
बलरामपुर, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। चक्रवात के संभावित प्रभाव से उत्पन्न बारिश की आशंका के मद्देनज़र, जिला प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियाँ तेज करने का निर्देश दिया। सोमवार को कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के अध्यक्षता में बुलाई गई समय-सीमा की बैठक में मौसम की स्थिति, गिरदावरी कार्य और राज्योत्सव की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी के साथ-साथ फसल रिकॉर्ड का 100 % त्रुटिरहित सत्यापन सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 28 और 29 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना है। इस आधार पर कलेक्टर ने राजस्व अमले और आपदा प्रबंधन टीम को सतर्क रहने का निर्देश दिया। जलभराव और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों की पहचान कर वहां निगरानी बढ़ाने तथा ज़रूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुँचाने की व्यवस्था रखने को कहा।
जिला और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के साथ राजस्व, पुलिस, नगर निगम, पंचायत, स्वास्थ्य और विद्युत विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश दिया गया। निचले इलाकों में राहत एवं बचाव की व्यवस्था पहले से तैयार रखने तथा एसडीआरएफ, होमगार्ड और अन्य बचाव दलों को ज़रूरी उपकरणों के साथ तैयार रहने को कहा गया। जलाशयों और बांधों के जल स्तर पर नजर रखने के साथ पानी छोड़े जाने की स्थिति में संबंधित क्षेत्रों के लोगों को समय रहते सूचना देने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग से प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित निगरानी तथा दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। जोखिम वाले क्षेत्रों में मुंहाली कर लोगों को सतर्क करने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुँचाने के आदेश भी जारी किये।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से नदियों, जलप्रपातों और उफनते जलस्रोतों के पास न जाने की अपील की। लोगों को डूबे हुए रास्तों, पुलों, बैरियर लगे स्थानों को पार करने से बचने तथा गिरे हुए बिजली के तारों से दूर रहने को कहा गया। विशेषकर रात में अनावश्यक यात्रा से बचने तथा बच्चों व बुजुर्गों का ध्यान रखने की सलाह दी। आपात स्थिति में 112 या जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर 07831‑273002 पर संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में गिरदावरी और ई‑गिरदावरी कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने फसल रिकॉर्ड में किसी भी त्रुटि को न रहने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खसरों के भौतिक सत्यापन से दर्ज फसल की वास्तविक स्थिति की पुष्टि होगी और किसानों को योजनाओं का लाभ सही रिकॉर्ड के आधार पर मिलेगा। सत्यापन में जिला, अनुभाग और तहसील स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई।
निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जिला‑स्तरीय अधिकारी आवंटित गांवों में 1 %, पाँच उप‑विभागीय अधिकारी राजस्व अपने क्षेत्रों में 5 %, 19 तहसीलदार और नायब तहसीलदार 10 %, तथा 13 कृषि विस्तार अधिकारी और 23 राजस्व निरीक्षक 25–25 % खसरों का सत्यापन करेंगे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को समय‑सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में आगामी राज्योत्सव की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। जिला 2 नवंबर को हाई‑स्कूल ग्राउंड में राज्योत्सव आयोजित करेगा, इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ है। इसमें लघु उद्यमियों, दिव्यांगियों और स्वयं‑सहायता समूहों की महिलाओं की आजीविका गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से समय पर तैयारियों को पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, आर. एस. लाल, बालेश्वर राम, अभिषेक गुप्ता, सभी एसडीएम और जिला‑स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
