयारी में है. इसके तहत अमेरिकी यूनिवर्सिटी (American University) से पढ़ाई पूरी करने के बाद विदेशी छात्रों को काम करने के लिए 1 लाख डॉलर (लगभग 83 लाख रुपये) की फीस देनी पड़ सकती है। अमेरिकी सरकार ये फीस 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) प्रोग्राम पर लागू करेगी. ये व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अपने स्टूडेंट वीजा पर ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद एक से तीन साल तक अमेरिका में काम करने की परमिशन देती है। साल 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 4,19,000 विदेशी छात्र इस प्रोग्राम के तहत अमेरिका में काम कर रहे थे. सूत्रों की मानें तो अगर ये नियम लागू होता है, तो अमेरिका जाकर पढ़ाई करने का विदेशी छात्रों का रुझान काफी कम हो सकता है। इस कदम को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ...
सिग्निफाई ने लॉन्च की फिलिप्स फोकसग्लो रेंज, आंखों के आराम और प्राकृतिक रोशनी पर जोर

सिग्निफाई ने लॉन्च की फिलिप्स फोकसग्लो रेंज, आंखों के आराम और प्राकृतिक रोशनी पर जोर

आर्थिक, लाइफस्टाइल
नई दिल्ली। प्रकाश क्षेत्र की वैश्विक कंपनी सिग्निफाई ने भारतीय बाजार में फिलिप्स फोकसग्लो लाइटिंग रेंज पेश की है। कंपनी का दावा है कि यह श्रृंखला लंबे समय तक कृत्रिम रोशनी में पढ़ाई या काम करने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। इसमें आंखों के आराम के साथ प्राकृतिक रंगों की स्पष्टता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है। कंपनी के अनुसार, फिलिप्स फोकसग्लो रेंज 90 से अधिक कलर रेंडरिंग इंडेक्स (सीआरआई) प्रदान करती है, जिससे वस्तुओं के रंग प्राकृतिक रूप में दिखाई देते हैं। साथ ही इसमें आई-कम्फर्ट तकनीक का उपयोग किया गया है, जो फ्लिकर (रोशनी के कंपन) को कम कर आंखों पर पड़ने वाले तनाव को घटाने में मदद करती है। यह नई रेंज 12 वॉट एलईडी लैंप, 25 और 30 वॉट की ट्यूबलाइट तथा स्काई और ऑर्बिट नामक दो डेस्क लैंप में उपलब्ध है। कंपनी का कहना है कि ये उत्पाद घर, अध्ययन कक्ष और लं...