
सुरजपुर, 26 अक्टूबर (हिंदी संस्करण)। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत एक कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट और साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य बालकों को लैंगिक अपराधों और ऑनलाइन दुरुपयोग से सुरक्षित रखना तथा उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हिमांशु पण्डा मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने सरल भाषा में बालकों के संरक्षण अधिनियम, 2012 अर्थात् पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का वर्णन किया और जोर दिया कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है बच्चों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना।
वक्ता ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, अज्ञात व्यक्तियों के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने, तथा इंटरनेट पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सतर्क रहने की सलाह दी। किसी अनुचित परिस्थिति का सामना करने पर विश्वसनीय व्यक्ति या संबंधित प्राधिकरण से मदद लेने के महत्व पर बल दिया।
साथ ही, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका और नागरिकों को मिलने वाली कानूनी सुविधाओं का विस्तृत परिचय दिया गया। विद्यार्थियों को नालसा की टोल‑फ्री हेल्पलाइन 15100 के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई।
यह कार्यक्रम दिवस न्यायाधीश एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष थॉमस एक्का के मार्गदर्शन तथा सचिव पायल टोपनो के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। विद्यालय के प्राचार्य सुनिल कुजूर, वरिष्ठ एवं प्रभारी शिक्षक ओमप्रकाश राजवाड़े, तथा पैरालीगल वॉलंटियर्स सत्य नारायण और उमेश कुमार राजवाड़े भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
अभियान का पहला चरण 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला है, और बाद में 12 नवंबर 2026 से 2027 तक विद्यालयों में क्षमता निर्माण और जागरूकता से संबंधित गतिविधियाँ जारी रहेंगी।
